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निघासन से खैरीगढ जंगल पहुंचा बाघ
Updated Sun, 03 Jun 2018 06:31 PM IST
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निघासन से खैरीगढ़ जंगल की ओर पहुंचा बाघ
वन विभाग ने बाघ की ली लोकेशन
सिंगाही-निघासन। बलदेवपुरवा और ओरीपुरवा में दो लोगों को घायल करने के बाद बाघ शनिवार रात निघासन से खैरीगढ़ जंगल की ओर पहुंच गया है। हालांकि बाघ की दहशत से ग्रामीण घबराए हुए हैं। वह अब भी खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।
गांव ओरीपुरवा में रविवार की सुबह बाघ के होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। उसके बाद वन विभाग की टीम उसकी लोकेशन लेने में जुटी थी। इसी क्रम में लोकेशन ले रहे गांव ओरी पुरवा निवासी वाचर रामस्वरूप पर बाघ ने गन्ने के खेत में हमला कर घायल कर दिया था। करीब पांच मिनट के अंतराल में बलदेव पुरवा निवासी रामकिशोर गन्नें के खेत में कीटनाशक डाल रहे थे। बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर मचाने पर बाघ दोनों को छोड़कर गन्ने में जा छिपा। घायलों को सीएचसी से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर उनकी हालत में सुधार है। उधर शनिवार रात डीएफओ डॉक्टर अनिल पटेल, एसडीएम अखिलेश याद, सीओ प्रदीप यादव, तहसीलदार पूरन सिंह राना समेत तीनों थानों की पुलिस बल तैनात रही। रात में बाघ की निगरानी के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटक्शन फोर्स लगाया गया। रात में ही बाघ सरयू नदी को तैर कर सिंगाही थाना क्षेत्र में जा पहुंचा। वहां पर भूलभुलैया से होते हुए उसने अपना रूख खैरीगढ़ जंगल की ओर किया है। इस संबंध में रेंजर पलटू राम राना ने बताया कि सिंगाही क्षेत्र बेलरायां रेंज में आता है। उसके चिह्न को वन विभाग की टीम ने देखा है। उस लोकेशन के हिसाब से बाघ ने खैरीगढ़ जंगल की ओर अपना रुख किया है।
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निघासन से खैरीगढ़ जंगल की ओर पहुंचा बाघ
वन विभाग ने बाघ की ली लोकेशन
सिंगाही-निघासन। बलदेवपुरवा और ओरीपुरवा में दो लोगों को घायल करने के बाद बाघ शनिवार रात निघासन से खैरीगढ़ जंगल की ओर पहुंच गया है। हालांकि बाघ की दहशत से ग्रामीण घबराए हुए हैं। वह अब भी खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।
गांव ओरीपुरवा में रविवार की सुबह बाघ के होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। उसके बाद वन विभाग की टीम उसकी लोकेशन लेने में जुटी थी। इसी क्रम में लोकेशन ले रहे गांव ओरी पुरवा निवासी वाचर रामस्वरूप पर बाघ ने गन्ने के खेत में हमला कर घायल कर दिया था। करीब पांच मिनट के अंतराल में बलदेव पुरवा निवासी रामकिशोर गन्नें के खेत में कीटनाशक डाल रहे थे। बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर मचाने पर बाघ दोनों को छोड़कर गन्ने में जा छिपा। घायलों को सीएचसी से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर उनकी हालत में सुधार है। उधर शनिवार रात डीएफओ डॉक्टर अनिल पटेल, एसडीएम अखिलेश याद, सीओ प्रदीप यादव, तहसीलदार पूरन सिंह राना समेत तीनों थानों की पुलिस बल तैनात रही। रात में बाघ की निगरानी के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटक्शन फोर्स लगाया गया। रात में ही बाघ सरयू नदी को तैर कर सिंगाही थाना क्षेत्र में जा पहुंचा। वहां पर भूलभुलैया से होते हुए उसने अपना रूख खैरीगढ़ जंगल की ओर किया है। इस संबंध में रेंजर पलटू राम राना ने बताया कि सिंगाही क्षेत्र बेलरायां रेंज में आता है। उसके चिह्न को वन विभाग की टीम ने देखा है। उस लोकेशन के हिसाब से बाघ ने खैरीगढ़ जंगल की ओर अपना रुख किया है।
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