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बस से गिरे ग्रामीण की मौत पर बवाल, जाम लगाया, पथराव
Lakhimpur
Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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सीओ की गाड़ी का शीशा टूटा, कई बार दौड़ाए गए प्रदर्शनकारी, प्रधान को भी पुलिस ने पीटा
लखीमपुर/निघासन। निघासन थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुरवा से दवा लेकर लौट रहे युवक की बस की खिड़की में गमछा फंसकर गिर जाने से मौत हो गई। शव को सील करते समय पहुंचे मृतक के गांव के लोगों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। ग्रामीण की मौत पर मुआवजे की मांग करने लगे और इस मांग को लेेकर उन्होंने पलिया मार्ग पर तख्त और पत्थर रखकर जाम लगा दिया। जबरन जाम खुलवाने से गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठियां भांजी और भीड़ को कई बार दौड़ाया। पथराव में हालांकि कोई घायल नहीं हुआ लेकिन सीओ की गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस और पब्लिक में करीब दो घंटे बवाल चला। इस बीच लुधौरी गांव के प्रधान लेखराम भास्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें धुन डाला। सड़क अवरोध कर पथराव आदि के मामले में प्रधान संग सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और प्रधान समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इधर, मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गांव के लोगों के गुस्से को देखते हुए इस मार्ग पर पुलिस ने प्राइवेट बसों का आवागमन रोक दिया है। इस घटना को लेकर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बवाल मचता रहा।
रविवार देर शाम लुधौरी के मजरे सेमरा पुरवा निवासी सोहन लाल दलित (32) इसी थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुरवा से दवा लेने गए थे। उसके परिवार वालों ने बताया कि सोमवार की सुबह पलिया यूनियन की प्राइवेट बस यूपी 31 ए 6969 से अपने घर वापस आ रहे थे। बस में ही किसी ने फोन पर उन्हें सूचना दी कि महामाया योजना के तहत गांव दुर्गा पुरवा में राशन बंट रहा है। सोहन दुर्गा पुरवा के पास बस से सुबह करीब आठ बजे उतरने लगा। इसी बीच सोहन के गले में पड़ा गमछा बस की खिड़की में फंस गया और बस चल दी। सोहन बस से गिरे और पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया और शव का पंचनामा भर सील करने लगे। इसी बीच परिवार वालों ने बस यूनियन से मुआवजे की मांग की। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो लोग पुलिस से भिड़ गए। नौबत यहां तक आ गई कि शव को पुलिस से छीनकर पलिया रोड पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि इस दौरान एक दरोगा ने रिवाल्वर निकालकर परिवार वालों के ऊपर तान दी और शव को छीनकर सड़क के किनारे रख दिया।
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एक पुलिस वाले ने ग्राम प्रधान लुधौरी लेखराम भास्कर के चांटा भी जड़ दिया। इससे नाराज लोगों ने डीएसपी पलिया नितेश कुमार की गाड़ी पर पत्थर उछाल दिया। पत्थर लगने से गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया। सड़क पर पड़ी बजरी आदि भी पुलिस पर फेंकी गई। लुधौरी गांव के लोगों को जब इस घटना के बारे में पता लगा तो बड़ी तादाद गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और मृतक के गुस्साए परिवार वालों के साथ मिलकर उन्होंने पलिया रोड पर दो स्थानों पर तख्त और पत्थर रखकर जाम लगा दिया। इस बीच पुलिस और पब्लिक में कई बार झड़प हुई। भीड़ को पुलिस ने लाठियां भांजकर इधर-उधर खदेड़ कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया। बाद में मृतक सोहन के पिता मेवालाल की तहरीर पर बस चालक संपूर्णानगर निवासी प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस ने चालक को भी गिरफ्तार कर लिया। तब कहीं दो घंटे चला विवाद शांत हो सका।
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...और प्रदर्शन के दौरान ऐसे बिगड़ा माहौल
ढखेरवा चौकी इंचार्ज एसएल त्रिवेदी प्रधान व ग्रामीणों को समझाने लगे। इसी बीच दुर्गा पुरवा के पास जाम खुलवाकर खडे़ डीएसपी पलिया नितेश कुमार, डीएसपी निघासन अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव एसओ पलिया और निघासन एसओ ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को दौड़ाना शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान लेखराम भास्कर को घसीटते हुए पुलिस जीप में बैठा कर थाने ले आई।
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33 नामजदों समेत 100 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
ढखेरवा चौकी इंचार्ज एसएल त्रिवेदी ने बताया कि 33 लोगों को नामजद करते हुए सौ लोगों के खिलाफ सड़क जाम करने, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत करीब एक दर्जन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने लुधौरी के ग्राम प्रधान लेखराम भास्कर, सिराज अहमद, नंदापुरवा निवासी सीताराम को हिरासत में लिया है।
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सीओ ने कहा: प्रधान की अगुवाई में हुआ बवाल
डीएसपी पलिया नितेश कुमार ने बताया कि सारा बवाल प्रधान ने करवाया है। एक पार्टी के बडे़ नेता के बहकावे में आकर प्रधान ने यहां आकर उपद्रव में एक रणनीति के तहत ऐसा किया था। रोड जाम करना गंभीर अपराध है। इस घटना में कितनी ही पहुंच का आरोपी क्यों न हो। किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रधान से मुकदमा वापस नहीं तो होगा आंदोलन
प्रधान संगठन के निघासन ब्लाक अध्यक्ष प्रहलाद भार्गव ने कहा है कि प्रधान जनप्रतिनिधि होता है। प्रधान के साथ हुई अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि ग्राम प्रधान के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो प्रधान संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
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लखीमपुर/निघासन। निघासन थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुरवा से दवा लेकर लौट रहे युवक की बस की खिड़की में गमछा फंसकर गिर जाने से मौत हो गई। शव को सील करते समय पहुंचे मृतक के गांव के लोगों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। ग्रामीण की मौत पर मुआवजे की मांग करने लगे और इस मांग को लेेकर उन्होंने पलिया मार्ग पर तख्त और पत्थर रखकर जाम लगा दिया। जबरन जाम खुलवाने से गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठियां भांजी और भीड़ को कई बार दौड़ाया। पथराव में हालांकि कोई घायल नहीं हुआ लेकिन सीओ की गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस और पब्लिक में करीब दो घंटे बवाल चला। इस बीच लुधौरी गांव के प्रधान लेखराम भास्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें धुन डाला। सड़क अवरोध कर पथराव आदि के मामले में प्रधान संग सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और प्रधान समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इधर, मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गांव के लोगों के गुस्से को देखते हुए इस मार्ग पर पुलिस ने प्राइवेट बसों का आवागमन रोक दिया है। इस घटना को लेकर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बवाल मचता रहा।
रविवार देर शाम लुधौरी के मजरे सेमरा पुरवा निवासी सोहन लाल दलित (32) इसी थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुरवा से दवा लेने गए थे। उसके परिवार वालों ने बताया कि सोमवार की सुबह पलिया यूनियन की प्राइवेट बस यूपी 31 ए 6969 से अपने घर वापस आ रहे थे। बस में ही किसी ने फोन पर उन्हें सूचना दी कि महामाया योजना के तहत गांव दुर्गा पुरवा में राशन बंट रहा है। सोहन दुर्गा पुरवा के पास बस से सुबह करीब आठ बजे उतरने लगा। इसी बीच सोहन के गले में पड़ा गमछा बस की खिड़की में फंस गया और बस चल दी। सोहन बस से गिरे और पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया और शव का पंचनामा भर सील करने लगे। इसी बीच परिवार वालों ने बस यूनियन से मुआवजे की मांग की। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो लोग पुलिस से भिड़ गए। नौबत यहां तक आ गई कि शव को पुलिस से छीनकर पलिया रोड पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि इस दौरान एक दरोगा ने रिवाल्वर निकालकर परिवार वालों के ऊपर तान दी और शव को छीनकर सड़क के किनारे रख दिया।
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एक पुलिस वाले ने ग्राम प्रधान लुधौरी लेखराम भास्कर के चांटा भी जड़ दिया। इससे नाराज लोगों ने डीएसपी पलिया नितेश कुमार की गाड़ी पर पत्थर उछाल दिया। पत्थर लगने से गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया। सड़क पर पड़ी बजरी आदि भी पुलिस पर फेंकी गई। लुधौरी गांव के लोगों को जब इस घटना के बारे में पता लगा तो बड़ी तादाद गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और मृतक के गुस्साए परिवार वालों के साथ मिलकर उन्होंने पलिया रोड पर दो स्थानों पर तख्त और पत्थर रखकर जाम लगा दिया। इस बीच पुलिस और पब्लिक में कई बार झड़प हुई। भीड़ को पुलिस ने लाठियां भांजकर इधर-उधर खदेड़ कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया। बाद में मृतक सोहन के पिता मेवालाल की तहरीर पर बस चालक संपूर्णानगर निवासी प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस ने चालक को भी गिरफ्तार कर लिया। तब कहीं दो घंटे चला विवाद शांत हो सका।
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...और प्रदर्शन के दौरान ऐसे बिगड़ा माहौल
ढखेरवा चौकी इंचार्ज एसएल त्रिवेदी प्रधान व ग्रामीणों को समझाने लगे। इसी बीच दुर्गा पुरवा के पास जाम खुलवाकर खडे़ डीएसपी पलिया नितेश कुमार, डीएसपी निघासन अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव एसओ पलिया और निघासन एसओ ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को दौड़ाना शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान लेखराम भास्कर को घसीटते हुए पुलिस जीप में बैठा कर थाने ले आई।
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33 नामजदों समेत 100 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
ढखेरवा चौकी इंचार्ज एसएल त्रिवेदी ने बताया कि 33 लोगों को नामजद करते हुए सौ लोगों के खिलाफ सड़क जाम करने, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत करीब एक दर्जन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने लुधौरी के ग्राम प्रधान लेखराम भास्कर, सिराज अहमद, नंदापुरवा निवासी सीताराम को हिरासत में लिया है।
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सीओ ने कहा: प्रधान की अगुवाई में हुआ बवाल
डीएसपी पलिया नितेश कुमार ने बताया कि सारा बवाल प्रधान ने करवाया है। एक पार्टी के बडे़ नेता के बहकावे में आकर प्रधान ने यहां आकर उपद्रव में एक रणनीति के तहत ऐसा किया था। रोड जाम करना गंभीर अपराध है। इस घटना में कितनी ही पहुंच का आरोपी क्यों न हो। किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रधान से मुकदमा वापस नहीं तो होगा आंदोलन
प्रधान संगठन के निघासन ब्लाक अध्यक्ष प्रहलाद भार्गव ने कहा है कि प्रधान जनप्रतिनिधि होता है। प्रधान के साथ हुई अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि ग्राम प्रधान के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो प्रधान संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।