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Lakhimpur Kheri News: तीन साल में 2.09 लाख एंटी रेबीज डोज, नसबंदी के लिए निकायों ने एक भी कुत्ता नहीं पकड़ा

Tue, 22 Sep 2026 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 22 Sep 2026 12:12 AM IST
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2.09 lakh anti-rabies doses administered in three years, but no dogs caught for sterilisation by civic bodies
शहर में घूम रहा कुत्तों का झुंड। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में कुत्ते और अन्य जानवर लोगों को काटते रहे और स्वास्थ्य विभाग एंटी रेबीज वैक्सीन लगाता रहा। पिछले तीन वर्षों में 2,09,416 एंटी रेबीज डोज लगाई जा चुकी हैं। इसके बावजूद कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी की प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. दिनेश कुमार सचान के अनुसार, तीन वर्षों में नगर पालिका या नगर पंचायतों की ओर से नसबंदी के लिए एक भी कुत्ता पकड़कर विभाग को नहीं दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में 69,881, 2024 में 79,033 और 2025 में 60,502 एंटी रेबीज डोज लगाई गईं। इनमें करीब 70 प्रतिशत मामले कुत्ते के काटने के और 30 प्रतिशत बंदर, बिल्ली समेत अन्य जानवरों के काटने के बताए गए हैं।
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जिला अस्पताल में जून से सितंबर तक अब तक 3,647 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लग चुकी है। जून में 1,291, जुलाई में 966, अगस्त में 786 और सितंबर में अब तक 604 लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों के काटने के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। बरवर पीएचसी में अगस्त में 115 और सितंबर में अब तक 100 मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगी। बिजुआ सीएचसी में हर माह करीब 100 मरीज वैक्सीन लगवा रहे हैं। गोला सीएचसी में पिछले वर्ष 21,842 डोज लगी थीं और वर्तमान में प्रतिदिन करीब 40 लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। मोहम्मदी सीएचसी में एक साल में 3,848 डोज लगाई गई हैं।
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नगर पालिका और नगर पंचायत कुत्तों को पकड़कर विभाग को उपलब्ध कराएंगी, तभी उनकी नसबंदी किए जाने का प्रावधान है। अभी तक न तो नगर पालिका से नसबंदी के संबंध में कोई पत्र आया है और न ही कुत्तों को पकड़े जाने की सूचना दी गई है। विभाग के पास पर्याप्त चिकित्सक हैं। नगर पालिका नसबंदी के लिए बुलाती है तो टीम तैयार है।
-डॉ. दिनेश कुमार सचान, सीवीओ
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शेल्टर होम के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। इसके लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही शेल्टर होम बनाया जाएगा।
-संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका, लखीमपुर
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, फिर भी इंतजाम नहीं
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील परिसरों में आवारा कुत्तों से सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार, मोहल्लों और स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों के झुंड दिखाई दे रहे हैं।

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तिकुनिया पीएचसी पर एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम नहीं
तिकुनिया। तिकुनिया पीएचसी पर कुत्ता और सांप डसने के लिए एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं है। डॉ. सलमान अंसारी ने बताया कि सांप और कुत्ता काटने वाले मरीजों को निघासन सीएचसी भेजा जाता है। तिकुनिया से निघासन सीएचसी की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है।
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ऐसे करें बचाव एवं रोकथाम
कुत्ते के काटते ही घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से 15-20 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं।
जरूरत होने पर रेबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन भी लगवाएं।
पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण कराएं।
बच्चों को बेसहारा कुत्तों से दूर रखें।
कुत्तों को कच्चा मांस खाने को न दें।
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