{"_id":"5c8a8603bdec22140012ca48","slug":"191552582147-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 लाख के गबन का आरोपी बेहजम का वीडीओ निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 लाख के गबन का आरोपी बेहजम का वीडीओ निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों में बिना वर्क आईडी के 26 लाख 30 हजार 572 रुपये गबन करने के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) कमाल अहमद को आखिरकार डीडीओ अरविंद कुमार ने सस्पेंड कर दिया है। वीडीओ के खिलाफ पहले से सदर कोतवाली, फरधान और नीमगांव में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अनुशासनिक कार्रवाई नहीं की जा रही थी। जबकि सीडीओ ने दो माह पहले ही तत्कालीन डीडीओ को अनुशासनिक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
वर्ष 2017-18 में बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गौरिया में 6,38,408 रुपये, भूलनपुर में 3,99,889 रुपये, प्रतापपुर में 5,33,736 रुपये, मिर्जापुर में 6,69,189 रुपये और हसनापुर में 3,89,350 रुपये यानी कुल 26,30,572 रुपये बिना वर्क आईडी निर्गत किए और निकालकर गबन कर लिए गए। शिकायत पर सीडीओ ने पीडी रामकृपाल चौधरी की अगुवाई में जांच टीम गठित की थी, जिसने आरोपों की पुष्टि करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद सीडीओ रवि रंजन ने दिसंबर 2018 में दोषी वीडीओ कमाल अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए डीपीआरओ और अनुशासनिक कार्रवाई के करने के लिए डीडीओ को आदेश दिए थे। अपने रसूख का इस्तेमाल कर वीडीओ काफी दिनों तक कार्रवाई को टलवाता रहा, लेकिन उच्चाधिकारियों की फटकार के बाद जनवरी में बेहजम के एडीओ पंचायत ने सबसे पहले नीमगांव थाने में आरोपी वीडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद फरधान और सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं तत्कालीन डीडीओ अनुशासनिक कार्रवाई को दबाए रहे, जिनके तबादला होने के बाद नए डीडीओ अरविंद कुमार ने 28 फरवरी 2019 को आरोपी वीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा। जवाब न मिलने पर दोबारा नौ मार्च को पुन: नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा, जिसके बाद उत्तर संतोषजनक न होने पर डीडीओ ने वीडीओ को निलंबित कर दिया।
बांकेगंज बीडीओ जांच अधिकारी नामित
निलंबित वीडीओ कमाल अहमद को ब्लॉक फूलबेहड़ से संबंद्ध किया गया है। डीडीओ ने वीडीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई तय करने के लिए बांकेगंज बीडीओ को जांच अधिकारी नामित किया है, जो 15 दिन में निलंबित कर्मचारी को आरोप पत्र निर्गत करेंगे और अपनी जांच आख्या एक माह में डीडीओ के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2017-18 में बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गौरिया में 6,38,408 रुपये, भूलनपुर में 3,99,889 रुपये, प्रतापपुर में 5,33,736 रुपये, मिर्जापुर में 6,69,189 रुपये और हसनापुर में 3,89,350 रुपये यानी कुल 26,30,572 रुपये बिना वर्क आईडी निर्गत किए और निकालकर गबन कर लिए गए। शिकायत पर सीडीओ ने पीडी रामकृपाल चौधरी की अगुवाई में जांच टीम गठित की थी, जिसने आरोपों की पुष्टि करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद सीडीओ रवि रंजन ने दिसंबर 2018 में दोषी वीडीओ कमाल अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए डीपीआरओ और अनुशासनिक कार्रवाई के करने के लिए डीडीओ को आदेश दिए थे। अपने रसूख का इस्तेमाल कर वीडीओ काफी दिनों तक कार्रवाई को टलवाता रहा, लेकिन उच्चाधिकारियों की फटकार के बाद जनवरी में बेहजम के एडीओ पंचायत ने सबसे पहले नीमगांव थाने में आरोपी वीडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद फरधान और सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं तत्कालीन डीडीओ अनुशासनिक कार्रवाई को दबाए रहे, जिनके तबादला होने के बाद नए डीडीओ अरविंद कुमार ने 28 फरवरी 2019 को आरोपी वीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा। जवाब न मिलने पर दोबारा नौ मार्च को पुन: नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा, जिसके बाद उत्तर संतोषजनक न होने पर डीडीओ ने वीडीओ को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
बांकेगंज बीडीओ जांच अधिकारी नामित
निलंबित वीडीओ कमाल अहमद को ब्लॉक फूलबेहड़ से संबंद्ध किया गया है। डीडीओ ने वीडीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई तय करने के लिए बांकेगंज बीडीओ को जांच अधिकारी नामित किया है, जो 15 दिन में निलंबित कर्मचारी को आरोप पत्र निर्गत करेंगे और अपनी जांच आख्या एक माह में डीडीओ के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञापन