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62 करोड़ का बकाएदार है लखीमपुर
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 08 Jan 2015 05:10 PM IST
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लखीमपुर शहर के हजारों उपभोक्ता 62 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का बकाएदार हैं। बिजली विभाग ने उच्चाधिकारियों को भेजी गई ताजी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। बकाएदारों में घरेलू, व्यवसायिक और पॉवर के सरकारी उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी विभाग भी शामिल हैं।
खास बात यह है कि शहर में बिजली विभाग के कैंपों और घर-घर चलाए गए अभियान से भी बकाए में कोई कमी नहीं आई है। नवंबर 2014 और जनवरी के ताजा आंकड़े में भी बकाया लगभग बराबर ही है। इसके मुताबिक शहर में बकाएदारों की संख्या 14325 पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 35 हजार, कामर्शियल कनेक्शन छह हजार और पॉवर के सात सौ उपभोक्ता हैं। इनमें 10 हजार घरेलू और अन्य बकाएदारों में सरकारी-गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। जिन पर बिजली बिलों का छह महीने से लेकर सात साल तक का बकाया है।
बिल जमा करने में गांव वाले भी फिसड्डी
ग्रामीण उपभोक्ताओं पर बकाया करोड़ों रुपया जमा कराने के लिए शासन ने एकमुश्त समाधान योजना के तहत ब्याज दर में सौ फीसदी की छूट दी गई लेकिन 45 हजार उपभोक्ताओं में सिर्फ 1200 उपभोक्ताओं ने ही इस योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। योजना 10 जनवरी चलेगी लेकिन बकाएदार उपभोक्ता इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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एसडीओ टॉउन धर्मेंद्र आनंद ने बताया कि शहरी बकाएदारों से बिजली बिलों की वसूली के लिए कई बार अभियान चलाकर कनेक्शन काटे गए। कैंप भी लगे लेकिन उम्मीद के मुताबिक राजस्व जमा नहीं हुआ। इससे बकाया बढ़ता गया। राजस्व वसूली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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खास बात यह है कि शहर में बिजली विभाग के कैंपों और घर-घर चलाए गए अभियान से भी बकाए में कोई कमी नहीं आई है। नवंबर 2014 और जनवरी के ताजा आंकड़े में भी बकाया लगभग बराबर ही है। इसके मुताबिक शहर में बकाएदारों की संख्या 14325 पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 35 हजार, कामर्शियल कनेक्शन छह हजार और पॉवर के सात सौ उपभोक्ता हैं। इनमें 10 हजार घरेलू और अन्य बकाएदारों में सरकारी-गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। जिन पर बिजली बिलों का छह महीने से लेकर सात साल तक का बकाया है।
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बिल जमा करने में गांव वाले भी फिसड्डी
ग्रामीण उपभोक्ताओं पर बकाया करोड़ों रुपया जमा कराने के लिए शासन ने एकमुश्त समाधान योजना के तहत ब्याज दर में सौ फीसदी की छूट दी गई लेकिन 45 हजार उपभोक्ताओं में सिर्फ 1200 उपभोक्ताओं ने ही इस योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। योजना 10 जनवरी चलेगी लेकिन बकाएदार उपभोक्ता इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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एसडीओ टॉउन धर्मेंद्र आनंद ने बताया कि शहरी बकाएदारों से बिजली बिलों की वसूली के लिए कई बार अभियान चलाकर कनेक्शन काटे गए। कैंप भी लगे लेकिन उम्मीद के मुताबिक राजस्व जमा नहीं हुआ। इससे बकाया बढ़ता गया। राजस्व वसूली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।