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इन माफिया पर आकाओं का हाथ तो कैसे रुके अवैध खनन

Wed, 11 Apr 2018 07:51 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी Updated Wed, 11 Apr 2018 07:51 PM IST
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When Mafia getting support from high level contact then sand mining will stop
sand mining
नेताओं की मनमानी और पुलिस की साठगांठ से जिले में अवैध खनन फिर जोर पकड़ गया है। तहसील लखीमपुर के गांव खजुआ, गोला के गांव चांदामऊ, मढ़िया, धौरहरा, मोहम्मदी, मितौली के गांव मड़रिया, भीखमपुर, दवमनिया और कुतुलपुर में माफिया ने जगह-जगह बालू के ऊंचे-ऊंचे चट्टे लगाकर उसे डंप कर दिया है। सड़क के किनारे बेखौफ होकर भारी मात्रा में बालू के ढेर देखने से ही लग जाता है कि किसी आका ने इसे लगवाया है अन्यथा चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाले खनन प्रभारी से लेकर अधिकारियों और पुलिस तक की नजर इस पर जरूर पड़ जाती। ये माफिया इतने बेखौफ हैं कि दिन में भी खुलेआम खनन करते हैं। वजह है कि इस कमाई का बड़ा हिस्सा पुलिस और नेताओं की जेब में जाता है। खास बात यह है कि इस कारोबार से आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। खनन इंस्पेक्टर सुखेंद्र सिंह की मानें तो जिले में बालू निकालने का सिर्फ एक पट्टा धौरहरा तहसील के गांव मूड़ी में हुआ है। इसके अलावा कहीं कोई पट्टा नहीं है। यदि बालू निकाली जा रही है तो वह अवैध खनन है। बात साफ है कि इसके बाद भी धड़ल्ले से न सिर्फ बालू निकाली जा रही है, बल्कि बेखौफ होकर उसे डंप किया जा रहा है तो इन माफियाओं पर आकाओं का हाथ है।
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सीन-1

बेखौफ होकर जेसीबी से निकाली जा रही मिट्टी
रजागंज। तहसील सदर क्षेत्र के गांव खजुहा में माफिया बेखौफ होकर मिट्टी खनन करते हैं। कई बार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह कई गांवों में भी धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
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सीन-2

यहां तो धड़ल्ले से हो रहा तालाब से खनन
महेवागंज। फरधान के खेतउसा गांव के तालाब पर खनन माफिया की नजर लग गई है। तालाब में जेसीबी चलाकर इसे खोखला किया जा रहा है। चोरी छिपे सैकड़ों ट्राली बालू का खुदान किया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो रेता भरकर देर रात ट्रालियां यहां से गुजरती नजर आती हैं।
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सीन-3
यहां तो सड़क किनारे खेत में डंप की जा रही बालू
भीखमपुर। तहसील गोला, मितौली और मोहम्मदी के बार्डर पर धड़ल्ले से गोमती नदी से बालू निकालकर डंप की जा रही है। गोला के गांव चांदामऊ, मढ़िया, धौरहरा, मोहम्मदी, मितौली के गांव मड़रिया, भीखमपुर, दवमनिया और कुतुलपुर में ऊंचे ऊंचे बालू के ढेर लगे हैं, लेकिन इस ओर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।


सीन-4
सीतापुर ब्रांच नहर में हो रहा अवैध खनन
मितौली। सीतापुर शारदा ब्रांच नहर की सूखी नहर से इन दिनों धड़ल्ले से बालू निकाली भीखमपुर इलाके में डंप की जा रही है। नहर में ट्रैक्टर ट्रालियों के पहिए के निशान अवैध खनन की गवाही दे रहे हैं। बालू खनन का यहां कोई पट्टा नहीं है, इसलिए डंपिंग की अनुमति मिल नहीं सकती। ऐसे में नेताओं के कहने पर ही बालू डंप की जा रही है, जिसको पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी नजरअंदाज कर रहे हें।

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विधायक खनन वाले अपने मुद्दे पर अडिग हैं या नहीं, असमंजस में लोग
गोला से भाजपा विधायक अरविंद गिरि ने सितंबर में अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पहले तो इसे बंद कराने की बात कही थी, फिर बालू और मिट्टी के ऊंचे भाव पर ऐतराज जताते हुए महज पांच सौ रुपये ट्राली मिट्टी और हजार रुपये ट्राली बालू बिकवाने की बात कही, लेकिन न तो खनन ही रुका और न ही महंगाई घटी, लेकिन विधायक अब चुप हैं। लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर विधायक ने अवैध खनन के मुद्दे पर आरपार के संघर्ष का एलान क्यों किया था? फिर सबकुछ पहले जैसा ही चलता रहने के बाद भी विधायक आखिर अब चुप क्यों हैं? लोग असमंजस में हैं कि विधायक अपने खनन वाले मुद्दे पर अडिग हैं या नहीं। हालांकि इस बाबत विधायक अरविंद गिरि का कहना है कि उन्होंने अभी हाल ही में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की है। वह कुछ भी गलत नहीं होने देंगे।

ऐसे की जा रही नियमों की अनदेखी
जिले में मिट्टी निकासी की अनुमति लेकर एक प्रार्थना पत्र पर दर्जनों ट्राली मिट्टी निकाली जा रही है। इतना ही नहीं कई गुना भार लादकर ट्रैक्टर ट्राली सरपट दौड़ रहे है। सूत्रों की मानें तो खनन पट्टा की अनुमति में तीन सौ रुपये प्रति घन मीटर बालू का रेट निर्धारित है, जबकि पांच सौ रुपये लोडिंग का अतिरिक्त वसूला जा रहा है। प्रति ट्रैक्टर ट्राली तीन घन मीटर तक ही बालू ले जाने का नियम है, पर बालू ढोने वाले नियमों की परवाह नहीं कर रहे।

बालू डंप करने की अनुमति में भी खेल
सदर क्षेत्र के सहजनी गांव में बालू के डंप का ठेका है। बताते हैं रोजाना बालू निकासी के बावजूद डंप पर चिन्ह पड़ता और उसकी स्थिति जस की तस बनी रहती है। वहीं गोला इलाके में बिना पट्टे के ही बालू डंप की जा रही है, जबकि अधिकारी इस ओर से अनजान बने हैं।

तेतारपुर पर खनन माफिया की नजर
महेवागंज।
फूलबेहड़ का तेतारपुर क्षेत्र बालू खनन के लिए कुख्यात रहा है। भले ही इन दिनों यहां खुदान का ठेका न हो पर खनन माफिया की नजर यहां ज्यादा टिकी रहती है। यहां चोरी छिपे खनन होता है और विभाग व पुलिस जब पैसा नहीं मिलता तो कार्रवाई करती नजर आती है।



अवैध खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि सरकार ने बालू और मिट्टी देने की प्रक्रिया के तहत पॉलिसी बनाई है और पट्टे किए जा रहे हैं। इसके बाद भी यदि अवैध खनन हो रहा है तो अभियान चलाकर इसकी जानकारी की जाएगी और अवैध खनन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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