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भारत-नेपाल सीमा बैठक में फिर उठा अतिक्रमण का मुद्दा

Sat, 22 Dec 2018 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Dec 2018 12:03 AM IST
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भारत-नेपाल सीमा बैठक में फिर उठा अतिक्रमण का मुद्दा
भारत-नेपाल सीमा बैठक में फिर उठा अतिक्रमण का मुद्दा
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पलियाकलां। भारत-नेपाल की संयुक्त फील्ड सर्वे टीम की बैठक में बार्डर पर क्षतिग्रस्त पिलरों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही तस्करी और शिकार रोकने व पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। साथ ही बार्डर पर लगे सीमा पिलरों के क्षतिग्रस्त होकर गायब हो जाने के कारण अतिक्रमण पर भी चर्चा हुई। भारत सरकार के सर्वेयर विभाग के कैम्प ऑफीसर गोविंद दास ने विस्तार से जानकारी दी। निर्णय हुआ कि इस साल क्षतिग्रस्त हो चुके 140 पिलरों नये तरीके से बनाया जाएगा, जबकि 130 सीमा पिलरों की मरम्मत की जाएगी। इस पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सहमति बनी। कहा गया कि इससे अतिक्रमण भी खत्म हो जाएगा।
बजाज चीनी मिल सभागार में आयोजित बैठक में भारत की तरफ से खीरी डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह, जबकि नेपाल की तरफ से मुख्य जिलाधिकारी/सीडीओ कैलाली बाबूराम श्रेष्ठ व सीडीओ कंचनपुर तारानाथ अधिकारी के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा में यह बात सामने आई कि खजुरिया, गौरीफंटा और चंदनचौकी कसबे की सीमा के पास नेपाल की ओर ग्रामीणों ने नो-मेन्स लैंड पर खेती शुरू कर दी है। साथ ही कुछ स्थानों पर अस्थाई निर्माण की भी संभावना जताई गई। इस पर नेपाल के अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त सर्वे कराने के बाद पिलरों का निर्माण करा दिया जाए, जिससे अतिक्रमण स्वत: खत्म हो जाएगा। इस पर भारत के अधिकारियों ने सहमति दे दी। वहीं डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि बार्डर पर किसी भी तरह के विवाद से निपटने के लिए ये जरूरी है कि हम पिलरों की स्थिति जानें। जो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए हैं या फिर उनके नंबर मिट गए हैं। सर्वे के बाद ऐसे पिलरों की पहचान कर उन्हें वापस पूर्व की भांति स्थापना करना हमारी प्राथमिकता है।
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इस तरह बनाए जाते हैं सीमा पिलर
दोनों देशों की सर्वेयर टीम पिलरों का निर्माण कराती है। सम संख्या के पिलर बनाने और मरम्मत करने का दायित्व भारत का होता है, जबकि विषम संख्या के पिलर नेपाल की ओर से बनवाए जाते हैं। सर्वेयर गोविंद दास ने बताया कि एक नंबर का पिलर नेपाल बनाएगा तो दो नंबर का पिलर भारत बनवाएगा। इसी क्रम से एक पिलर नेपाल तो एक पिलर भारत बनवाता है ताकि सीमा विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो।
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दोनों देशों के ये प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में भारत की तरफ से डीएम के अलावा खीरी एसपी पूनम, 57वीं वाहिनी एसएसबी कमांडेंट आरके त्रिपाठी, 39वीं वाहिनी एसएसबी कमानडेंट मुन्ना सिंह, 49वीं वाहिनी एसएसबी कमानडेंट दिलबाग सिंह, चंपावत एसआई भास्कर बरोला, एसडीओ फारेस्ट नार्थ खीरी डीबी सिंह, सीओ पूरनपुर कमल सिंह, एसडीएम पूरनपुर जेपी चौहान, डीडी दुधवा महावीर कौजलगि के साथ सर्वे आफ इंडिया के सर्वे ऑफीसर रहे, जबकि नेपाल की तरफ से एसपी कैलाली आभूषण तिमसिना, एसपी कंचनपुर कुबेर कदायत, एपीएफ कंचनपुर के एसपी विनोद राज श्रेष्ठ, कैलाली डीएसपी विष्णु प्रसाद भट्ट के साथ ही चीफ सर्वे ऑफीसर, प्रोजेक्ट चीफ, डिप्टी इन्वेस्टीगेशन आफिसर कंचनपुर व कैलाली मौजूद रहे।
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