...तो अब प्राइवेट गाड़ियों से जंगल नहीं घूम सकेंगें सैलानी
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निजी गाड़ियों से अब सैलानी दुधवा नेशनल पार्क का भ्रमण नहीं कर सकेंगे। पार्क के डिप्टी डायरेक्टर ने निजी गाड़ियों को जंगल के अंदर जाने पर रोक लगा दी है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि निजी गाड़ियों से जाने वाले सैलानी गाड़ियों का शीशा खोलकर या दरवाजा खोलकर पार्क के जंगली जीवों को देखते हैं, जिससे उन पर हमलों का खतरा रहता है। सैलानियों की सुरक्षा को देखते हुए डीडी ने यह फैसला लिया है। उन्होंने जंगलों के आसपास रहने वाले थारूओं और अन्य लोगों से अपील की है वह जिप्सियां खरीदकर रोजगार कमाएं और इनसे सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराए, ताकि जंगलों पर से उनकी निर्भरता कम हो सके।
दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने बताया कि सैलानी अपनी निजी गाड़ियों से अब तक जंगल भ्रमण करते थे, कई बार देखने को मिला कि सैलानियों को बंद गाड़ियों से जंगली जानवरों के दीदार नहीं होते थे, जिसके बाद वह शीशा खोलकर या नीचे उतरकर उनको देखते हैं। जिससे उनपर खतरा मंडराता रहता है। बताया कि जिप्सियां और जंगल सफारियां खुली होती हैं, जिससे जंगली जीवों के दीदार सैलानियों को आसानी से हो जाते हैं। इसी को लेकर निजी प्राइवेट गाड़ियों पर जंगल भ्रमण के लिए रोक लगा दी गई है। सैलानी गेस्ट हाउस और दुधवा मुख्यालय तक अपनी गाड़ियों से आ सकते हैं इसके बाद जंगल भ्रमण के लिए उनको जिप्सियां व जंगल सफारी ही लेनी पड़ेगी। डीडी ने बताया कि स्थानीय लोगों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों से अपील भी की गई है कि वह जिप्सी व सफारी खरीदें तथा उनको पार्क में जंगल भ्रमण के लिए लगाएं। जिससे उनको रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही जंगलों पर उनकी निर्भरता भी खत्म होगी। बताया कि इसके लिए टैक्सी की एप्लाई भी करनी पड़ेगी तथा पार्क से परमीशन भी लेना पड़ेगा। डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि किशनपुर के साथ ही दुधवा में भी यह लागू हो गया है कि कोई भी सैलानी निजी गाड़ी से जंगल भ्रमण नहीं करेगा। इसके लिए वन विभाग और पार्क अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों को रोजगार देने की नई पहल
स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए पार्क के डीडी ने यह नई पहल की है। जिससे स्थानीय लोग किसी तरीके से जिप्सी खरीदें व उसको जंगल भ्रमण के लिए लगाएं। इससे जंगल पर एक तरफ से उनकी निर्भरता तो खत्म होगी ही साथ ही उनको रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।