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गन्ना उतराई को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन
Updated Fri, 17 Nov 2017 07:18 PM IST
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लखीमपुर खीरी/धौरहरा-खीरी।
गुलरिया चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र जटपुरवा और लबेदपुर में गन्ना उतराई को लेकर किसानों ने क्रय केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे तौल बंद हो गई। पांच दिनों से क्रय केंद्रों पर बैलगाड़ियों और ट्रॉलियां खड़ी हैं।
गन्ना किसानों से गन्ना उतराई के नाम पर एक रुपये प्रति क्विंटल वसूलने के विरोध में गुलरिया चीनी मिल के जटपुरवा और लबेदपुर गन्ना क्रय केंद्र के किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। मिल पर किसानों का शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इधर मिल ने अड़ियल रवैया अपनाते हुए दोनों सेंटरों का पर्ची इंडेंड रोक दिया है। किसानों की बैलगाड़ियां और गन्ना भरी ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर पांच दिन से खड़ी हैं। गन्ने के खेत न खाली होने से गेहूं की बुआई भी प्रभावित हो रही हैं।
यह है असली वजह
गन्ना किसानों की उतराई की जिम्मेदारी मिल और ट्रांसपोर्टर की होती है। किसानों से अनलोडिंग का पैसा लेना केन एक्ट के खिलाफ है। किसान इसी बात का विरोध कर रहे हैं। जटपुरवा के किसान सुरेंद्र चौधरी, पिंटू चौधरी, शिवशंकर वर्मा, प्रेम प्रकाश, कमलेश कुमार, जगप्रताप आदि ने बताया कि पिछलेे वर्ष मिल और ट्रांसपोर्टर श्रमिकों को गन्ना उतराई तीन रुपये बीस पैसा प्रति क्विंटल देते थे। इस बार उसमें से एक रुपये क्विंटल किसानों से मांग रहे है जो गलत है। किसान इसी का विरोध कर रहे हैं। वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक एनपी सिंह ने बताया कि किसानों और ट्रांसपोटर के मध्य बात हो रही है जल्दी ही समाधान निकलेगा। नियमानुसार किसान अपनी ट्रॅाली का गन्ना चट्टा गिराए या अपनी ट्रॉली से ट्रक में श्रमिकों को पकड़ाए यदि ऐसा नहीं करता है तो मजदूर एक रुपये क्विंटल किसानों से लेता है। कुछ बड़े किसानों की वजह से छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं।
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किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रही मिलें
किसानों को गेहूं की बआई करनी है, इसके लिए उन्हें खेत खाली करने की जल्दी है। इसी मजबूरी का फायदा चीनी मिलें उठा रही हैं। जहां किसान विरोध नही कर रहे वहां प्रति ट्रॉली 80 रुपये और बैलगाड़ियों से 40 रुपये की वसूली हो रही है। यह गन्ना क्रय केंद्र गुलरिया चीनी मिल के कफारा, होलागढ़, गुरगुट्टा बुजुर्ग, लखनपुरवा लौखनियां मल्लबेहड़ आदि हैं। इस बावत ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मार्कडेय मौर्या ने बताया कि किसानों से अनलोडिंग का पैसा यदि लिया जा रहा है तो गलत है, दिखवाता हूं।
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गुलरिया चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र जटपुरवा और लबेदपुर में गन्ना उतराई को लेकर किसानों ने क्रय केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे तौल बंद हो गई। पांच दिनों से क्रय केंद्रों पर बैलगाड़ियों और ट्रॉलियां खड़ी हैं।
गन्ना किसानों से गन्ना उतराई के नाम पर एक रुपये प्रति क्विंटल वसूलने के विरोध में गुलरिया चीनी मिल के जटपुरवा और लबेदपुर गन्ना क्रय केंद्र के किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। मिल पर किसानों का शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इधर मिल ने अड़ियल रवैया अपनाते हुए दोनों सेंटरों का पर्ची इंडेंड रोक दिया है। किसानों की बैलगाड़ियां और गन्ना भरी ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर पांच दिन से खड़ी हैं। गन्ने के खेत न खाली होने से गेहूं की बुआई भी प्रभावित हो रही हैं।
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यह है असली वजह
गन्ना किसानों की उतराई की जिम्मेदारी मिल और ट्रांसपोर्टर की होती है। किसानों से अनलोडिंग का पैसा लेना केन एक्ट के खिलाफ है। किसान इसी बात का विरोध कर रहे हैं। जटपुरवा के किसान सुरेंद्र चौधरी, पिंटू चौधरी, शिवशंकर वर्मा, प्रेम प्रकाश, कमलेश कुमार, जगप्रताप आदि ने बताया कि पिछलेे वर्ष मिल और ट्रांसपोर्टर श्रमिकों को गन्ना उतराई तीन रुपये बीस पैसा प्रति क्विंटल देते थे। इस बार उसमें से एक रुपये क्विंटल किसानों से मांग रहे है जो गलत है। किसान इसी का विरोध कर रहे हैं। वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक एनपी सिंह ने बताया कि किसानों और ट्रांसपोटर के मध्य बात हो रही है जल्दी ही समाधान निकलेगा। नियमानुसार किसान अपनी ट्रॅाली का गन्ना चट्टा गिराए या अपनी ट्रॉली से ट्रक में श्रमिकों को पकड़ाए यदि ऐसा नहीं करता है तो मजदूर एक रुपये क्विंटल किसानों से लेता है। कुछ बड़े किसानों की वजह से छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं।
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किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रही मिलें
किसानों को गेहूं की बआई करनी है, इसके लिए उन्हें खेत खाली करने की जल्दी है। इसी मजबूरी का फायदा चीनी मिलें उठा रही हैं। जहां किसान विरोध नही कर रहे वहां प्रति ट्रॉली 80 रुपये और बैलगाड़ियों से 40 रुपये की वसूली हो रही है। यह गन्ना क्रय केंद्र गुलरिया चीनी मिल के कफारा, होलागढ़, गुरगुट्टा बुजुर्ग, लखनपुरवा लौखनियां मल्लबेहड़ आदि हैं। इस बावत ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मार्कडेय मौर्या ने बताया कि किसानों से अनलोडिंग का पैसा यदि लिया जा रहा है तो गलत है, दिखवाता हूं।