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Lakhimpur Kheri News: भीषण आग में 43 घर जलकर राख
Thu, 23 Apr 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 23 Apr 2026 11:20 PM IST
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लखीमपुर खीरी। मझगईं थाना क्षेत्र के बौधिया कलां गांव के मजरा लोनियनपुरवा में बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग सरवन पाल के घर से शुरू हुई और तेज हवा के चलते देखते ही देखते पूरे मोहल्ले को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में 43 घर जलकर राख हो गए।
घटना के समय अधिकांश ग्रामीण पास के गांव में अंतिम संस्कार में गए हुए थे। जब तक लोग लौटकर पहुंचे, तब तक आग कई घरों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
अग्निकांड में सरवन पाल की तीन गाय जलकर मर गईं, जबकि दो अन्य झुलस गईं। जयप्रकाश की तीन बकरियां और दो बकरे भी आग में जल गए। शहीदुल की एक गाय झुलस गई। वहीं जान बचाकर भाग रहे प्यारेलाल का पैर की हड्डी टूट गई।
आग की चपेट में आकर सतीश, शिवप्यारी, नंदराम, बहादुर, अरविंद, किशोर, प्रमोद, मीना, सुमित, पुत्तू, सुशील, हीराकली, पप्पू, रामगुलाम, पवन, दयाराम, सोनपाल, शिवपुरी, सुनीता, संदीप, हरिराम, पतराम, जसपाल, छोटूराम, तीरथराम, रामकली, सचिन, चुन्नी, विजयपाल समेत कुल 43 परिवारों के घर जलकर राख हो गए।
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रामबहादुर की बेटी की 13 मई को होने वाली शादी के लिए रखा दहेज का पूरा सामान आग में जल गया। वहीं, शरीफुल को मिला दहेज का सामान भी राख हो गया, जिससे उसकी पत्नी जुबेदा का रो-रोकर बुरा हाल है। कमरुन्निशा के जेवरात और करीब एक लाख रुपये नकद भी आग की भेंट चढ़ गए।
सूचना पर तहसीलदार दिव्यांशु शाही, कानूनगो लक्ष्मण यादव, लेखपाल शैलेंद्र सिंह, अवधेश कुमार व आपदा मित्र अश्विनी कुमार मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और प्रशासन से राहत व मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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घटना के समय अधिकांश ग्रामीण पास के गांव में अंतिम संस्कार में गए हुए थे। जब तक लोग लौटकर पहुंचे, तब तक आग कई घरों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
अग्निकांड में सरवन पाल की तीन गाय जलकर मर गईं, जबकि दो अन्य झुलस गईं। जयप्रकाश की तीन बकरियां और दो बकरे भी आग में जल गए। शहीदुल की एक गाय झुलस गई। वहीं जान बचाकर भाग रहे प्यारेलाल का पैर की हड्डी टूट गई।
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आग की चपेट में आकर सतीश, शिवप्यारी, नंदराम, बहादुर, अरविंद, किशोर, प्रमोद, मीना, सुमित, पुत्तू, सुशील, हीराकली, पप्पू, रामगुलाम, पवन, दयाराम, सोनपाल, शिवपुरी, सुनीता, संदीप, हरिराम, पतराम, जसपाल, छोटूराम, तीरथराम, रामकली, सचिन, चुन्नी, विजयपाल समेत कुल 43 परिवारों के घर जलकर राख हो गए।
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रामबहादुर की बेटी की 13 मई को होने वाली शादी के लिए रखा दहेज का पूरा सामान आग में जल गया। वहीं, शरीफुल को मिला दहेज का सामान भी राख हो गया, जिससे उसकी पत्नी जुबेदा का रो-रोकर बुरा हाल है। कमरुन्निशा के जेवरात और करीब एक लाख रुपये नकद भी आग की भेंट चढ़ गए।
सूचना पर तहसीलदार दिव्यांशु शाही, कानूनगो लक्ष्मण यादव, लेखपाल शैलेंद्र सिंह, अवधेश कुमार व आपदा मित्र अश्विनी कुमार मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और प्रशासन से राहत व मुआवजे की मांग कर रहे हैं।