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शामिल खाता होने पर सभी पात्रों को मिलेगी सम्मान निधि
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लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शासनादेश मिलते ही कृषि विभाग ने युद्धस्तर पर किसानों की सूची तैयार करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। वहीं पात्रता की शर्तों को लेकर चल रही अटकलों पर पूर्णविराम लग गया है। भूलेख में शामिल खाता होने पर प्रत्येक किसान परिवार की भूमि की गणना (अंश निर्धारण) अलग-अलग की जाएगी, जिसमें लघु एवं सीमांत श्रेणी के सभी परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। सरकारी कर्मचारी, आयकर देने वाले बड़े किसान, पंजीकृत संस्थाओं के पेशेवर डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड एकाउंटेंट, आर्किटेक्ट को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सम्मान निधि योजना में लघु एवं सीमांत किसानों को प्रति वर्ष तीन किस्तों में छह हजार रुपये दिए जाने हैं, जिसकी पहली दो हजार रुपये की किस्त 31 मार्च 2019 तक खातों में भेजी जानी है। डीएम के नेतृत्व में सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है और कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। भूलेख से राजस्व ग्रामवार किसानों की सूची निकालकर क्षेत्रफल के आधार पर पात्रों का चयन किया जाएगा। तो वहीं कृषि विभाग के पारदर्शी किसान योजना के पोर्टल से भी राजस्व ग्रामवार लघु एवं सीमांत किसानों की सूची निकालकर भूलेख से मिलान कराया जाएगा। दोनों सूचियों का मिलान करने के बाद भूलेख में उपलब्ध पात्र किसानों की सूची को दो भागों में तैयार किया जाएगा, जिसमें भाग एक में वह नाम रहेंगे जो पारदर्शी किसान की उस गांव की सूची में उपलब्ध हैं। भाग दो में उस गांव के वैसे लघु एवं सीमांत किसान होंगे, जिनके नाम पारदर्शी किसान के पोर्टल में अंकित नहीं हैं।
20 से 25 राजस्व ग्राम पर एक सेक्टर प्रभारी
छह फरवरी से 11 फरवरी 2019 तक सभी राजस्व ग्रामों का भ्रमण एवं सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके लिए राजस्व कर्मचारियों, सहकारी समिति कर्मियों और कृषि विभाग के दो-दो कर्मियों की संयुक्त टीमें बनाई हैं। 20 से 25 राजस्व ग्रामों पर एक सेक्टर प्रभारी नामित किया जाएगा। किसानों के पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर के संग्रह के लिए ग्राम स्तरीय टीमें गांवों में भ्रमण करेंगी, जिसके लिए 12 फरवरी से 14 फरवरी तक समय निर्धारित किया गया है।
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लघु एवं सीमांत किसानों की सूची तैयार करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। भाग एक के डाटा को 12 फरवरी तक और भाग दो के डाटा को 22 फरवरी 2019 तक पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भरवाए जाएंगे। घोषणा पत्र असत्य होने पर दी जाने वाली धनराशि की वसूली की जाएगी।
- लालबहादुर यादव, उपनिदेशक (कृषि)
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सम्मान निधि योजना में लघु एवं सीमांत किसानों को प्रति वर्ष तीन किस्तों में छह हजार रुपये दिए जाने हैं, जिसकी पहली दो हजार रुपये की किस्त 31 मार्च 2019 तक खातों में भेजी जानी है। डीएम के नेतृत्व में सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है और कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। भूलेख से राजस्व ग्रामवार किसानों की सूची निकालकर क्षेत्रफल के आधार पर पात्रों का चयन किया जाएगा। तो वहीं कृषि विभाग के पारदर्शी किसान योजना के पोर्टल से भी राजस्व ग्रामवार लघु एवं सीमांत किसानों की सूची निकालकर भूलेख से मिलान कराया जाएगा। दोनों सूचियों का मिलान करने के बाद भूलेख में उपलब्ध पात्र किसानों की सूची को दो भागों में तैयार किया जाएगा, जिसमें भाग एक में वह नाम रहेंगे जो पारदर्शी किसान की उस गांव की सूची में उपलब्ध हैं। भाग दो में उस गांव के वैसे लघु एवं सीमांत किसान होंगे, जिनके नाम पारदर्शी किसान के पोर्टल में अंकित नहीं हैं।
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20 से 25 राजस्व ग्राम पर एक सेक्टर प्रभारी
छह फरवरी से 11 फरवरी 2019 तक सभी राजस्व ग्रामों का भ्रमण एवं सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके लिए राजस्व कर्मचारियों, सहकारी समिति कर्मियों और कृषि विभाग के दो-दो कर्मियों की संयुक्त टीमें बनाई हैं। 20 से 25 राजस्व ग्रामों पर एक सेक्टर प्रभारी नामित किया जाएगा। किसानों के पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर के संग्रह के लिए ग्राम स्तरीय टीमें गांवों में भ्रमण करेंगी, जिसके लिए 12 फरवरी से 14 फरवरी तक समय निर्धारित किया गया है।
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लघु एवं सीमांत किसानों की सूची तैयार करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। भाग एक के डाटा को 12 फरवरी तक और भाग दो के डाटा को 22 फरवरी 2019 तक पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भरवाए जाएंगे। घोषणा पत्र असत्य होने पर दी जाने वाली धनराशि की वसूली की जाएगी।
- लालबहादुर यादव, उपनिदेशक (कृषि)