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डॉक्टरों का अल्टीमेटम, मांगे न मानी तो होगा आंदोलन
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:07 AM IST
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डॉक्टरों का अल्टीमेटम, मांगे न मानी तो होगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। प्रशासनिक असंवेदनशीलता को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश है। सोमवार को इसके विरोध में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रेसवार्ता कर आंदोलन की चेतावनी दी। डॉक्टरों का कहना है कि नवनियुक्त डॉक्टर को साठ से सत्तर हजार और बिडिंग माध्यम से रखे जाने वाले डॉक्टरों को ढाई लाख रुपये वेतन देना उचित नहीं है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.आरएस मधौरिया ने कहा कि कई सालों से दर्जनों मांगे लंबित हैं। इसमें सातवें वेतन आयोग के तहत मूल वेतन का 35 प्रतिशत एक जनवरी से दिया जाए, लंबित प्रोन्नतियां पूरी हों, पोष्टमार्टम भत्ता सौ से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति केस किया जाए, कार्य के घंटे निर्धारित कर राजपत्रित अवकाश में इमरजेंसी सेवाएं ही चलें, रिटायरमेंट 62 वर्ष पर हो, डॉक्टरों की सुरक्षा की व्यवस्था करते हुए उनके लंबित मामलों की छह माह में जांच कर निराकरण किया जाए। जोनल सचिव डॉ.अमित सिंह ने बताया कि पहले तो 24 सितंबर को डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा, जिसका संज्ञान न लिए जाने पर एक अक्तूबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन होगा। वार्ता में डॉ.अजय कुमार, डॉ. एसके नायक, डॉ.वसीम एवं डॉ.अखिलेश शर्मा मौजूद रहे।
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डॉक्टरों का अल्टीमेटम, मांगे न मानी तो होगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। प्रशासनिक असंवेदनशीलता को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश है। सोमवार को इसके विरोध में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रेसवार्ता कर आंदोलन की चेतावनी दी। डॉक्टरों का कहना है कि नवनियुक्त डॉक्टर को साठ से सत्तर हजार और बिडिंग माध्यम से रखे जाने वाले डॉक्टरों को ढाई लाख रुपये वेतन देना उचित नहीं है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.आरएस मधौरिया ने कहा कि कई सालों से दर्जनों मांगे लंबित हैं। इसमें सातवें वेतन आयोग के तहत मूल वेतन का 35 प्रतिशत एक जनवरी से दिया जाए, लंबित प्रोन्नतियां पूरी हों, पोष्टमार्टम भत्ता सौ से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति केस किया जाए, कार्य के घंटे निर्धारित कर राजपत्रित अवकाश में इमरजेंसी सेवाएं ही चलें, रिटायरमेंट 62 वर्ष पर हो, डॉक्टरों की सुरक्षा की व्यवस्था करते हुए उनके लंबित मामलों की छह माह में जांच कर निराकरण किया जाए। जोनल सचिव डॉ.अमित सिंह ने बताया कि पहले तो 24 सितंबर को डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा, जिसका संज्ञान न लिए जाने पर एक अक्तूबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन होगा। वार्ता में डॉ.अजय कुमार, डॉ. एसके नायक, डॉ.वसीम एवं डॉ.अखिलेश शर्मा मौजूद रहे।
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