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स्वाइन फ्लू पीड़ित युवक की लखनऊ में हुई मौत
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:40 PM IST
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स्वाइन फ्लू पीड़ित युवक की लखनऊ में हुई मौत
दुबई में करता था काम, वहीं पर हुआ संक्रमित
मेडिकल कॉलेज लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। मोहल्ला नई बस्ती निवासी एक युवक में स्वाइन फ्लू की तीन दिन पहले पुष्टि हुई थी, जिसकी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज लखनऊ में मौत हो गई है। पीड़ित युवक दुबई में काम करता था, जहां से वह चार सितंबर 2018 को घर वापस आया था। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को उसके घर पहुंची, लेकिन वहां पर किसी के न मिलने पर टीम वापस लौट गई थी।
शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी नोटरी वकील कयूम बेग का 31 वर्षीय पुत्र आतिफ दुबई में काम करता था। वह चार सितंबर को दुबई से लखीमपुर अपने घर आया था। उसके बाद उसे तेज बुखार आया, तो निजी अस्पताल में फायदा नहीं हुआ। फिर उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, जहां पहले सहारा हास्पिटल और फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की सुबह आतिफ की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक के पिता कयूम बेग ने बताया कि दुबई में बीमार हो जाने पर आतिफ चार सितंबर को घर आया था, जिसके बाद से लगातार उसका इलाज कराया गया। लखनऊ के सहारा हास्पिटल में दिखाया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। वहां पर जांच में में इन्फ्लुएंजा ए, पेंडामिन एचवनएनवन की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की सुबह आतिफ की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
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वर्जन.....
दुबई से घर आए युवक में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद लखनऊ में इलाज दौरान मौत की जानकारी मिली है। मरीज सीधे लखनऊ में भर्ती हुआ था, इसलिए उसकी जांच रिपोर्ट नहीं देखी है। फिलहाल बचाव के लिए फांगिंग कराने और लोगों को जागरूक करने की निर्देश दिए गए हैं।
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- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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साइड स्टोरी.....
स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग लापरवाह
मोहल्ले में न तो टीम गई और न बांटी दवाएं
लखीमपुर खीरी। दुबई से शहर के मोहल्ला बस्ती स्थित घर आए वकील कयूम वेग के पुत्र आतिफ को स्वाइन फ्लू होने की जानकारी के बाद 11 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम पता लगाते हुए पीड़ित के घर तक पहुंची थी, लेकिन ताला लगा देखकर लौट आई। उसके बाद न तो मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को इस बीमारी से जागरूक करने के लिए गई और न ही दवाइयां बांटी। मोहल्ले के गुड्डू, रघुवीर, संजीव अग्रवाल आदि बताते हैं कि यहां कोई टीम नहीं आई है। इससे इस बात का अंदाजा लगता है कि स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना संजीदा है। महकमे की इस लापरवाही पर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल चुप्पी साधे हैं। वह कहते हैं कि शुक्रवार को मोहल्ले में टीम भेजी जाएगी।
मानवाधिकार सुरक्षा समिति की शोकसभा
मानवाधिकार सुरक्षा समिति के संयोजक अजय कुमार पांडेय समेत सदस्यों ने कचेहरी में शोकसभा की, जिसमें दो मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त की गई। सभा में आफताब आलम, वकार अहमद, नफीस, फिरासत अली, मुजीब, विवेक, उमाप्रताप कटियार मौजूद रहे।
पीड़ित से दूरी बनाए रखना ही कारगर बचाव
सीएमओ कार्यालय की डॉ पूनम सिंह ने बताया है कि स्वाइन फ्लू पीड़ित के संपर्क में आने वालों में भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए रोगी को अलग कमरे में रखें और उससे दूर ही रहें। यदि पास जाना जरूरी हो तो मास्क लगा कर जाएं। खासकर बच्चों को लेकर ज्यादा सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि घर के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए टैमी फ्लू की दवा खिलाई जाती है।
पिछले साल स्वाइन फ्लू के मिले थे 13 रोगी
इस साल जहां अभी तक जिले के एक युवक की स्वाइन फ्लू ने जान ले ली है। वहीं पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू के 13 पीड़ित मिले थे।
दुबई में करता था काम, वहीं पर हुआ संक्रमित
मेडिकल कॉलेज लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। मोहल्ला नई बस्ती निवासी एक युवक में स्वाइन फ्लू की तीन दिन पहले पुष्टि हुई थी, जिसकी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज लखनऊ में मौत हो गई है। पीड़ित युवक दुबई में काम करता था, जहां से वह चार सितंबर 2018 को घर वापस आया था। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को उसके घर पहुंची, लेकिन वहां पर किसी के न मिलने पर टीम वापस लौट गई थी।
शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी नोटरी वकील कयूम बेग का 31 वर्षीय पुत्र आतिफ दुबई में काम करता था। वह चार सितंबर को दुबई से लखीमपुर अपने घर आया था। उसके बाद उसे तेज बुखार आया, तो निजी अस्पताल में फायदा नहीं हुआ। फिर उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, जहां पहले सहारा हास्पिटल और फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की सुबह आतिफ की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक के पिता कयूम बेग ने बताया कि दुबई में बीमार हो जाने पर आतिफ चार सितंबर को घर आया था, जिसके बाद से लगातार उसका इलाज कराया गया। लखनऊ के सहारा हास्पिटल में दिखाया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। वहां पर जांच में में इन्फ्लुएंजा ए, पेंडामिन एचवनएनवन की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की सुबह आतिफ की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
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वर्जन.....
दुबई से घर आए युवक में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद लखनऊ में इलाज दौरान मौत की जानकारी मिली है। मरीज सीधे लखनऊ में भर्ती हुआ था, इसलिए उसकी जांच रिपोर्ट नहीं देखी है। फिलहाल बचाव के लिए फांगिंग कराने और लोगों को जागरूक करने की निर्देश दिए गए हैं।
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- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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साइड स्टोरी.....
स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग लापरवाह
मोहल्ले में न तो टीम गई और न बांटी दवाएं
लखीमपुर खीरी। दुबई से शहर के मोहल्ला बस्ती स्थित घर आए वकील कयूम वेग के पुत्र आतिफ को स्वाइन फ्लू होने की जानकारी के बाद 11 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम पता लगाते हुए पीड़ित के घर तक पहुंची थी, लेकिन ताला लगा देखकर लौट आई। उसके बाद न तो मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को इस बीमारी से जागरूक करने के लिए गई और न ही दवाइयां बांटी। मोहल्ले के गुड्डू, रघुवीर, संजीव अग्रवाल आदि बताते हैं कि यहां कोई टीम नहीं आई है। इससे इस बात का अंदाजा लगता है कि स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना संजीदा है। महकमे की इस लापरवाही पर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल चुप्पी साधे हैं। वह कहते हैं कि शुक्रवार को मोहल्ले में टीम भेजी जाएगी।
मानवाधिकार सुरक्षा समिति की शोकसभा
मानवाधिकार सुरक्षा समिति के संयोजक अजय कुमार पांडेय समेत सदस्यों ने कचेहरी में शोकसभा की, जिसमें दो मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त की गई। सभा में आफताब आलम, वकार अहमद, नफीस, फिरासत अली, मुजीब, विवेक, उमाप्रताप कटियार मौजूद रहे।
पीड़ित से दूरी बनाए रखना ही कारगर बचाव
सीएमओ कार्यालय की डॉ पूनम सिंह ने बताया है कि स्वाइन फ्लू पीड़ित के संपर्क में आने वालों में भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए रोगी को अलग कमरे में रखें और उससे दूर ही रहें। यदि पास जाना जरूरी हो तो मास्क लगा कर जाएं। खासकर बच्चों को लेकर ज्यादा सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि घर के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए टैमी फ्लू की दवा खिलाई जाती है।
पिछले साल स्वाइन फ्लू के मिले थे 13 रोगी
इस साल जहां अभी तक जिले के एक युवक की स्वाइन फ्लू ने जान ले ली है। वहीं पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू के 13 पीड़ित मिले थे।