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Lakhimpur Kheri News: ठुठवा मेले में श्रद्धा का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Thu, 06 Nov 2025 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:40 PM IST
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घाघरा नदी में स्नान करने श्रद्धालु-संवाद
धौरहरा। ईसानगर क्षेत्र के ठुठवा मेले में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को मेलार्थियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन भी घाघरा घाट पर स्नान कर पुरोहितों को दान दक्षिणा दी। मेले में लोगों ने जरूरत के सामान खरीदने के साथ बच्चों के साथ सर्कस, काला जादू और झूलों का आनंद लिया।
लोगों ने बच्चों के साथ मेले में गर्म कपड़े, रजाई के लिए रुई और घरेलू उत्पाद की वस्तुओं की खरीदारी की। बच्चों ने झूले और काला जादू सर्कस का आनंद उठाया।
मेले में आए बच्चों ने निशानेबाजी में हाथ आजमाते हुए एयर गन से गुब्बारों पर निशाना लगाकर आनंद उठाया, वहीं मेले में चाट, फास्ट फूड और सोफ्टी का मेलार्थियो ने आनंद लिया। इसके अलावा धौरहरा की मशहूर खीर मोहन का भी मेलार्थियों ने लुत्फ उठाया।
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वहीं, ठुठवा मेले में आज भी हाथों में नाम लिखवाने (लिलवा गुदवाने) की परंपरा कायम है। जहां शहरों में लोग टैटू बनवाते हैं, उसे यहां लिलवा गुदवाना कहा जाता है। यहां युवक युवतियां खूब लिलवा गुदवाते हैं। कोई महिला और युवक एक दूसरे का नाम तो कोई अपने आराध्य का नाम हाथों में लिखावाता देखा गया।
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लोगों ने बच्चों के साथ मेले में गर्म कपड़े, रजाई के लिए रुई और घरेलू उत्पाद की वस्तुओं की खरीदारी की। बच्चों ने झूले और काला जादू सर्कस का आनंद उठाया।
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मेले में आए बच्चों ने निशानेबाजी में हाथ आजमाते हुए एयर गन से गुब्बारों पर निशाना लगाकर आनंद उठाया, वहीं मेले में चाट, फास्ट फूड और सोफ्टी का मेलार्थियो ने आनंद लिया। इसके अलावा धौरहरा की मशहूर खीर मोहन का भी मेलार्थियों ने लुत्फ उठाया।
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वहीं, ठुठवा मेले में आज भी हाथों में नाम लिखवाने (लिलवा गुदवाने) की परंपरा कायम है। जहां शहरों में लोग टैटू बनवाते हैं, उसे यहां लिलवा गुदवाना कहा जाता है। यहां युवक युवतियां खूब लिलवा गुदवाते हैं। कोई महिला और युवक एक दूसरे का नाम तो कोई अपने आराध्य का नाम हाथों में लिखावाता देखा गया।