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बाघ की चहलकदमी, खेतों में मिले पगचिह्न
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ममरी (लखीमपुर खीरी)। वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र में मौठीखेड़ा पल्हनापुर गांव के पास दो दिन पूर्व बैल और बछड़े को निवाला बना चुका बाघ बुधवार की रात फिर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। गुरुवार सुबह बाघ के पगचिह्न खेत में मिले, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। मामले की जानकारी तुरंत वनकर्मियों को दी गई।
मौठीखेड़ा, पल्हनापुर फार्म के सरदारों, ग्रामीणों का कहना है कि देवीपुर बीट से निकलकर गांव के पास कई दिनों से विचरण कर रहे बाघ ने 10 मार्च को एक बैल, 11 मार्च को एक बछड़े को अपना शिकार बनाया था। तभी से बाघ गांव और फार्म के पास विचरण कर रहा है। बुधवार की रात बाघ फिर मौठीखेड़ा गांव की आबादी के समीप जा पहुंचा। ग्रामीणों, झाला वासियों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर चला गया। दहशत की वजह से लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। फारेस्टर रामप्रसाद का कहना है कि बीट वनरक्षक विनीत सिंह का तबादला हो गया है। इस कारण बाघ की निगरानी नहीं हो रही है। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले हफ्ते डीएफओ के निर्देश पर पर बस्तनगर गांव के पास खेतों में गंगाकली हथिनी के साथ काबिंग कराई गई। अब बाघ मौठीखेड़ा के पास देखा जा रहा है। होली के बाद गेहूं कटाई भी शुरू होने वाली है, जिससे लोगों में दहशत है।
बाघ की चहलकदमी पर पैनी नजर रखी जा रही है। मौठीखेड़ा, पल्हनापुर, परबस्त नगर, सुंदरपुर गांव, सरदार लाल सिंह, मक्खनसिंह, बलिहार सिंह आदि सरदारों के झाले जंगल से 500 मीटर दूर है, जिन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
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- मोहम्मद आरिफ, रेंजर वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर।
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मौठीखेड़ा, पल्हनापुर फार्म के सरदारों, ग्रामीणों का कहना है कि देवीपुर बीट से निकलकर गांव के पास कई दिनों से विचरण कर रहे बाघ ने 10 मार्च को एक बैल, 11 मार्च को एक बछड़े को अपना शिकार बनाया था। तभी से बाघ गांव और फार्म के पास विचरण कर रहा है। बुधवार की रात बाघ फिर मौठीखेड़ा गांव की आबादी के समीप जा पहुंचा। ग्रामीणों, झाला वासियों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर चला गया। दहशत की वजह से लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। फारेस्टर रामप्रसाद का कहना है कि बीट वनरक्षक विनीत सिंह का तबादला हो गया है। इस कारण बाघ की निगरानी नहीं हो रही है। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले हफ्ते डीएफओ के निर्देश पर पर बस्तनगर गांव के पास खेतों में गंगाकली हथिनी के साथ काबिंग कराई गई। अब बाघ मौठीखेड़ा के पास देखा जा रहा है। होली के बाद गेहूं कटाई भी शुरू होने वाली है, जिससे लोगों में दहशत है।
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बाघ की चहलकदमी पर पैनी नजर रखी जा रही है। मौठीखेड़ा, पल्हनापुर, परबस्त नगर, सुंदरपुर गांव, सरदार लाल सिंह, मक्खनसिंह, बलिहार सिंह आदि सरदारों के झाले जंगल से 500 मीटर दूर है, जिन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
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- मोहम्मद आरिफ, रेंजर वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर।