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तो किसानों की बढ़ने लगी आर्थिक ताकत
Updated Wed, 02 May 2018 07:24 PM IST
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तो बढ़ने लगी किसानों की आर्थिक ताकत
2017-18 में 77.36 अरब से अधिक मूल्य की फसल बेची
किसानों को सबसे अधिक गन्ने से मिल रहा धन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली खेती जिले के किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होने लगी है। कभी खेती में घाटे के ज्यादा मामले सामने आते थे, लेकिन विभिन्न योजनाओं और उन्नति तकनीक के दम पर किसानों ने आय को दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। जिले के किसानों ने वर्ष 2017-18 में 77 अरब 36 करोड़ 30 लाख से अधिक मूल्य की फसलों का उत्पादन किया है, जिसका ग्राफ आने वाले समय में और ऊपर जाने की उम्मीद है।
जिले के 6.11 लाख किसान परिवार खेती पर निर्भर हैं। मुख्य तौर पर गन्ने की फसल किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आय का सबसे मजबूत जरिया बनकर सामने आया है। हालांकि इस वर्ष गन्ने का ज्यादा एरिया और उसमें अच्छा उत्पादन होने से किसानों को गन्ना आपूर्ति करने में दिक्कतें पेश आई हैं, लेकिन समस्या के निराकरण में गन्ना विभाग पूरी जी-जान से जुटा है। इन सबके बावजूद वर्ष 2017-18 में किसानों ने फसल उत्पादन में लंबी छलांग लगाई है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि खरीफ सीजन 2017 में किसानों ने दो अरब 60 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक मूल्य का धान बेचा है। 2017 में ही किसानों ने दो अरब 50 करोड़ 32 लाख से अधिक मूल्य का गेहूं सरकारी एजेंसियों के हाथ बेचा है। उधर, 2017 में ही गन्ना किसानों ने 32 अरब 72 करोड़ 78 लाख से अधिक मूल्य का गन्ना नौ चीनी मिलों को सप्लाई किया था। इस वर्ष 2018 में भी गन्ना किसान अब तक 40 अरब 82 करोड़ 73 लाख से अधिक मूल्य का गन्ना सप्लाई कर चुके हैं, जिसमें अभी और इजाफा होना है। क्योंकि अभी भी काफी क्षेत्रों में गन्ना खड़ा है, जिससे आठ मिलें अभी गन्ने की पेराई कर रही हैं। वर्ष 2018 में की जा रही गेहूं खरीद में एक माह के दौरान 8941 किसानों ने एक अरब 55 करोड़ 57 लाख से अधिक मूल्य का गेहूं बेचा है।
बजाज ग्रुप ने 11.21 करोड़ भुगतान किया
पेराई सत्र 2017-18 में बकाया गन्ना मूल्य में से बजाज ग्रुप की गोला मिल ने बुधवार को पांच करोड़ 12 लाख रुपये, पलिया ने दो करोड़ 77 लाख और खंभारखेड़ा मिल ने तीन करोड़ 32 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया है।
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अभी तक गन्ने की रिकार्ड पेराई चीनी मिलों ने कर ली है, जिसमें अभी और वृद्धि होनी निश्चित है। 1288.67 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर मिलों ने एक करोड़ 35 लाख 18 हजार 648 क्विंटल चीनी का रिकार्ड उत्पादन कर लिया है। शीघ्र भुगतान कराने के लिए चीनी मिल अध्यासियों को कड़ाई से निर्देश दिए गए हैं।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
2017-18 में 77.36 अरब से अधिक मूल्य की फसल बेची
किसानों को सबसे अधिक गन्ने से मिल रहा धन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली खेती जिले के किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होने लगी है। कभी खेती में घाटे के ज्यादा मामले सामने आते थे, लेकिन विभिन्न योजनाओं और उन्नति तकनीक के दम पर किसानों ने आय को दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। जिले के किसानों ने वर्ष 2017-18 में 77 अरब 36 करोड़ 30 लाख से अधिक मूल्य की फसलों का उत्पादन किया है, जिसका ग्राफ आने वाले समय में और ऊपर जाने की उम्मीद है।
जिले के 6.11 लाख किसान परिवार खेती पर निर्भर हैं। मुख्य तौर पर गन्ने की फसल किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आय का सबसे मजबूत जरिया बनकर सामने आया है। हालांकि इस वर्ष गन्ने का ज्यादा एरिया और उसमें अच्छा उत्पादन होने से किसानों को गन्ना आपूर्ति करने में दिक्कतें पेश आई हैं, लेकिन समस्या के निराकरण में गन्ना विभाग पूरी जी-जान से जुटा है। इन सबके बावजूद वर्ष 2017-18 में किसानों ने फसल उत्पादन में लंबी छलांग लगाई है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि खरीफ सीजन 2017 में किसानों ने दो अरब 60 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक मूल्य का धान बेचा है। 2017 में ही किसानों ने दो अरब 50 करोड़ 32 लाख से अधिक मूल्य का गेहूं सरकारी एजेंसियों के हाथ बेचा है। उधर, 2017 में ही गन्ना किसानों ने 32 अरब 72 करोड़ 78 लाख से अधिक मूल्य का गन्ना नौ चीनी मिलों को सप्लाई किया था। इस वर्ष 2018 में भी गन्ना किसान अब तक 40 अरब 82 करोड़ 73 लाख से अधिक मूल्य का गन्ना सप्लाई कर चुके हैं, जिसमें अभी और इजाफा होना है। क्योंकि अभी भी काफी क्षेत्रों में गन्ना खड़ा है, जिससे आठ मिलें अभी गन्ने की पेराई कर रही हैं। वर्ष 2018 में की जा रही गेहूं खरीद में एक माह के दौरान 8941 किसानों ने एक अरब 55 करोड़ 57 लाख से अधिक मूल्य का गेहूं बेचा है।
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बजाज ग्रुप ने 11.21 करोड़ भुगतान किया
पेराई सत्र 2017-18 में बकाया गन्ना मूल्य में से बजाज ग्रुप की गोला मिल ने बुधवार को पांच करोड़ 12 लाख रुपये, पलिया ने दो करोड़ 77 लाख और खंभारखेड़ा मिल ने तीन करोड़ 32 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया है।
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अभी तक गन्ने की रिकार्ड पेराई चीनी मिलों ने कर ली है, जिसमें अभी और वृद्धि होनी निश्चित है। 1288.67 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर मिलों ने एक करोड़ 35 लाख 18 हजार 648 क्विंटल चीनी का रिकार्ड उत्पादन कर लिया है। शीघ्र भुगतान कराने के लिए चीनी मिल अध्यासियों को कड़ाई से निर्देश दिए गए हैं।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी