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मनमाफिक आरक्षण चाहते हैं प्रधान पद के दावेदार!
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 24 Jul 2015 07:24 PM IST
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जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण और रैपिड सर्वे का काम आखिरी चरण में पहुंचने के साथ ही ग्राम पंचायतों में मनमाफिक आरक्षण लागू कराने की होड़ मच गई है। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रधान पद के दावेदारों ने प्रार्थना-पत्र देने के साथ ही राजनीतिक स्तर पर भी दावपेंच आजमाने शुरू कर दिए हैं। अधिकतर प्रत्याशी इस फेर में लगे हैं कि उनके ग्राम पंचायत में आरक्षण लागू हो।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अक्तूबर माह में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश जारी कर दिया है। इसी क्रम में शासनादेश जारी होने के बाद 10 सितंबर तक डेटा सूची का प्रकाशन कर लेना है। आयोग का निर्देश जारी होने के बाद पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। तमाम मौजूदा प्रधानों और इस पद के दावेदारों ने प्रार्थना-पत्र देकर यह मांग की है कि उनके ग्राम पंचायत में आरक्षण किया जाए तो वहीं तमाम प्रत्याशी ऐसे हैं जो पिछले चुनाव में आरक्षण लागू होने का हवाला देते हुए ग्राम पंचायत को आरक्षण मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। इधर अधिकारियों का कहना है कि जिले में रैपिड सर्वे और मतदाता पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है, इससे प्रत्याशियों में चुनाव को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
इस बार दो महीने में निपटा सर्वे कार्य
पिछले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सर्वे का कार्य पांच अक्तूबर 2004 को शुरू किया गया था, जो अप्रैल 2005 में पूरा किया जा सका। इस बार पंचायत चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण रैपिड सर्वे और मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 19 मई को शुरू होकर जुलाई तक पूरा कर लिया गया। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को जल्द से जल्द कराने के लिए काम पूरा कराने में जुटा हुआ है।
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डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण और रैपिड सर्वे का कार्य आखिरी चरण में है। प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शासनादेश जारी होते ही आरक्षण सूची का प्रकाशन पूरा कर लिया जाएगा। पंचायतों में आरक्षण लागू कराने के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रार्थना-पत्र आ रहे हैं।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने अक्तूबर माह में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश जारी कर दिया है। इसी क्रम में शासनादेश जारी होने के बाद 10 सितंबर तक डेटा सूची का प्रकाशन कर लेना है। आयोग का निर्देश जारी होने के बाद पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। तमाम मौजूदा प्रधानों और इस पद के दावेदारों ने प्रार्थना-पत्र देकर यह मांग की है कि उनके ग्राम पंचायत में आरक्षण किया जाए तो वहीं तमाम प्रत्याशी ऐसे हैं जो पिछले चुनाव में आरक्षण लागू होने का हवाला देते हुए ग्राम पंचायत को आरक्षण मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। इधर अधिकारियों का कहना है कि जिले में रैपिड सर्वे और मतदाता पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है, इससे प्रत्याशियों में चुनाव को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
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इस बार दो महीने में निपटा सर्वे कार्य
पिछले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सर्वे का कार्य पांच अक्तूबर 2004 को शुरू किया गया था, जो अप्रैल 2005 में पूरा किया जा सका। इस बार पंचायत चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण रैपिड सर्वे और मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 19 मई को शुरू होकर जुलाई तक पूरा कर लिया गया। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को जल्द से जल्द कराने के लिए काम पूरा कराने में जुटा हुआ है।
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डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण और रैपिड सर्वे का कार्य आखिरी चरण में है। प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शासनादेश जारी होते ही आरक्षण सूची का प्रकाशन पूरा कर लिया जाएगा। पंचायतों में आरक्षण लागू कराने के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रार्थना-पत्र आ रहे हैं।