फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   धनतेरस आज, सजे बाजार

धनतेरस आज, सजे बाजार

Wed, 22 Oct 2014 05:34 AM IST
Lakhimpur
Lakhimpur Updated Wed, 22 Oct 2014 05:34 AM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। धनतेरस और दिवाली को लेकर बाजार सज गए हैं। मंगलवार को धनतेरस होने के कारण बर्तन और सर्राफा दुकानों को विशेष रूप से सजाया गया है। त्योहारों पर अच्छी बिक्री के लिए कई सर्राफा व्यवसाइयों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई स्कीमें भी दी हैं।
विज्ञापन

इस बार सोने और चांदी के भाव नीचे हैं, इससे व्यापारियों को उम्मीद है कि सोने और चांदी की ज्वैलरी की बिक्री जमकर होगी। ज्वैलरी व्यापारियों ने बताया कि इस बार ग्राहकों का रुझान हॉलमार्क ज्वैलरी के प्रति अधिक है। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए व्यापारी हॉलमार्क ज्वैलरी आकर्षक डिजाइनों में लाए हैं। सर्राफा व्यवसाई अनिरुद्ध मेहरोत्रा ने बताया कि उनके यहां मुंबई की कंपनी हीरों को ज्वैलरी की प्रदर्शनी लगाएगी। इसके अलावा ज्वैलरी की दुकानों पर हॉलमार्क ज्वैलरी आकर्षक डिजाइनों में उपलब्ध है। यहां ग्राहकों के लिए हर खरीद पर स्कीम भी दी गई है। इसके अलावा बर्तन बाजार में पीतल, तांबे, स्टील के बर्तनों की धूम है। बर्तन व्यापारी रामलखन ने बताया कि धनतेरस पर हमेशा की तरह इस वर्ष भी अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रानिक उत्पादों की दुकानें भी सज गई हैं।
विज्ञापन

बांकेगंज। इस बार की दिवाली में पुराना रंग-ढंग दिख रहा है। दिवाली का जोश तो नया है, लेकिन पुरानी सोच और परंपराएं एक बार फिर जीवंत होती दिख रहीं हैं। इस बार लोग धनतेरस पर चलन से बाहर हो चुके भारी और कीमती धातुओं के बर्तन खरीदने और दिवाली पर मिट्टी के दियाें से रोशनी करने का मन बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

देखने में आ रहा है कि लोग एक बार फिर अपनी पुरानी परंपराओं और पुराने चलन की ओर लौट रहे हैं। यह बदलाव खानपान से लेकर पहनावे में देखने को मिल रहा है। दिवाली पर पहनने को महिलाएं साड़ियों के बजाय लहंगा-चोली पसंद कर रहीं हैं। दुकानदारों की माने तो इस बार खरीददारी के ट्रेंड में बदलाव है।
--
धनतेरस पर रहेगी कीमती धातुओं की चमक
धनतेरस पर धातुओं के बर्तन और सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है। स्टेनलेस स्टील की री-सेल वैल्यू न होने के कारण इस बार लोग कीमती धातुओं के बर्तनों को तरजीह दे रहे हैं। लोगाें का मानना है कि इन धातुओं की कीमत कभी कम नहीं होती। इसमें खाना बनाने से भोजन की पौष्टिकता बढ़ जाती है। इसी प्रकार धनतेरस पर देखने में भारी और वजन में हल्के आभूषणों की ज्यादा बिक्री की संभावना है। बर्तन और सर्राफा दुकानदारों ने बदलती सोच के अनुसार अपनी दुकानें सजाईं हैं।
--
मिट्टी के दियों से रोशन होंगे घर
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली संकट को देखते हुए लोग बिजली की झालरों की अपेक्षा मिट्टी के दियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से बिजली की झालरों के साथ मोमबत्तियों का चलन बढ़ा था, लेकिन इस बार लोगाें की सोच बदली है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मिट्टी के दियों की बिक्री पिछले सालों की अपेक्षा दो से तीन गुना बढ़ गई है।

--
इको फ्रेंडली दिवाली मनाने की तैयारी
कस्बे के पास स्थित नगरा झील में आने वाले प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास में खलल न पड़े, इसके लिए ग्रामीणों ने तेज आवाज और जहरीली गैस छोड़ने वाले पटाखों को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। दिवाली को ईको फ्रेंडली मनाने के यहां जागरूकता अभियान भी चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed