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...बेवजह नहीं भड़के गन्ना किसान
Lakhimpur
Updated Sun, 29 Dec 2013 05:50 AM IST
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पिछले सत्र का तो बकाया था ही, नए सत्र में भी नहीं हुआ भुगतान
मिल अधिकारियों और एसडीएम से पहले चरण की वार्ता विफल
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां/मझगईं। (लखीमपुर खीरी)। गन्ना किसानों ने चीनी मिल के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। किसानों का गुस्सा बेवजह नहीं है। पिछले सत्र के बकाए ने ही उनकी कमर तोड़ रखी थी। उनको खर्च चलाने के लिए कर्ज लेने पड़े। यहां तक कि अगली फसल के लिए भी उन्होंने सूदखोरों से रकम ली। रोजमर्रा के खर्चों तक के लिए उनको दिक्कतें आ रहीं थीं। किसानों को नए सत्र से उम्मीदें थीं लेकिन यह उम्मीदें भी टूट गईं। मिल प्रबंधन 12 दिन के भुगतान की बात कर रहा है तो किसान 14 दिन का भुगतान 31 दिसंबर तक हर हाल में करने की मांग पर अड़े हुए हैं। खबर लिखे जाने तक बीएचएल शुगर मिल पलिया पर किसानों का धरना जारी था। उधर नौंगवां में किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर धरना तो खत्म कर दिया है लेकिन गन्ना मूल्य का भुगतान 31 दिसंबर तक नहीं होने पर पांच जनवरी से फिर से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पिछले सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने से परेशान किसानों का सब्र तब जवाब दे गया जब उनके नवीन सत्र के भुगतान में भी देरी होने लगी। तल्ख हुए किसानों ने चीनी मिल पर प्रदर्शन और नारेबाजी कर गन्ने की तोल बंद करा दी और अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ गए। तोल बंद होने के कारण कुछ घंटे बाद नोकेन होने से चीनी उत्पादन ठप हो गया। बाद में चीनी मिल प्रबंधन और एसडीएम की किसानों से बातचीत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। धरने पर नेतृत्वकर्ता पूर्व सोसायटी अध्यक्ष के अलावा सर्वजीत सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल सिंह, संजय अवस्थी, गैल सिंह, श्याम मनोहर, सत्यम श्रीवास्तव, कमलेश मिश्रा, जवाहर सिंह, राजेश गौतम, सुखपाल सिंह, कश्मीर सिंह समेत सैकड़ों किसान शामिल थे।
उधर मझगई संवाददाता के अनुसार नए सत्र का भुगतान न होने से खफा किसानों ने शनिवार को नौंगवां कस्बे में पलिया निघासन मार्ग पर चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि पिछला बकाया तो अभी मिला नहीं नवीन सत्र का उन्हें 14 दिन का भुगतान हो जाना चाहिए था, लेकिन पलिया चीनी मिल ने उन्हें यह भुगतान भी नहीं किया।
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चक्काजाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गईं। सूचना पाकर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। पलिया मिल के गन्ना अधिकारी अशोक मौर्य ने किसानों को 12 दिन का भुगतान 31 दिसंबर तक करने का वादा किया। वादे और एसडीएम के समझाने के बाद कई घंटे बाद किसानों ने चक्काजाम खत्म कर दिया। चक्का जाम करने वालों में धर्मपाल चौधरी, लल्लूराम चौरसिया, सौदागर सिंह, बब्लू, लाडी, रहीस खां, हसरत, जितेंद्र गुप्ता, रामकुमार, आदि किसान शामिल रहे।
भुगतान न हुआ तो पांच दिसंबर को फिर होगा चक्काजाम
किसानाें ने एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि मिल ने 31 दिसंबर तक भुगतान न किया तो पांच जनवरी को फिर चक्काजाम और प्रदर्शन किया जाएगा।
वर्जन......
20 दिसंबर तक का भुगतान 31 दिसंबर तक किसानों के खातों में भेजने की बात कही गई है, लेकिन किसान नहीं मान रहे हैं।-राकेश यादव, यूनिट हेड, बीएचएल चीनी मिल
मिल अधिकारियों और एसडीएम से पहले चरण की वार्ता विफल
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां/मझगईं। (लखीमपुर खीरी)। गन्ना किसानों ने चीनी मिल के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। किसानों का गुस्सा बेवजह नहीं है। पिछले सत्र के बकाए ने ही उनकी कमर तोड़ रखी थी। उनको खर्च चलाने के लिए कर्ज लेने पड़े। यहां तक कि अगली फसल के लिए भी उन्होंने सूदखोरों से रकम ली। रोजमर्रा के खर्चों तक के लिए उनको दिक्कतें आ रहीं थीं। किसानों को नए सत्र से उम्मीदें थीं लेकिन यह उम्मीदें भी टूट गईं। मिल प्रबंधन 12 दिन के भुगतान की बात कर रहा है तो किसान 14 दिन का भुगतान 31 दिसंबर तक हर हाल में करने की मांग पर अड़े हुए हैं। खबर लिखे जाने तक बीएचएल शुगर मिल पलिया पर किसानों का धरना जारी था। उधर नौंगवां में किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर धरना तो खत्म कर दिया है लेकिन गन्ना मूल्य का भुगतान 31 दिसंबर तक नहीं होने पर पांच जनवरी से फिर से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पिछले सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने से परेशान किसानों का सब्र तब जवाब दे गया जब उनके नवीन सत्र के भुगतान में भी देरी होने लगी। तल्ख हुए किसानों ने चीनी मिल पर प्रदर्शन और नारेबाजी कर गन्ने की तोल बंद करा दी और अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ गए। तोल बंद होने के कारण कुछ घंटे बाद नोकेन होने से चीनी उत्पादन ठप हो गया। बाद में चीनी मिल प्रबंधन और एसडीएम की किसानों से बातचीत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। धरने पर नेतृत्वकर्ता पूर्व सोसायटी अध्यक्ष के अलावा सर्वजीत सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल सिंह, संजय अवस्थी, गैल सिंह, श्याम मनोहर, सत्यम श्रीवास्तव, कमलेश मिश्रा, जवाहर सिंह, राजेश गौतम, सुखपाल सिंह, कश्मीर सिंह समेत सैकड़ों किसान शामिल थे।
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उधर मझगई संवाददाता के अनुसार नए सत्र का भुगतान न होने से खफा किसानों ने शनिवार को नौंगवां कस्बे में पलिया निघासन मार्ग पर चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि पिछला बकाया तो अभी मिला नहीं नवीन सत्र का उन्हें 14 दिन का भुगतान हो जाना चाहिए था, लेकिन पलिया चीनी मिल ने उन्हें यह भुगतान भी नहीं किया।
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चक्काजाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गईं। सूचना पाकर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। पलिया मिल के गन्ना अधिकारी अशोक मौर्य ने किसानों को 12 दिन का भुगतान 31 दिसंबर तक करने का वादा किया। वादे और एसडीएम के समझाने के बाद कई घंटे बाद किसानों ने चक्काजाम खत्म कर दिया। चक्का जाम करने वालों में धर्मपाल चौधरी, लल्लूराम चौरसिया, सौदागर सिंह, बब्लू, लाडी, रहीस खां, हसरत, जितेंद्र गुप्ता, रामकुमार, आदि किसान शामिल रहे।
भुगतान न हुआ तो पांच दिसंबर को फिर होगा चक्काजाम
किसानाें ने एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि मिल ने 31 दिसंबर तक भुगतान न किया तो पांच जनवरी को फिर चक्काजाम और प्रदर्शन किया जाएगा।
वर्जन......
20 दिसंबर तक का भुगतान 31 दिसंबर तक किसानों के खातों में भेजने की बात कही गई है, लेकिन किसान नहीं मान रहे हैं।-राकेश यादव, यूनिट हेड, बीएचएल चीनी मिल