{"_id":"5a1461394f1c1bee688bcf26","slug":"71511285049-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ की दहशत के चलते भुइयां देवी मेले में कड़े बंदोबस्त की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ की दहशत के चलते भुइयां देवी मेले में कड़े बंदोबस्त की तैयारी
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी/ममरी। वन रेंज मोहम्मदी-महेशपुर क्षेत्र में बाघ के बढ़ते हमलों से व्याप्त दहशत को देखते हुए बिहारीपुर फार्म के पास जंगल में कठिना नदी के टीले पर स्थित माता भुइयां देवी के मंदिर पर 23 नवंबर को लगने वाले अर्द्धवार्षिक मेले में बाघ के हमले से बचने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
बिहारीपुर फार्म के इर्द गिर्द गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बनाए बाघ ने एक महीने में दो लोगों अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) को 21 अक्टूबर और 19 नवंबर को महेशपुर के ओमप्रकाश (45) को हमला कर मौत के घाट उतार चुका है, जिससे क्षेत्र में दहशत है। मंदिर कमेटी के राजपाल सिंह, अमरजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, हरविंदर सिंह, चरनपाल सिंह, अरविंद सिंह का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई जगह आग के अलाव जलाए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर के आसपास कड़ी चौकसी बरती जा रही है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि मेले के दिन वन कर्मियों की स्पेशल टीम बाघ की निगरानी में लगाई जा रही है, फिर भी उन्होंने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने जंगल की झाड़ी में न जाने और मेले का समापन शीघ्र कराने को कहा है। एसओ सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि बाघ की दहशत को ध्यान में रखकर कई थानों का पुलिस फोर्स मेले में लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
बिहारीपुर फार्म के इर्द गिर्द गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बनाए बाघ ने एक महीने में दो लोगों अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) को 21 अक्टूबर और 19 नवंबर को महेशपुर के ओमप्रकाश (45) को हमला कर मौत के घाट उतार चुका है, जिससे क्षेत्र में दहशत है। मंदिर कमेटी के राजपाल सिंह, अमरजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, हरविंदर सिंह, चरनपाल सिंह, अरविंद सिंह का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई जगह आग के अलाव जलाए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर के आसपास कड़ी चौकसी बरती जा रही है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि मेले के दिन वन कर्मियों की स्पेशल टीम बाघ की निगरानी में लगाई जा रही है, फिर भी उन्होंने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने जंगल की झाड़ी में न जाने और मेले का समापन शीघ्र कराने को कहा है। एसओ सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि बाघ की दहशत को ध्यान में रखकर कई थानों का पुलिस फोर्स मेले में लगाया जा रहा है।
विज्ञापन