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Lakhimpur Kheri News: पिछले साल के 50 फीसदी पौधे गायब... इस बार 91 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
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आंवला नर्सरी का जायजा लेते डीएफओ संजय बिश्वाल। स्त्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। बीते वर्ष रोपे गए 92 लाख पौधों में करीब 50 फीसदी पौधों को वन और संबंधित विभाग बचा नहीं सके। यह पौधे सूख गए या जानवरों ने नष्ट कर दिए। अब वर्ष 2024 के पौधारोपण लक्ष्य को पूरा कर जिले की धरा को हरा-भरा करने के दावा किया जा रहा है। जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाले वन महोत्सव में 91,07,300 पौधे रोपने का लक्ष्य है।
वर्ष 2023 में जिले में करीब 92 लाख पौधे रोपे गए थे। इनमें आधे से ज्यादा पौधे या तो सूख कर या दूसरे कारणों से बर्बाद हो गए। वन विभाग का दावा है कि विभाग की ओर से रोपे गए पौधों में से 82 फीसदी पौधे जीवित हैं। जबकि दूसरे विभागों के लगाए पौधों में 56 फीसदी पौधे ही जीवित रह गए है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ और पौधरोपण के नोडल अफसर संजय बिश्वाल का कहना है कि पौधों को सुरक्षित रखने के व्यापक प्रयास किए जाते हैं।
वहीं वर्ष 2024 में खीरी जिले में वन विभाग पिछले साल की अपेक्षा करीब दो लाख पौधे कम लगाएगा। इस साल वन विभाग 20,98,900 पौधे रोपेगा। इसमें दक्षिण खीरी वन प्रभाग के जिम्मे 10,92,200 और उत्तर खीरी वन प्रभाग के जिम्मे 10,06,700 पौधरोपण है। पिछले साल दोनों प्रभागों ने मिलकर करीब 22 लाख पौधे लगाए गए थे। इस साल जिले में पौधरोपण का लक्ष्य कम किया गया है। जबकि साल दर साल इस लक्ष्य में बढ़ोतरी की जाती रही है।
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इन विभागों को भी मिला लक्ष्य
वन विभाग के अलावा जिले में कार्यरत सभी विभाग पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करने में अपनी सहभागिता करेंगे। इसके लिए सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। वन एवं पर्यावरण विभाग 20,98,900, ग्राम्य विकास विभाग को 41,88000 पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है, जो सभी विभागों में सबसे ज्यादा है। तीसरा सबसे बड़ा लक्ष्य 8,37,000 कृषि विभाग को दिया गया है।
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57 पौधशालाओं में एक करोड़ 30 लाख पौधे तैयार
जिले में पौध तैयार करने के लिए कुल 57 पौधशालाएं है। इनमें 33 उत्तर खीरी वन प्रभाग, 21 दक्षिण खीरी वन प्रभाग, दो उद्यान विभाग के अलावा एक रेशम विभाग की हैं। इनमें कुल एक करोड़ 30 लाख पौधे तैयार कर लिए गए है। इनमें से 54 लाख पौधे उत्तर खीरी वन प्रभाग में 76 लाख, दक्षिण खीरी वन प्रभाग की नर्सरियों के अलावा 20 लाख रेशम और 23 लाख पौध उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार किए गए हैं। यह पौधे मांग के अनुरूप विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
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विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित पौधरोपण लक्ष्य
वन विभाग दक्षिण-10,92,200
वन विभाग उत्तर-10,06,700
ग्राम्य विकास विभाग- 41,88,000
राजस्व विभाग-3,52,000
पंचायती राज विभाग - 4,27,000
आवास विकास विभाग-9000
औद्योगिक विकास विभाग -15,000
नगर विकास विभाग - 48,000
लोकनिर्माण विभाग -24000
सिंचाई विभाग -25000
रेशम विभाग -33000
कृषि विभाग -8,37,000
पशुपालन विभाग -17000
सहकारिता विभाग -18,620
उद्योग विभाग-16000
विद्युत विभाग-13020
माध्यमिक शिक्षा-25000
बेसिक शिक्षा-41000
प्रावधिक शिक्षा-11000
उच्च शिक्षा-41000
श्रम विभाग-3600
स्वास्थ्य विभाग-24000
परिवहन विभाग-3400
रेलवे विभाग-29000
रक्षा विभाग-8000
उद्यान विभाग-5,19,000
पुलिस विभाग-11760
कुल योग -91,07,300
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वर्ष 2023 में जिले में करीब 92 लाख पौधे रोपे गए थे। इनमें आधे से ज्यादा पौधे या तो सूख कर या दूसरे कारणों से बर्बाद हो गए। वन विभाग का दावा है कि विभाग की ओर से रोपे गए पौधों में से 82 फीसदी पौधे जीवित हैं। जबकि दूसरे विभागों के लगाए पौधों में 56 फीसदी पौधे ही जीवित रह गए है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ और पौधरोपण के नोडल अफसर संजय बिश्वाल का कहना है कि पौधों को सुरक्षित रखने के व्यापक प्रयास किए जाते हैं।
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वहीं वर्ष 2024 में खीरी जिले में वन विभाग पिछले साल की अपेक्षा करीब दो लाख पौधे कम लगाएगा। इस साल वन विभाग 20,98,900 पौधे रोपेगा। इसमें दक्षिण खीरी वन प्रभाग के जिम्मे 10,92,200 और उत्तर खीरी वन प्रभाग के जिम्मे 10,06,700 पौधरोपण है। पिछले साल दोनों प्रभागों ने मिलकर करीब 22 लाख पौधे लगाए गए थे। इस साल जिले में पौधरोपण का लक्ष्य कम किया गया है। जबकि साल दर साल इस लक्ष्य में बढ़ोतरी की जाती रही है।
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इन विभागों को भी मिला लक्ष्य
वन विभाग के अलावा जिले में कार्यरत सभी विभाग पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करने में अपनी सहभागिता करेंगे। इसके लिए सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। वन एवं पर्यावरण विभाग 20,98,900, ग्राम्य विकास विभाग को 41,88000 पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है, जो सभी विभागों में सबसे ज्यादा है। तीसरा सबसे बड़ा लक्ष्य 8,37,000 कृषि विभाग को दिया गया है।
57 पौधशालाओं में एक करोड़ 30 लाख पौधे तैयार
जिले में पौध तैयार करने के लिए कुल 57 पौधशालाएं है। इनमें 33 उत्तर खीरी वन प्रभाग, 21 दक्षिण खीरी वन प्रभाग, दो उद्यान विभाग के अलावा एक रेशम विभाग की हैं। इनमें कुल एक करोड़ 30 लाख पौधे तैयार कर लिए गए है। इनमें से 54 लाख पौधे उत्तर खीरी वन प्रभाग में 76 लाख, दक्षिण खीरी वन प्रभाग की नर्सरियों के अलावा 20 लाख रेशम और 23 लाख पौध उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार किए गए हैं। यह पौधे मांग के अनुरूप विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित पौधरोपण लक्ष्य
वन विभाग दक्षिण-10,92,200
वन विभाग उत्तर-10,06,700
ग्राम्य विकास विभाग- 41,88,000
राजस्व विभाग-3,52,000
पंचायती राज विभाग - 4,27,000
आवास विकास विभाग-9000
औद्योगिक विकास विभाग -15,000
नगर विकास विभाग - 48,000
लोकनिर्माण विभाग -24000
सिंचाई विभाग -25000
रेशम विभाग -33000
कृषि विभाग -8,37,000
पशुपालन विभाग -17000
सहकारिता विभाग -18,620
उद्योग विभाग-16000
विद्युत विभाग-13020
माध्यमिक शिक्षा-25000
बेसिक शिक्षा-41000
प्रावधिक शिक्षा-11000
उच्च शिक्षा-41000
श्रम विभाग-3600
स्वास्थ्य विभाग-24000
परिवहन विभाग-3400
रेलवे विभाग-29000
रक्षा विभाग-8000
उद्यान विभाग-5,19,000
पुलिस विभाग-11760
कुल योग -91,07,300
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