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कटान हुआ तेज, खेत के खेत निगल रही शारदा
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:06 AM IST
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कटान हुआ तेज, खेत निगल रही शारदा
फसल उजड़ती देख रहे बेबस किसान
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल। शारदा नदी का कहर ग्रंट नंबर 12 में अब काफी तेज हो गया है। नदी कटान से कृषि भूमि का रकबा घटता जा रहा है। किसानों द्वारा खून पसीने से तैयार की गई फसलों को नदी लगातार निगल रही है। बावजूद इसके प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। पिछले दो दिनों में नदी ने कई एकड़ कृषि भूमि को समेट लिया है। ग्रंट 12 गांव के ध्रुवकुमार, रामजीत, शत्रुघ्न, राम किशन ने बताया कि उनके समेत करीब बीस लोगों की फसलें नदी की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो जिस तरह से नदी कटान कर रही है। उससे जल्द ही मंझरी, करदहिया मानपुर गांव की आबादी स्थल पर संकट मंडरा सकता है। मौजूद समय में नदी इन गांवों के बाहरी इलाके को साफ करने में जुटी है।
अस्थाई आशियाना बना जंगल
नदी में समाए बैजनाथपुरवा गांव के बाशिंदे अब जंगल में छप्पर और त्रिपाल डालकर रहने पर मजबूर हैं। गांव के रामकिशोर, पुष्पा देवी, हेमराज, गीता देवी ने बताया कि नदी में घर समाने के बाद सिर छिपाने के लिए जगह नहीं बची है। मजबूरन जंगल में छप्पर, पन्नी तानकर बच्चों को पाल रहे हैं। जंगली जानवरों का डर बना रहता है। शाम ढलते ही डर के मारे बच्चे छप्पर से बाहर नहीं निकलते।
शारदा ने शुरू किया गोड़वा गांव में भूकटान
शारदानगर। शारदा नदी का जलस्तर कम होते ही नदी ने क्षेत्र में भू कटान तेज कर दिया है। शारदा नदी गोड़वा गांव की कृषि योग्य भूमि को तेजी से लीलती जा रही है। नदी को तेजी के साथ गांव की तरफ बढ़ते देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। गांववालों की सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा ग्रामीणों के साथ कटान देखने पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। गोड़वा गांव के पूर्व प्रधान हरिनाम ने बताया की नदी कटान करते हुए गांव की जमीन निगल रही है अगर यह पास के एक नाले तक आ गई तो घोसियाना और पकरिया गांव भी कटान की जद में आ जाएंगे।
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कटान हुआ तेज, खेत निगल रही शारदा
फसल उजड़ती देख रहे बेबस किसान
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल। शारदा नदी का कहर ग्रंट नंबर 12 में अब काफी तेज हो गया है। नदी कटान से कृषि भूमि का रकबा घटता जा रहा है। किसानों द्वारा खून पसीने से तैयार की गई फसलों को नदी लगातार निगल रही है। बावजूद इसके प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। पिछले दो दिनों में नदी ने कई एकड़ कृषि भूमि को समेट लिया है। ग्रंट 12 गांव के ध्रुवकुमार, रामजीत, शत्रुघ्न, राम किशन ने बताया कि उनके समेत करीब बीस लोगों की फसलें नदी की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो जिस तरह से नदी कटान कर रही है। उससे जल्द ही मंझरी, करदहिया मानपुर गांव की आबादी स्थल पर संकट मंडरा सकता है। मौजूद समय में नदी इन गांवों के बाहरी इलाके को साफ करने में जुटी है।
अस्थाई आशियाना बना जंगल
नदी में समाए बैजनाथपुरवा गांव के बाशिंदे अब जंगल में छप्पर और त्रिपाल डालकर रहने पर मजबूर हैं। गांव के रामकिशोर, पुष्पा देवी, हेमराज, गीता देवी ने बताया कि नदी में घर समाने के बाद सिर छिपाने के लिए जगह नहीं बची है। मजबूरन जंगल में छप्पर, पन्नी तानकर बच्चों को पाल रहे हैं। जंगली जानवरों का डर बना रहता है। शाम ढलते ही डर के मारे बच्चे छप्पर से बाहर नहीं निकलते।
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शारदा ने शुरू किया गोड़वा गांव में भूकटान
शारदानगर। शारदा नदी का जलस्तर कम होते ही नदी ने क्षेत्र में भू कटान तेज कर दिया है। शारदा नदी गोड़वा गांव की कृषि योग्य भूमि को तेजी से लीलती जा रही है। नदी को तेजी के साथ गांव की तरफ बढ़ते देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। गांववालों की सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा ग्रामीणों के साथ कटान देखने पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। गोड़वा गांव के पूर्व प्रधान हरिनाम ने बताया की नदी कटान करते हुए गांव की जमीन निगल रही है अगर यह पास के एक नाले तक आ गई तो घोसियाना और पकरिया गांव भी कटान की जद में आ जाएंगे।
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