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हवा हवाई साबित हुआ 20 घंटे बिजली सप्लाई का दावा
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 05 Apr 2016 10:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- ग्रिड पर लोड बढ़ते ही ग्रिड पर खतरा मंडराया
- इमरजेंसी के नाम पर कई-कई घंटे हो रही कटौती
शहरी क्षेत्र में 20 घंटे बिजली सप्लाई का दावा हवाहवाई साबित होने लगा है। गर्मी के शुरूआती दौर में ही 132 केवी ग्रिड पर खतरा मंडराने लगा है। स्थिति यह है कि ग्रिड को बचाने के लिए दिन में कई-कई घंटे बिजली कटौती करनी पड़ रही है।
करीब पखवाड़े पूर्व सिस्टम कंट्रोल लखनऊ से शहरी क्षेत्र को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे बिजली सप्लाई का रोस्टर जारी किया गया था। कहा गया था कि गर्मी के दिनों में लोगों को इसी रोस्टर के मुताबिक बिजली सप्लाई की जाएगी। रोस्टर लागू होने के कुछ दिनों तक तो सब ठीक ठाक रहा, लेकिन जैसे ही तापमान बढ़ने के कारण ग्रिड पर लोड पढ़ने लगा है, तब से बीस घंटे बिजली सप्लाई का दावा खोखला साबित हो रहा है। पिछले एक हफ्ते से लखीमपुर शहर में एक दिन में तीन से चार बार इमरजेंसी रोस्टर लागू किया जा रहा है। हालात यह है कि सीतापुर से आई 132 केवी ग्रिड ओवरलोड होने के कारण ट्रिप हो जा रही है। ऐसे में ग्रिड को बचाने के लिए बिजली काट दी जा रही है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली की खपत भी बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, उसी हिसाब से बिजली की खपत और बढ़ेगी। वहीं शहरी क्षेत्र के जर्जर तार, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, बदहाल सिस्टम, अधिकारियों की उदासीनता भी बाधा उत्पन्न कर रही है। इसकी वजह से लोगों की दिक्कतें भी बढ़ रही है। लोगों को पेयजल की सप्लाई समय पर नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा बिजली संबंधी अन्य दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली की खपत भी बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में ग्रिड पर लोड पढ़ने से इमरजेंसी रोस्टिंग लागू करना पड़ता है। सिस्टम कंट्रोल से शहरी क्षेत्र को 20 घंटे बिजली सप्लाई का रोस्टर जारी किया गया है, इसके लिए लोकल स्तर पर पूरी बिजली सप्लाई देने की कोशिश रहती है।
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- राहुल शर्मा, एसडीओ टाउन
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- इमरजेंसी के नाम पर कई-कई घंटे हो रही कटौती
शहरी क्षेत्र में 20 घंटे बिजली सप्लाई का दावा हवाहवाई साबित होने लगा है। गर्मी के शुरूआती दौर में ही 132 केवी ग्रिड पर खतरा मंडराने लगा है। स्थिति यह है कि ग्रिड को बचाने के लिए दिन में कई-कई घंटे बिजली कटौती करनी पड़ रही है।
करीब पखवाड़े पूर्व सिस्टम कंट्रोल लखनऊ से शहरी क्षेत्र को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे बिजली सप्लाई का रोस्टर जारी किया गया था। कहा गया था कि गर्मी के दिनों में लोगों को इसी रोस्टर के मुताबिक बिजली सप्लाई की जाएगी। रोस्टर लागू होने के कुछ दिनों तक तो सब ठीक ठाक रहा, लेकिन जैसे ही तापमान बढ़ने के कारण ग्रिड पर लोड पढ़ने लगा है, तब से बीस घंटे बिजली सप्लाई का दावा खोखला साबित हो रहा है। पिछले एक हफ्ते से लखीमपुर शहर में एक दिन में तीन से चार बार इमरजेंसी रोस्टर लागू किया जा रहा है। हालात यह है कि सीतापुर से आई 132 केवी ग्रिड ओवरलोड होने के कारण ट्रिप हो जा रही है। ऐसे में ग्रिड को बचाने के लिए बिजली काट दी जा रही है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली की खपत भी बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, उसी हिसाब से बिजली की खपत और बढ़ेगी। वहीं शहरी क्षेत्र के जर्जर तार, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, बदहाल सिस्टम, अधिकारियों की उदासीनता भी बाधा उत्पन्न कर रही है। इसकी वजह से लोगों की दिक्कतें भी बढ़ रही है। लोगों को पेयजल की सप्लाई समय पर नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा बिजली संबंधी अन्य दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली की खपत भी बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में ग्रिड पर लोड पढ़ने से इमरजेंसी रोस्टिंग लागू करना पड़ता है। सिस्टम कंट्रोल से शहरी क्षेत्र को 20 घंटे बिजली सप्लाई का रोस्टर जारी किया गया है, इसके लिए लोकल स्तर पर पूरी बिजली सप्लाई देने की कोशिश रहती है।
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- राहुल शर्मा, एसडीओ टाउन