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सावन माह की शुरुआत आज से
Lakhimpur
Updated Sun, 13 Jul 2014 05:35 AM IST
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छोटी काशी में तैयारियां शुरू, प्रशासन ने व्यवस्थाओं को परखा
लखीमपुर खीरी। सावन की शुरुआत रविवार से हो रही है। इस दिन से छोटी काशी के नाम से विख्यात नगर गोला गोकर्णनाथ में मेला शुरू हो जाता है, जिसके लिए यहां एक दिन पहले प्रशासन और पुलिस ने पूरा होमवर्क किया। यातायात नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं को पूजन में कोई दिक्कत न हो, इसके इंतजाम शुरू कर दिए गए। उधर जिले भर के शिव मंदिरों समेत अन्य मंदिरों में भी पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गईं, जिसमें लखीमपुर के लिलौटीनाथ मंदिर, भुइफोरवानाथ, जंगलीनाथ, ओयल के मेढक मंदिर, मोहम्मदी के टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर, अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर, धौरहरा के कफारा में लीलानाथ मंदिर आदि प्रमुख हैं।
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सावन भर मंदिरों के पास न बिके मांस : एसपी
गोला गोकर्णनाथ। एसपी अरविंद सेन ने सावन मेले की तैयारियां, सुरक्षा प्रबंध सहित कई बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर पशु पालकों और मांस बेचने वालों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिरों के पास सावन भर मांस बिक्री न हो तथा रविवार दोपहर के बाद से मंगलवार तक मांस बिक्री न की जाए। साथ ही पशु पालकों से कहा कि अलविदा और ईद की नमाज के समय और सावन के सोमवार को अपने पशुओं को बाड़े में बंद रखें, जिनके पास बाड़े नहीं हैं वे लोग अपने पशुओं को शहर से बाहर जंगल में ले जाएं। इस मौके पर एसडीएम एसपी सिंह, सीओ मधुवन कुमार सिंह, नवागत कोतवाल एके उपाध्याय मौजूद रहे।
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सड़कें होंगी शिवमय
ममरी। रविवार से सावन मेले की शुरुआत होते ही माहौल शिवमय हो जाएगा।
सावन मेले के चलते अहमदनगर के प्राचीन क्लेशहरण मंदिर और गोला के प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करने आने वाले पदयात्री कांवड़ियों की सड़कों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। पहला सोमवार 14 जुलाई को है, कांवड़ियों का आवागमन रविवार से ही शुरू हो जाएगा। जो डमरुआ वाले की जय जयकार कर सड़कों का वातावरण शिवमय बना देंगे। यह सिलसिला सावन भर जारी रहेगा। पदयात्री कांवड़ियों की सर्वाधिक भीड़ गोला-खुटार और गोला-शाहजहांपुर मार्ग पर देखने को मिलती है। जिनके कंधों पर रखी रंग बिरंगी आकर्षक कांवड़ें देखते ही बनती हैं।
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कंजा बाबा मंदिर पर मिलेगा फलाहार
गोला गोकर्णनाथ। मोहम्मदी रोड स्थित कंजा बाबा हनुमान मंदिर आश्रम पर कांवड़ियों को रात-दिन फलाहार वितरित किया जाएगा। सेवादार राजेश गुप्ता गुड्डन और अवधेश जायसवाल ने बताया कि सावन में गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को श्रद्धालुओं के सहयोग से रात और दिन चाय और फलाहार वितरित किया जाएगा।
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लखीमपुर खीरी। सावन की शुरुआत रविवार से हो रही है। इस दिन से छोटी काशी के नाम से विख्यात नगर गोला गोकर्णनाथ में मेला शुरू हो जाता है, जिसके लिए यहां एक दिन पहले प्रशासन और पुलिस ने पूरा होमवर्क किया। यातायात नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं को पूजन में कोई दिक्कत न हो, इसके इंतजाम शुरू कर दिए गए। उधर जिले भर के शिव मंदिरों समेत अन्य मंदिरों में भी पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गईं, जिसमें लखीमपुर के लिलौटीनाथ मंदिर, भुइफोरवानाथ, जंगलीनाथ, ओयल के मेढक मंदिर, मोहम्मदी के टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर, अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर, धौरहरा के कफारा में लीलानाथ मंदिर आदि प्रमुख हैं।
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सावन भर मंदिरों के पास न बिके मांस : एसपी
गोला गोकर्णनाथ। एसपी अरविंद सेन ने सावन मेले की तैयारियां, सुरक्षा प्रबंध सहित कई बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर पशु पालकों और मांस बेचने वालों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिरों के पास सावन भर मांस बिक्री न हो तथा रविवार दोपहर के बाद से मंगलवार तक मांस बिक्री न की जाए। साथ ही पशु पालकों से कहा कि अलविदा और ईद की नमाज के समय और सावन के सोमवार को अपने पशुओं को बाड़े में बंद रखें, जिनके पास बाड़े नहीं हैं वे लोग अपने पशुओं को शहर से बाहर जंगल में ले जाएं। इस मौके पर एसडीएम एसपी सिंह, सीओ मधुवन कुमार सिंह, नवागत कोतवाल एके उपाध्याय मौजूद रहे।
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सड़कें होंगी शिवमय
ममरी। रविवार से सावन मेले की शुरुआत होते ही माहौल शिवमय हो जाएगा।
सावन मेले के चलते अहमदनगर के प्राचीन क्लेशहरण मंदिर और गोला के प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करने आने वाले पदयात्री कांवड़ियों की सड़कों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। पहला सोमवार 14 जुलाई को है, कांवड़ियों का आवागमन रविवार से ही शुरू हो जाएगा। जो डमरुआ वाले की जय जयकार कर सड़कों का वातावरण शिवमय बना देंगे। यह सिलसिला सावन भर जारी रहेगा। पदयात्री कांवड़ियों की सर्वाधिक भीड़ गोला-खुटार और गोला-शाहजहांपुर मार्ग पर देखने को मिलती है। जिनके कंधों पर रखी रंग बिरंगी आकर्षक कांवड़ें देखते ही बनती हैं।
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कंजा बाबा मंदिर पर मिलेगा फलाहार
गोला गोकर्णनाथ। मोहम्मदी रोड स्थित कंजा बाबा हनुमान मंदिर आश्रम पर कांवड़ियों को रात-दिन फलाहार वितरित किया जाएगा। सेवादार राजेश गुप्ता गुड्डन और अवधेश जायसवाल ने बताया कि सावन में गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को श्रद्धालुओं के सहयोग से रात और दिन चाय और फलाहार वितरित किया जाएगा।