Lakhimpur Kheri: बिजली की चिंगारी ने उजाड़ीं मुन्नापुरवा की खुशियां, आग लगने से 24 घर जले, एक युवक झुलसा
लखीमपुर खीरी के मझगईं थाना क्षेत्र के गांव मुन्नापुरवा में मंगलवार दोपहर आग लगने से ग्रामीणों को भारी नुकसान हो गया। गांव के 24 घर जल गए।
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आग इतनी भयानक थी कि लोग अपने घरों से सामान निकालना तो दूर बमुश्किल जान बचाकर भाग सके। चीख पुकार सुनकर पास के गांव सिसवारा गदियाना, भादुरैहिया, बोटन पुरवा और मोती पुरवा के सैकड़ों ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए पशुवाड़े में बंधे जानवरों को हंसिए से रस्सियां काटकर आजाद किया, जिससे उनकी जान बच सकी। हालांकि इस बीच हुलासी राम का 20 वर्षीय पुत्र रोहित आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। उसे आनन-फानन एंबुलेंस से निघासन सीएचसी भर्ती कराया गया।
देर से पहुंची दमकल की गाड़ियां
घटनास्थल पर दमकल विभाग की देरी ने ग्रामीणों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया। सूचना के एक घंटे बाद जब फायर ब्रिगेड का वाहन पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और कर्मचारियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद एसआई राम सुमेर साहनी और दीवान महेंद्र सिंह ने मोर्चा संभाला और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया कि पलिया से और गाड़ियां मंगवाई गई हैं।
शाम तक जब आग पर काबू पाया गया तब तक गंगाराम, बबलू, आशीष, जयलाल, सोहन, शारदा प्रसाद, महावीर, सोनेलाल, श्रीकेशन, राजेश, कौशल, तोताराम और रामनरेश सहित करीब दो दर्जन ग्रामीणों के घर राख के ढेर में तब्दील हो चुके थे। घरों में रखा राशन, जेवर, नकदी और बिस्तर सब कुछ जल गया। गंगाराम और सोनेलाल के डनलप भी जलकर नष्ट हो गए।
देर शाम निघासन एसडीएम राजीव निगम और तहसीलदार दिव्यांशु शाही ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। तहसीलदार ने लेखपाल अभिषेक कुमार को निर्देश दिए कि तत्काल नुकसान का आकलन कर पीड़ितों को राहत सामग्री और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करें।