{"_id":"5b6b43bd4f1c1bb37b8b6ffe","slug":"61533756349-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुली बैठक में कोटेदारों की मनमानी के चलते चले लात-घूंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुली बैठक में कोटेदारों की मनमानी के चलते चले लात-घूंसे
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या 08एलकेएच401
खुली बैठक में चले लात घूंसे
ग्रामीणों ने कोटेदार पर लगाए गंभीर आरोप
मझगईं। कोटेदारों द्वारा आधार कार्ड फीड न कराने से करीब 1700 कार्डधारकों के यूनिट कम हो जाने से ग्राम प्रधान ने खुली बैठक बुलाई। इसमें जमकर हंगामा हुआ। बात इतनी बढ़ी कि लात घूंसे भी चलने लगे। कोटेदारों पर ग्रामीणों ने मनमानी का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि कोटेदारों ने रुपये लेकर कार्ड बनाए हैं।
ग्राम पंचायत बल्लीपुर कलां के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड के साथ ही बैंक की पासबुक की फोटो कापी कोटेदारों को दी थी। आरोप है कि कोटेदारों की उदासीनता के चलते कम्प्यूटर में फीड नहीं कराया जिससे कार्डधारकों में लगभग 1700 यूनिट कम हो गए है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से की थी। इसे लेकर कोटेदार ने बुधवार को खुली बैठक बुलाई थी। बैठक खत्म होने ही वाली थी कि हंगामा शुरू हो गया। कहा सुनी से बात इतनी बढ़ी की जमकर लात घूंसे चलने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार जिससे पैसा लेते हैं उन्हीं का कार्ड बनाया जाता है। इसकी जांच कराने की भी मांग की गई है। उधर कोटेदारों ने बताया कि रुपये लेने के आरोप गलत हैं। अलग अलग राशन कार्डों के करीब 1700 यूनिट कम हो गए हैं जिन्हें जल्द ही फीड कराया जाएगा।
विज्ञापन
खुली बैठक में चले लात घूंसे
ग्रामीणों ने कोटेदार पर लगाए गंभीर आरोप
मझगईं। कोटेदारों द्वारा आधार कार्ड फीड न कराने से करीब 1700 कार्डधारकों के यूनिट कम हो जाने से ग्राम प्रधान ने खुली बैठक बुलाई। इसमें जमकर हंगामा हुआ। बात इतनी बढ़ी कि लात घूंसे भी चलने लगे। कोटेदारों पर ग्रामीणों ने मनमानी का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि कोटेदारों ने रुपये लेकर कार्ड बनाए हैं।
ग्राम पंचायत बल्लीपुर कलां के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड के साथ ही बैंक की पासबुक की फोटो कापी कोटेदारों को दी थी। आरोप है कि कोटेदारों की उदासीनता के चलते कम्प्यूटर में फीड नहीं कराया जिससे कार्डधारकों में लगभग 1700 यूनिट कम हो गए है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से की थी। इसे लेकर कोटेदार ने बुधवार को खुली बैठक बुलाई थी। बैठक खत्म होने ही वाली थी कि हंगामा शुरू हो गया। कहा सुनी से बात इतनी बढ़ी की जमकर लात घूंसे चलने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार जिससे पैसा लेते हैं उन्हीं का कार्ड बनाया जाता है। इसकी जांच कराने की भी मांग की गई है। उधर कोटेदारों ने बताया कि रुपये लेने के आरोप गलत हैं। अलग अलग राशन कार्डों के करीब 1700 यूनिट कम हो गए हैं जिन्हें जल्द ही फीड कराया जाएगा।
विज्ञापन