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जिले को चाहिए चार हजार लाउडस्पीकर के शोर से मुक्ति

Tue, 09 Jan 2018 10:01 AM IST
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:01 AM IST
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जिले को चाहिए चार हजार लाउडस्पीकर के शोर से मुक्ति
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जिले को चाहिए चार हजार लाउडस्पीकर के शोर से मुक्ति
लखीमपुर खीरी।
किसी धर्म का लाउडस्पीकर से भले ही लेनादेना न हो, लेकिन जिले में शायद ही कोई ऐसा धर्मस्थल मिले, जहां लाउडस्पीकर का शोर न हो। धर्मस्थल पर दिन और रात होने वाले लाउडस्पीकर के शोरशराबे से आसपास रहने वाले लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन भी इस धार्मिक शोर शराबे पर बेअसर है। मोटे अनुमान के अनुसार जिले में ही मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों को मिलाकर चार हजार से अधिक लाउडस्पीकर लगे हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी और शासन के निर्देश बाद जिला प्रशासन ने लाउडस्पीकर लगे स्थानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। फिलहाल अब देखना यह है कि योगी सरकार के निर्देेश के बाद 24 घंटे विचलित करने वाले इस शोर शराबे से निजात मिलती है कि नहीं।


मुसीबतों भरा है शोर, किसी की नींद पूरी नहीं होती तो किसी की पढ़ाई प्रभावित
लाउडस्पीकर का शोर मुसीबतों भरा होता है। शहर के मोहल्ला थरबरनगंज निवासी संजीव कुमार बताते हैं कि उनके पड़ोस के धर्मस्थल पर सुबह से शोर शुरू होता है। रात में भी रुक-रुककर शोर होता रहता है। इससे घर में कोई बीमार होता है तो काफी टेंशन हो जाती है। बताते हैं कि उनका जीना दुश्वार हो गया है। वहीं मोहल्ला शिव कॉलोनी निवासी बीएससी के छात्र हेमंत गौड़ का कहना है कि उनके घर के पास धर्मस्थल के साथ साथ मैरिज लॉन भी है। शोरशराबे के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इससे उनका पूरा परिवार परेशान है। देहात हो या शहरी क्षेत्र, लाउडस्पीकर के शोर से सभी परेशान हैं। फिलहाल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी को उम्मीद है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस पर गंभीरता से कार्रवाई कराएगा।
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बवालों की वजह बन चुका है शोर
03 फरवरी 2015- संपूर्णानगर में एक विवाह समारोह में शोरशराबा और डीजे को लेकर मारपीट हो गई थी। हालांकि बाद में मामला निपट गया था।
14 जुलाई 2016- गोला गोकर्णनाथ में कांवड़ियों के जत्थे से शोरशराबा के कारण विवाद हुआ। मारपीट भी हुई। मामला थाने तक पहुंचा था।
04 मार्च 2017- पलिया के मोहल्ले में तेज आवाज में कीर्तन करने पर एक मोहल्ले में विवाद हुआ था। यह मामला भी थाने पहुंचा था।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

तय मानक से अधिक डेसिमल का शोर लाउडस्पीकर अथवा अन्य माध्यमों से कान तक पहुंचता है तो सुनने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। जो ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, उनके सुनने की क्षमता भी घटने लगती है।
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- डॉ. रवि टंडन, ईएनटी स्पेशलिस्ट

लाउडस्पीकर के शोर के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन आता है। जहां निरंतर शोर होता है, वहां के लोगों में चिड़चिड़ेपन की आदत बन जाती है और उनमें गुस्सा बहुत आता है।
- डॉ. दिनेश दुआ, मानसिक रोग विशेषज्ञ


धर्मगुरुओं ने माना, रोक गलत नहीं

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लाउडस्पीकर के शोर को नियंत्रण करने वाला यह एक अच्छा फैसला है। चाहें कोई भी धर्मस्थल हो, उसका शोर वहां से बाहर न आए तो कितना अच्छा हो। हमें पास पड़ोस के उन लोगों की भी चिंता करनी चाहिए, जो बीमार हैं या जिन्हें पढ़ाई करनी है।
- करनैल सिंह, ग्रंथी-गुरुद्वारा, लखीमपुर

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लाउडस्पीकर चाहें मंदिर में बजे या मस्जिद अथवा गुरुद्वारा में, वह तेज बजेगा तो न पसंद करने वाले के लिए महज शोर होगा, इसलिए इसे बजाने वालों को भी ध्यान रखना चाहिए। फिलहाल हाईकोर्ट का फैसला बिल्कुल सही है। इस पर नियंत्रण होना चाहिए।
- बाबा अमरनाथ, मथना मंदिर, देवकली रोड-लखीमपुर

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हाईकोर्ट की टिप्पणी जायज है। अनुमति लेने की बात तो सही है। इसमें कोई हर्ज नहीं है। जो नियम कानून सभी के लिए है, उससे हम लोग कतई अलग नहीं हैं। तेज शोरशराबा करना जायज नहीं होता है। ऐसा शोर जो किसी को परेशान करने, नहीं करना चाहिए।
- मौलाना इशहाक, पेश इमाम, जामा मस्जिद-लखीमपुर

हर किसी ने सराहा
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बहुत अच्छा आदेश
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धर्मस्थल समेत अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर का शोर कम करने के लिए हाईकोर्ट की टिप्पणी और सरकार का आदेश सराहनीय है। शोरशराबा कभी भी अच्छा नहीं कहा जा सकता, इस पर बहुत पहले नियंत्रण हो जाना चाहिए था।
-जितेंद्र गट्टानी, व्यापारी

प्रचार वाहनों पर भी लगे रोक
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एक-एक धर्मस्थल पर 10-10 लाउडस्पीकर लगे हैं, जो लोगों की नींद हराम कर देते हैं। प्रशासन को इन्हें तत्काल उतरवा देना चाहिए। साथ ही बाजार में घूमने वाले रिक्शों पर बंधे माइक और डीजे आदि के शोरशराबे पर भी नियंत्रण करना चाहिए।
- इंदु मेहरोत्रा, महामंत्री, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

लोगों को मिलेगी राहत
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हाईकोर्ट ने बिल्कुल सही टिप्पणी की है। शहर से लेकर देहात तक में इतना शोर है कि लोगों का जीना मुश्किल है। लाउडस्पीकर के शोर पर रोक लगना बहुत जरूरी है। प्रशासन के रोक लगाने से लोगों को राहत मिलेगी।
जसपाल सिंह पाली, शहीद भगत सिंह नि:स्वार्थ सेवा समिति


अत्यंत सराहनीय निर्णय
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लाउडस्पीकर के शोर पर रोक लगाने संबंधी निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि जब लाउडस्पीकर का शोर होता है तो न पढ़ाई हो सकती है और न ही अच्छी नींद ली जा सकती है। इससे बीमार लोगों को बहुत परेशानी होती है।
- एसएस कंबोज, प्रबंधक-नवभारत पब्लिक इंटर कॉलेज-महेवागंज।

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जिले के सभी ऐसे स्थानों की सूची बनवाई जा रही है, जहां लाउडस्पीकर लगे हैं। सभी को चिन्हित करने के बाद उन लोगों से बात की जाएगी। फिर जरूरतों को देखते हुए शासन के निर्देशानुसार लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति दी जाएगी।

- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम

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धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकरों को लेकर हाईकोर्ट और शासन के निर्देश का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा। इसके लिए सभी सीओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। सभी थाना प्रभारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारी को सहयोग करते हुए अपने क्षेत्र के ऐसे स्थानों को चिन्हित करेंगे।
- डॉ.एस. चन्नप्पा, एसपी
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