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गौरीफंटा को नहीं बनाया जाएगा अंर्तराष्ट्रीय नाका, रोड का भी नहीं होगा चैड़ीकरण

Fri, 30 Mar 2018 07:35 PM IST
Updated Fri, 30 Mar 2018 07:35 PM IST
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गौरीफंटा को नहीं बनाया जाएगा अंर्तराष्ट्रीय नाका, रोड का भी नहीं होगा चैड़ीकरण
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दोदोधरा चांदनी में जल्द
बनेगा सुक्खा बंदरगाह
यहां रेल सेवा का भी किया जाएगा विस्तार
- गौरीफंटा को नहीं बनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय नाका, रोड का भी नहीं होगा चौड़ीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
धनगढ़ी (नेपाल)।
प्रदेश नंबर सात के दो दिवसीय भ्रमण पर आए भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि गौरीफंटा नाका को अंतरराष्ट्रीय नाका बनाने और दुधवा-गौरीफंटा मार्ग का चौड़ीकरण दुधवा नेशनल पार्क के चलते नहीं किया जा सकता। यहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कंचनपुर जिले की दोदोधरा चांदनी में शीघ्र ही सुक्खा बंदरगाह बनेगा, साथ ही रेल सेवा का भी विस्तार होगा।
प्रदेश नंबर सात के दो दिवसीय भ्रमण पर आये भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी के स्वागत सम्मान में भारत-नेपाल मैत्री संघ ने धनगढ़ी में एक कार्यक्रम रखा था। इस मौके पर उन्होंने कहा कि व्यापारी गौरीफंटा नाका को अंतरराष्ट्रीय नाका और दुधवा गौरीफंटा मार्ग के चौड़ीकरण की आस छोड़ दें। इसकी वजह है कि दुधवा नेशनल पार्क अति संवेदनशील क्षेत्र है। प्राकृतिक वातावरण भी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा सीमा से लगे कंचनपुर जिले के महेंद्र नगर के आगे दोदोधरा चांदनी स्थान पर शीघ्र ही सुक्खा बंदरगाह की स्थापना होगी। इसके लिए भारत तथा नेपाल की संयुक्त टीम वहां का अध्ययन कर रही है, साथ ही दोदोधरा चांदनी तक भारतीय रेल का भी विस्तार होगा। रेल को पश्चिम नेपाल से दिल्ली तथा मुंबई तक जोड़ा जाएगा। उन्होंने समृद्धि के लिए जलस्रोत तथा पर्यटन पर जोर देने को कहा। बताया कि बीस वर्षों से चल रही पंचेश्वर आयोजना को साकार करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री को भारतीय राजदूत ने दिया स्मृति चिह्न
प्रदेश नंबर सात के दो दिवसीय भ्रमण पर आये भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिलोचन भट्ट के कार्यालय में जाकर उनसे भेंट कर मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न दिया। साथ ही कहा कि इस प्रदेश की सीमा भारत के दो राज्यों उत्तरप्रदेश तथा उत्तराखंड से लगती है, जिससे इस प्रदेश का विकास संभव है।
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