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पति की प्रेरणा से उठाया कदम

Wed, 10 Feb 2016 11:35 PM IST
बिजुआ (लखीमपुर खीरी)।
बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। Updated Wed, 10 Feb 2016 11:35 PM IST
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A step inspired by husband
मौत से जंग लड़ रहे सैनिक हनुमंथप्पा को किडनी देने की पेशकश करने वाली निधि पांडेय के पति दीपक रेगुलर ब्लड डोनर हैं। उन्होनें अब तक 14 बार ब्लड डोनेट कर कई जिंदगी बचाई हैं। इतना ही नहीं, दीपक मरने के बाद अपनी आंखें दान करने की घोषणा कर सीतापुर आंख के अस्पताल में अपना शपथ पत्र दाखिल कर चुके हैं। वहीं केजीएमसी लखनऊ को पत्र लिखकर अपने देहदान की इच्छा भी जाहिर की है।
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निधि को किडनी देने की प्रेरणा अपने पति दीपक से ही मिली। बस यूनियन में प्राइवेट नौकरी कर रहे दीपक पड़रिया तुला में एक किराए के मकान में रहते हैं। पत्नी निधि पास में ही अपनी बुटीक चलाकर घर के खर्च चलाने में पति का हाथ बटाती है। दीपक की आंख दान करने की घोषणा में निधि की भी सहमति रही है। करीब आठ माह पहले दीपक ने लखनऊ के केजीएमयू को पत्र लिखकर मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई के लिए अपनी देहदान की इच्छा जाहिर करते हुए सहमति मांगी है। वह लखनऊ मेडिकल कालेज से आने वाले पत्र के इंतजार में हैं। पति की ऐसी समाज के प्रति
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सरिता ने कहा, कैसे भूल सकते हैं सैनिकों को
बिजुआ। किसी अंजान शख्स की जान बचाने के लिए किडनी की पेशकश करने वाली सरिता उर्फ निधि का पांच साल का मासूम सा बेटा आयुष भी है। निधि के निर्णय से अचानक उनके परिवार के लोग भी परेशान होने लगे। लोगों के सवाल पर निधि का एक जवाब सबकी जुबान को बंद कर देने के लिए काफी है कि जब देश का जवान हम लोगों को बचाने के लिए रात-दिन जंगल, नदी पहाड़ों पर बैठकर पहरा देते हैं, वह तो अपने बच्चों से यह भी वादा नही कर पाते कि अगली बार बेटा जरूर आऊंगा, तो ऐसे में हम कैसे उनको भूल सकते हैं।
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बुद्धिजीवियों ने कहा जितनी सराहना की जाए कम है
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। लांस नायक हनुमंथप्पा को किडनी देने की पेशकश करने वाली सरिता पांडेय पर पूरे जिले को नाज है। जिले के बुद्धिजीवियों ने जहां सरिता पांडेय के इस साहसिक कदम की सराहना की है वहीं इसे जिले का गौरव बढ़ाने वाले काम बताया है।

मातृभूमि लिए कुर्बानी जैसा है
हमारे सैनिक देश की सीमाओं पर अपनी जान कुर्बान कर सकते हैं तो देश के लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है। सरिता पांडेय ने यह फैसला करके मातृभूमि के लिए एक तरह से कुर्बानी ही दी है।
-डॉ.सत्येंद्र दुबे, प्रोफेसर वाईडी डिग्री कालेज

सरिता ने दिखाई हिम्मत
जितनी प्रशंसा की जाए कम है खास कर जिस तरह एक महिला ने देश के सैनिकों के लिए आगे बढ़कर इस तरह की हिम्मत दिखाई है उससे देश के लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए।
-डॉ.आरके सिंह, प्राचार्य वाईडी डिग्री कॉलेज

जिले को गौरवान्वित किया
आज देश में ऐसे भी लोग हैं जो कहते हैं सिपाही तो मरने के लिए बने हैं। ऐसे में हमारे जिले की एक महिला ने सैनिक का जीवन बचाने के लिए किडनी देने जैसा फैसला लिया है। उसकी प्रशंसा शब्दों से करना मुश्किल है।
-डॉ.निरुपमा अशोक, प्राचार्य भगवानदीन डिग्री कॉलेज

सभी को लेनी चाहिए प्रेरणा
बड़े ही गौरव की बात है कि देश के जवान की जान बचाने के लिए हमारे जिले की महिला ने आगे बढ़कर इतना बड़ा फैसला लिया है। देश के लोगों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

-डॉ.उमा कटियार, समाज सेवी

सैनिक के लिए बच्चों ने की प्रार्थना
लखीमपुर खीरी। देश के सैनिक हनुमंथप्पा के स्वास्थ्य लाभ को लेकर शहर के अजमानी इंटर नेशनल स्कूल के बच्चों ने प्रार्थना की। यहां बच्चों ने देश के सैनिकों के जज्बे को सलाम किया तथा सैनिक हनुमंथप्पा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
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