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ढखेरवा कांड में तत्कालीन एसओ पर कार्रवाई
Lakhimpur
Updated Fri, 30 May 2014 05:32 AM IST
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एएसपी की जांच पर एसपी ने तीन साल तक प्रमोशन और सेवा लाभ रोका
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। ढखेरवा कांड में तीन साल बाद एएसपी की जांच रिपोर्ट पर एसपी अरविंद सेन ने तत्कालीन एसओ नितिन कसाना पर कार्रवाई की है। एसपी ने एसओ के खिलाफ मिस कंडक्ट जारी करते हुए तीन साल तक प्रमोशन और सेवा लाभ पर रोक लगा दी है। एसपी की इस कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए एसओ ने डीआईजी के यहां अपील दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
आरोप है कि कि नवंबर 2011 में पुलिस ने ढखेरवा कस्बे के दुकानदार रंजीत को हिरासत में लेकर पुलिस चौकी के अंदर उसकी जमकर पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस हिरासत में दुकानदार रंजीत की मौत की घटना के बाद दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में लोग इस कदर नाराज हो गए कि पुलिस चौकी में घुसकर आग लगा दी थी और वाहनों को तोड़ दिया था। इस मामले में प्रथम दृष्टया भीड़ को रोेकने में लापरवाही करने पर 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने अर्द्ध न्यायिक जांच शुरू की थी। इससे पहले कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जांच हो चुकी है। एएसपी ने तत्कालीन एसओ नितिन कसाना के खिलाफ जांच में उन्हें दोषी माना और अपनी रिपोर्ट दे दी। जिस पर एसपी अरविंद सेन ने कार्रवाई की है। एसपी ने एसओ नितिन कसाना के प्रमोशन और सेवा लाभ पर रोक लगा दी है। बता दें कि इस कार्रवाई के बाद नितिन कसाना अगले तीन साल तक कहीं बतौर एसओ तैनात नहीं किए जा सकेंगे। इधर, एसपी दफ्तर के सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद नितिन कसाना ने एसपी की कार्रवाई के खिलाफ डीआईजी के यहां अपील दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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पकड़ा गया ढखेरवा कांड का मास्टरमाइंड
निघासन। वर्ष 2011 में हुए हुए ढखेरवाकांड के मास्टर माइंड को निघासन पुलिस ने दबोच लिया है, उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी पर हत्या, लूट, डकैती, चोरी आदि कई मामलों के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
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प्रभारी निरीक्षक इंद्रदेव सिंह यादव ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे रात्रि गश्त से लौटते समय तेलियार और पठाननपुरवा के पास जाने वाले रास्ते पर पढुआ चौकी इंचार्ज जिलेदार यादव ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा और दौड़ाकर पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम जिबराइल निवासी पठाननपुरवा बताया। जिबराइल के पकड़े जाने के बाद निघासन पुलिस ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जिबराइल ने ही तीन साल पहले पुलिस चौकी में दुकानदार रंजीत की हत्या के बाद चौकी फूंकने तथा बलवा करने का षड्यंत्र रचा था। वहीं धौरहरा कोतवाल नंदजी यादव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गांव लवखनियां निवासी शंकर लाल के घर में घुसकर छह जनवरी 2014 को जिबराइल और उसके साथियों ने डकैती डाली थी। विरोध करने पर उसके बेटे सूरज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा निघासन थाने में बलवा, हत्या, लूट, डकैती तथा चोरी का सामान बरामद करने की धारा के साथ हत्या के प्रयास के तीन मुकदमे भी उसपर दर्ज हैं।