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शारदा बैराज पर सिल्ट की सफाई बंद
Lakhimpur
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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बिना टेंडर, बजट सैकड़ों ट्रैक्टर-स्क्रैपर से हो रहा था कार्य
टनल चालू थे, इसलिए जांच होने पर फंस सकती थी गर्दन
क्रासर...खबर का असर
लखीमपुर खीरी। धन ठिकाने लगाने के लिए बिना टेंडर और नोटिस शारदा बैराज पर कराया जा रहा टनल सफाई का कार्य एकाएक रोक दिया गया। अमर उजाला में छपी खबर के बाद गर्दन फंसती देख अभियंताओं के हाथ खड़े कर देने से ऐसा हुआ।
बताते चलें कि चार अप्रैल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शारदा बैराज का दौरा किया था। वह शारदा बैराज के पॉड में जमा सिल्ट देखना चाहते थे, लेकिन उस दिन पॉड में पानी भरा होने के कारण सीएम वहां जमी रेत नहीं देख सके। उनसे बैराज के सभी 14 टनल चोक होने की भी बात कही गई थी। सीएम ने इसे गंभीरता से लिया। माना कि सिल्ट को छिपाने के लिए ही पॉड से पानी नहीं निकाला गया। सीएम के साथ आए सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने इस मामले में तत्कालीन प्रमुख अभियंता सहित छ: अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
इस कार्रवाई के बाद छ: अप्रैल को शासन के निर्देश पर बैराज पॉड खाली कर नहर बंद कर दी गई थी। सीएम के दौरे के समय नदी में जमा सिल्ट को ही खासकर बाढ़ से होने वाली तबाही का कारण माना गया था, यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि टनल के चोक होने के कारण ही पूरी नदी में यह सिल्ट जमा हुई। शासन का इशारा मिलते ही नव नियुक्त अभियंताओं ने ‘हाकिम’ को खुश करने के लिए क्लोजर के बाद से ही आनन-फानन में पॉड में जमा सिल्ट सैकड़ों ट्रैक्टर-स्क्रैपर से निकलवानी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि यह सभी कार्य बिना टेंडर व नोटिस के कराए जा रहे थे। बताया जाता है कि इसी बीच 30 अप्रैल को प्रमुख अभियंता राधाचरण ने मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा जिलाधिकारी के साथ जब शारदा बैराज के सभी 14 टनल देखे वह चालू हालत में मिले थे। प्रमुख अभियंता से लेकर ईई तक यह नहीं बता पा रहे थे कि बिना टेंडर-नोटिस यह कार्य कैसे और क्यों शुरू कर दिया गया।
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अमर उजाला ने अपने एक मई के अंक में ‘अब टनल सफाई के नाम पर धोखा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद प्रमुख अभियंता ने भी शासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए सिल्ट सफाई कार्य पर आपत्ति जताई। मामला सुर्खियों में आने पर शासन ने तत्काल कार्य रुकवाने के आदेश दिए। जिसके बाद दो मई की दुपहर अधिशाषी अभियंता अर्जुन यादव ने सिल्ट सफाई कार्य एकाएक बंद करा दिया।
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नहरों में जल्द ही पानी चलाना है। टनल बिल्कुल साफ हैं। जो थोड़ी बहुत रेत पॉड में जमा है वह पानी प्रेशर से अपने आप निकल जाएगी। सिल्ट सफाई कार्य की कोई आवश्यकता नहीं है। इस लिए सिल्ट सफाई कार्य बंद करा दिया गया।
राधाचरण, प्रमुख अभियंता, सिंचाई
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टनल चालू थे, इसलिए जांच होने पर फंस सकती थी गर्दन
क्रासर...खबर का असर
लखीमपुर खीरी। धन ठिकाने लगाने के लिए बिना टेंडर और नोटिस शारदा बैराज पर कराया जा रहा टनल सफाई का कार्य एकाएक रोक दिया गया। अमर उजाला में छपी खबर के बाद गर्दन फंसती देख अभियंताओं के हाथ खड़े कर देने से ऐसा हुआ।
बताते चलें कि चार अप्रैल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शारदा बैराज का दौरा किया था। वह शारदा बैराज के पॉड में जमा सिल्ट देखना चाहते थे, लेकिन उस दिन पॉड में पानी भरा होने के कारण सीएम वहां जमी रेत नहीं देख सके। उनसे बैराज के सभी 14 टनल चोक होने की भी बात कही गई थी। सीएम ने इसे गंभीरता से लिया। माना कि सिल्ट को छिपाने के लिए ही पॉड से पानी नहीं निकाला गया। सीएम के साथ आए सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने इस मामले में तत्कालीन प्रमुख अभियंता सहित छ: अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
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इस कार्रवाई के बाद छ: अप्रैल को शासन के निर्देश पर बैराज पॉड खाली कर नहर बंद कर दी गई थी। सीएम के दौरे के समय नदी में जमा सिल्ट को ही खासकर बाढ़ से होने वाली तबाही का कारण माना गया था, यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि टनल के चोक होने के कारण ही पूरी नदी में यह सिल्ट जमा हुई। शासन का इशारा मिलते ही नव नियुक्त अभियंताओं ने ‘हाकिम’ को खुश करने के लिए क्लोजर के बाद से ही आनन-फानन में पॉड में जमा सिल्ट सैकड़ों ट्रैक्टर-स्क्रैपर से निकलवानी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि यह सभी कार्य बिना टेंडर व नोटिस के कराए जा रहे थे। बताया जाता है कि इसी बीच 30 अप्रैल को प्रमुख अभियंता राधाचरण ने मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा जिलाधिकारी के साथ जब शारदा बैराज के सभी 14 टनल देखे वह चालू हालत में मिले थे। प्रमुख अभियंता से लेकर ईई तक यह नहीं बता पा रहे थे कि बिना टेंडर-नोटिस यह कार्य कैसे और क्यों शुरू कर दिया गया।
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अमर उजाला ने अपने एक मई के अंक में ‘अब टनल सफाई के नाम पर धोखा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद प्रमुख अभियंता ने भी शासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए सिल्ट सफाई कार्य पर आपत्ति जताई। मामला सुर्खियों में आने पर शासन ने तत्काल कार्य रुकवाने के आदेश दिए। जिसके बाद दो मई की दुपहर अधिशाषी अभियंता अर्जुन यादव ने सिल्ट सफाई कार्य एकाएक बंद करा दिया।
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नहरों में जल्द ही पानी चलाना है। टनल बिल्कुल साफ हैं। जो थोड़ी बहुत रेत पॉड में जमा है वह पानी प्रेशर से अपने आप निकल जाएगी। सिल्ट सफाई कार्य की कोई आवश्यकता नहीं है। इस लिए सिल्ट सफाई कार्य बंद करा दिया गया।
राधाचरण, प्रमुख अभियंता, सिंचाई