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झटका...पीओएस मशीन से शुरू नहीं हो सकी खाद की बिक्री
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:05 AM IST
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डीएम ने खाद की तस्करी रोकने के आदेश दिए
पीओएस मशीन से खाद बिक्री किए जाने की तारीख बढ़ने के बाद लिया निर्णय
एसएसबी, पुलिस और कृषि अधिकारियों को अलर्ट जारी
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर खाद की तस्करी रोकना चुनौती
अमित गुप्ता
लखीमपुर खीरी।
सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों पर एक जनवरी 2018 से खाद की बिक्री पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के जरिए करने के सरकारी आदेश को लागू करने के प्रयासों को झटका लगा है। इससे इंडो-नेपाल बॉर्डर पर खाद की तस्करी और कालाबाजारी की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं, जिसे रोकने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आदेश जारी करते हुए एसएसबी और पुलिस को अलर्ट जारी किया है। साथ ही सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें बॉर्डर पर सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में खाद की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है।
भारत सरकार ने खाद की कालाबाजारी/तस्करी/ओवर रेटिंग रोकने के लिए पीओएस मशीन से खाद की बिक्री किए जाने के आदेश दिए हैं। इसे एक जनवरी 2018 से लागू होना था, लेकिन पीओएस की सप्लाई न होने से अवधि को बढ़ाया गया। दिसंबर 2017 में शेष पीओएस मशीनों की खेप प्राप्त होने के बाद कुल 1019 उर्वरक बिक्री केंद्रों को इनका वितरण कर दिया गया था। एक जनवरी 2018 से पीओएस के माध्यम से ही खाद की बिक्री की जानी थी, जिससे पूर्णतया खाद की तस्करी/कालाबाजारी पर अंकुश लग जाता। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और पीओएस की फीडिंग में खाद के स्टॉक की तकनीकी खामी के चलते पीओएस से खाद बिक्री किए जाने की तारीख एक बार फिर बढ़ाकर एक फरवरी 2018 कर दी गई है। पीओएस से खाद बिक्री के फैसले में हो रही देरी के पीछे कारणों के बारे में अफसर भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। जनवरी में गेहूं की सिंचाई के दौरान यूरिया खाद की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है, जिसकी कालाबाजारी और तस्करी को रोकना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
खाद स्टॉक का सत्यापन भी नहीं हुआ
सहकारी समितियों और प्राइवेट खाद दुकानों पर उपलब्ध खाद के स्टॉक का सत्यापन 31 दिसंबर 2017 तक पूर्ण कराने के आदेश दिए गए थे, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। अभी तक बहुत कम ही दुकानों का सत्यापन हो सका है।
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असामाजिक तत्वों की होगी निगरानी
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पहले से तस्करी/जमाखोरी में लिप्त रहे व्यक्तियों को चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल सीमा पर तस्करी करने वाले असामाजिक तत्वों पर भी नजर बनाए रखने के लिए एसएसबी और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टेट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एसआईबी) को भी अलर्ट किया गया है।
पीओएस मशीनों में स्टॉक फीडिंग में तकनीकी खामी के चलते एक जनवरी से व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। अब शासन ने 31 जनवरी तक सभी कमियों को दूर कर एक फरवरी 2018 से इस नई व्यवस्था को लागू कराने के निर्देश दिए हैं।
संतोष कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
पीओएस मशीन से खाद बिक्री किए जाने की तारीख बढ़ने के बाद लिया निर्णय
एसएसबी, पुलिस और कृषि अधिकारियों को अलर्ट जारी
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर खाद की तस्करी रोकना चुनौती
अमित गुप्ता
लखीमपुर खीरी।
सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों पर एक जनवरी 2018 से खाद की बिक्री पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के जरिए करने के सरकारी आदेश को लागू करने के प्रयासों को झटका लगा है। इससे इंडो-नेपाल बॉर्डर पर खाद की तस्करी और कालाबाजारी की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं, जिसे रोकने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आदेश जारी करते हुए एसएसबी और पुलिस को अलर्ट जारी किया है। साथ ही सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें बॉर्डर पर सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में खाद की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है।
भारत सरकार ने खाद की कालाबाजारी/तस्करी/ओवर रेटिंग रोकने के लिए पीओएस मशीन से खाद की बिक्री किए जाने के आदेश दिए हैं। इसे एक जनवरी 2018 से लागू होना था, लेकिन पीओएस की सप्लाई न होने से अवधि को बढ़ाया गया। दिसंबर 2017 में शेष पीओएस मशीनों की खेप प्राप्त होने के बाद कुल 1019 उर्वरक बिक्री केंद्रों को इनका वितरण कर दिया गया था। एक जनवरी 2018 से पीओएस के माध्यम से ही खाद की बिक्री की जानी थी, जिससे पूर्णतया खाद की तस्करी/कालाबाजारी पर अंकुश लग जाता। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और पीओएस की फीडिंग में खाद के स्टॉक की तकनीकी खामी के चलते पीओएस से खाद बिक्री किए जाने की तारीख एक बार फिर बढ़ाकर एक फरवरी 2018 कर दी गई है। पीओएस से खाद बिक्री के फैसले में हो रही देरी के पीछे कारणों के बारे में अफसर भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। जनवरी में गेहूं की सिंचाई के दौरान यूरिया खाद की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है, जिसकी कालाबाजारी और तस्करी को रोकना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
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खाद स्टॉक का सत्यापन भी नहीं हुआ
सहकारी समितियों और प्राइवेट खाद दुकानों पर उपलब्ध खाद के स्टॉक का सत्यापन 31 दिसंबर 2017 तक पूर्ण कराने के आदेश दिए गए थे, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। अभी तक बहुत कम ही दुकानों का सत्यापन हो सका है।
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असामाजिक तत्वों की होगी निगरानी
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पहले से तस्करी/जमाखोरी में लिप्त रहे व्यक्तियों को चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल सीमा पर तस्करी करने वाले असामाजिक तत्वों पर भी नजर बनाए रखने के लिए एसएसबी और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टेट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एसआईबी) को भी अलर्ट किया गया है।
पीओएस मशीनों में स्टॉक फीडिंग में तकनीकी खामी के चलते एक जनवरी से व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। अब शासन ने 31 जनवरी तक सभी कमियों को दूर कर एक फरवरी 2018 से इस नई व्यवस्था को लागू कराने के निर्देश दिए हैं।
संतोष कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी