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नौंवी बार बाघ घुसने से दहशत
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:18 AM IST
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झाले में फिर घुसा बाघ, लोगों में दहशत
ममरी(लखीमपुर खीरी)। घमहाघाट निवासी सरदार लाल सिंह के झाले में शनिवार की रात नवीं बार बाघ घुसा। शोर मचाने और पटाखे दागने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। इसकी पुष्टि वनकर्मियों ने भी की है। बार बार छाले में बाघ के आने से लोग दहशत में हैं।
सरदार लाल सिंह, मक्खन सिंह, कश्मीर सिंह आदि झाला वासियों के अनुसार शनिवार की रात 12 बजे नवीं बार उनके झाले में घुसा बाघ ट्यूब्बेल के पास खड़ा रहा। उसके बाद मच्छरदानी में बंधे पशुओं के पास पहुंचा। झाला वासियों के शोर मचाने और पटाखे बजाने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के झाले में घुसने और पगचिह्न मिलने की पुष्टि की। बताया कि बाघ अक्सर लाल सिंह के झाले में घुसकर उसी खेत में चला जाता है जहां बाघ ने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम को गन्ने की सिंचाई करते वक्त हमला कर मार डाला था। बाघ की बढ़ती चहलकदमी से वहां दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बाघ आ रहा है। कभी भी बड़ी घटना की वजह बन सकता है। वन विभाग के लोग उस पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम भी नहीं उठा रहे हैं।
ममरी(लखीमपुर खीरी)। घमहाघाट निवासी सरदार लाल सिंह के झाले में शनिवार की रात नवीं बार बाघ घुसा। शोर मचाने और पटाखे दागने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। इसकी पुष्टि वनकर्मियों ने भी की है। बार बार छाले में बाघ के आने से लोग दहशत में हैं।
सरदार लाल सिंह, मक्खन सिंह, कश्मीर सिंह आदि झाला वासियों के अनुसार शनिवार की रात 12 बजे नवीं बार उनके झाले में घुसा बाघ ट्यूब्बेल के पास खड़ा रहा। उसके बाद मच्छरदानी में बंधे पशुओं के पास पहुंचा। झाला वासियों के शोर मचाने और पटाखे बजाने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के झाले में घुसने और पगचिह्न मिलने की पुष्टि की। बताया कि बाघ अक्सर लाल सिंह के झाले में घुसकर उसी खेत में चला जाता है जहां बाघ ने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम को गन्ने की सिंचाई करते वक्त हमला कर मार डाला था। बाघ की बढ़ती चहलकदमी से वहां दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बाघ आ रहा है। कभी भी बड़ी घटना की वजह बन सकता है। वन विभाग के लोग उस पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम भी नहीं उठा रहे हैं।
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