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कोतवाली में तीन घंटे चली वार्ता के बाद भी नहीं निकला हल
Updated Sun, 28 Jan 2018 11:31 PM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। शिव बारात निकाले जाने को लेकर दो गुटों के बीच चल रहा विवाद सुलझता नहीं दिख रहा। रविवार को एसडीएम सदर की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के बीच सदर कोतवाली में बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। एसडीएम ने दो दिन का समय देते हुए दोनों पक्षों को आपसी बातचीत कर हल निकालने के निर्देश दिए हैं।
शहर में शिव बारात वर्ष 2015 और 2016 में मोहन बाजपेई और अमितेश चौरसिया गुड्डू के नेतृत्व निकाली जाती थी, लेकिन 2017 में अमितेश चौरसिया ने अलग होकर शिवभक्त सोसाइटी पंजीकृत करा ली और इस साल खुद शिव बारात निकालने का दावा कर दिया। इसी को लेकर मोहन बाजपेई और अमितेश चौरसिया के बीच दो गुट बन गए। 21 जनवरी को यह विवाद एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह के दफ्तर पहुंचा। जहां पर सीओ सिटी आरके वर्मा की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच दो घंटे तक वार्ता चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई।
रविवार को एसडीएम की अध्यक्षता में सदर कोतवाली में एक बैठक हुई, जिसमें सीओ सिटी और अन्य अफसर भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों पक्षों में करीब तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इस पर एसडीएम ने दोनों पक्षों को दो दिन का समय देते हुए आपसी समझौते से विवाद हल करने के निर्देश दिए हैं।
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दोनो पक्षों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। उम्मीद है कि दोनों पक्ष आपस में बैठकर मसले को तय कर लेेंगे। इसके लिए दो दिन का समय दिया गया है। उम्मीद है कि इस बीच सहमति बन जाएगा। ऐसा न हुआ तो बुधवार को फिर बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
- नागेंद्र सिंह, एसडीएम सदर
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शहर में शिव बारात वर्ष 2015 और 2016 में मोहन बाजपेई और अमितेश चौरसिया गुड्डू के नेतृत्व निकाली जाती थी, लेकिन 2017 में अमितेश चौरसिया ने अलग होकर शिवभक्त सोसाइटी पंजीकृत करा ली और इस साल खुद शिव बारात निकालने का दावा कर दिया। इसी को लेकर मोहन बाजपेई और अमितेश चौरसिया के बीच दो गुट बन गए। 21 जनवरी को यह विवाद एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह के दफ्तर पहुंचा। जहां पर सीओ सिटी आरके वर्मा की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच दो घंटे तक वार्ता चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई।
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रविवार को एसडीएम की अध्यक्षता में सदर कोतवाली में एक बैठक हुई, जिसमें सीओ सिटी और अन्य अफसर भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों पक्षों में करीब तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इस पर एसडीएम ने दोनों पक्षों को दो दिन का समय देते हुए आपसी समझौते से विवाद हल करने के निर्देश दिए हैं।
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दोनो पक्षों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। उम्मीद है कि दोनों पक्ष आपस में बैठकर मसले को तय कर लेेंगे। इसके लिए दो दिन का समय दिया गया है। उम्मीद है कि इस बीच सहमति बन जाएगा। ऐसा न हुआ तो बुधवार को फिर बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
- नागेंद्र सिंह, एसडीएम सदर