फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   ना ली डीएम की अनुमति और ना कराया टेंडर, लगा लिया वाहन

ना ली डीएम की अनुमति और ना कराया टेंडर, लगा लिया वाहन

Fri, 16 Jun 2017 06:07 PM IST
Updated Fri, 16 Jun 2017 06:07 PM IST
विज्ञापन
ना ली डीएम की अनुमति और ना कराया टेंडर, लगा लिया वाहन

विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। जिला लेखा प्रबंधक ने डीएम की अनुमति और टेंडर प्रक्रिया अपनाए बगैर डीपीएम यू कार्यालय से वाहन का अनुबंध करने एवं वाहन किराया भुगतान के लिए अनुबंध मूल्य से ज्यादा के बिल पेश करने का आरोप जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर लगाया है और इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों सहित डीएम से की है। हालांकि सीएमओ इसे दोनों का आपसी विवाद बता रहे हैं।
डैम (जिला लेखा प्रबंधक) सतपाल सिंह ने शिकायती में पत्र लिखा है कि डीपीएम यू कार्यालय में जिस वाहन को लगाया गया है, उसके अनुबंध की अनुमति ना तो डीएम से ली गई और न ही कोई टेंडर प्रक्रिया कराई गई। जबकि वाहन का अनुबंध डीएम की अनुमति के बाद टेंडर प्रक्रिया से होना चाहिए था। आरोप है कि डीपीएम (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) मनीष बिसारिया ने मनमानी करके एक तो वाहन का अनुबंध कर लिया और अब भुगतान के लिए अनुबंध मूल्य से ज्यादा के बिल पेश कर रहे हैं। डैम ने डीपीएम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत वाहन बिल और लॉग बुक के साथ अधिकारियों से की है। वहीं डीपीएम मनीष बिसारिया ने इस मामले में बोलने से इंकार करते हुए कहा कि कोई मामला नहीं हैं और सारे आरोप गलत हैं।
विज्ञापन

000000000000000000000
बाक्स-
सात सौ किलोमीटर ज्यादा का पेश किया बिल
डैम ने बताया कि डीपीएम ने अप्रैल माह को जो बिल पेश किया है वह 2240 किलोमीटर का है जबकि वाहन मात्र 1562 किलोमीटर ही चला है। इसी प्रकार दिसंबर 2016 का बिल 2233 किलोमीटर का पेश किया गया है जबकि वाहन सिर्फ 2061 किलोमीटर ही चला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

.......................
बाक्स-
कुछ दिन के लिए आना बताकर कर लिया गाड़ी का अनुबंध
डैम ने बताया कि डीपीएम ने डीएचएस और टेंडर प्रक्रिया के बगैर वाहन संख्या यूपी 31टी 6247 की जगह यूपी 31 टी 6850 को लगा लिया और जब उनसे इस संबंध में पूछा तो डीपीएम ने कहा कि गाड़ी कुछ दिनों के लिए आई है, फिर चेंज हो जाएगी।
......................
बाक्स-
एसीएमओ ने जांच करने से किया मना
सीएमओ ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए इसकी जांच के लिए एसीएमओ एनएचएच डॉ. मातादीन को सौंपी है, लेकिन उनका कहना है कि मामला लेखा है इसलिए वह इसकी जांच करने में असमर्थ हैं। एसीएमओ का कहना है कि जांच ना करने के बारे में सीएमओ को भी बता दिया है।
...............
वर्जन
दिशा निर्देशों को ताक पर रखकर डीपीएम कार्य कर रहे हैं, वाहन कम चलते हैं और बिल ज्यादा के बनाकर पेश करते हैं। भुगतान ना करने पर मुख्यमंत्री से शिकायत कराने की धमकी देते हैं।

सतपाल सिंह, जिला लेखा प्रबंधक
000000000000
वर्जन
भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है, डैम और डीपीएम आपस झगड़ रहे हैं और एक दूसरे के खिलाफ शिकायत कर रहें हैं। हालांकि दोनों के शिकायती पत्रों की जांच एसीएमओ एनएचएम को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
डॉ.जावेद अहमद, सीएमओ
....................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed