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पैंटून पुल से नदी में कूदे युवक का नहीं लगा पता
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पीपा पुल से नदी में कूदे युवक का नहीं लगा पता
महेवागंज/सुंदरवल। बाइक पर सुसाइड नोट छोड़कर नदी में छलांग लगाने वाले युवक का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका है। सूचना पर सीतापुर से एनडीआरएफ की टीम मंगलवार रात मौके पर पहुंची। अंधेरा होने से टीम ने कोई सर्च अभियान नहीं चलाया। बुधवार सुबह नौ बजे के करीब स्टीमर में सवार होकर छह सदस्सीय टीम ने तलाश शुरू की। पीपा पुल के इर्द गिर्द चक्कर लगाकर टीम बाहर निकल आई। शाम ढलने तक भी कुछ हासिल नहीं हुआ। वही बीच बीच इलाकाई मछुआरे और परिवार के लोग भी नदी में उतर कर खोजबीन करते रहे। थक हार कर परिवार वाले रात भर नदी किनारे बैठ गए। घरवालों की रात नदी किनारे कटी। अहतियातन पुलिस भी मौके पर डटी रही।
फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव गूम निवासी मटरू लाल के पुत्र रविंद्र शुक्ला (32) ने सोमवार शाम पचपेड़ी घाट पीपा पुल पर बाइक खड़ी कर नदी में छलांग लगा दी थी। सूचना पर पहुंचे भाई धर्मेंद्र ने बताया कि बाइक पर दो पन्नो का सुसाइड नोट भी रखा मिला था। जिसमें उसने एक महिला के दबाव और सदर कोतवाली के कुछ पुलिस कर्मियों के बार-बार बुलाने से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। भाई धर्मेंद्र ने कहा कि स्टीमर पीपा पुल के आसपास ही घुमाया। दूर तक खोजबीन होती तो शायद कुछ पता चल पाता। उन्होंने पुलिस- प्रशासन पर तलाशी अभियान में मात्र औपचारिकता भर निभाए जाने का आरोप लगाया है।
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