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देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम न आए...
Updated Wed, 28 Mar 2018 09:15 PM IST
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फोटो-28 एलकेएच 203, 204, 205, 206 और 207
देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम न आए...
सांस्कृतिक मंच पर गूंजे रफी, मुकेश, किशोर, लता के गीत
मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों ने दर्शकों को झूमने पर किया मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
छोटी काशी के ऐतिहासिक चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार की रात रफी, मुकेश, किशोर कुमार और लता के गीत गूंजे। मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों ने गीत संगीत की महफिल सजाकर दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया।
मेला के सांस्कृतिक मंच पर विज्ञान मुरारी गुप्ता की अध्यक्षता में हुए गीत संगीत के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सोहनलाल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि उपेंद्र कुमार सागर एडवोकेट, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, लक्ष्मीचंद गुप्ता और पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। कार्यक्रम का आगाज मुबारक अली ने देशभक्ति गीत ‘देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम न आए’ से किया और ये माना मेरी जां मोहब्बत सजा है गीत गाकर दर्शकों मन जीत लिया। इसरार ने मेरे शंकरा भोेलेनाथ, दगाबाज रे। फरहान ने शिरडी वाले सांई बाबा, परदा है परदा। गोंडा के शीतल साहनी ने मशहूर गायक मुकेश की आवाज में तौबा ये मतवाली चाल, एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिला। बहराइच के जावेद अली ने मुस्काराने की वजह तुम हो। बरेली की पूजा ने ये समा, समा है प्यार का, जब तक रहें तन में जिया। रामनरेश राठौर ने दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं। यही है तमन्ना तेरे दर के सामने। ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना। क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा। इमरान सिद्दीकी ने कोई जब राह न पाए। ये खिड़की जो बन्द रहती है। ओ मेरी महबूबा गीत गाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। संचालन मनोज श्रीवास्तव और राजेश दीक्षित ने किया।
इस मौके पर मेला कोतवाली प्रभारी यदुवीर सिंह, पालिका सदस्य नानकचंद वर्मा, अनीश अहमद खां, संजय वर्मा, सौरभ तिवारी, अचल अवस्थी, पंकज गुप्ता, वीरेंद्र कुमार, कफील, अय्यूब खां, आशीष अवस्थी, जमाल अहमद राईन, सुरेश जायसवाल, काशी विश्वनाथ तिवारी, प्रेमा पांडेय, अंजुम वारसी, रामकृष्ण मिश्रा एडवोकेट, विनोद गौतम आदि मौजूद रहे।
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नहीं दिखतीं नगर पालिका की महिला सदस्य
कहने को तो महिला सशक्तिकरण के लिए राजनीति में काफी आरक्षण दिया गया है। नगर पालिका में मीरा उर्फ फातिमा, रेनू वर्मा, अन्नू शुक्ला, शशिप्रभा तिवारी, ममता कटियार, हुस्ना, रचना जायसवाल, गुड़िया, फरनाज कफील सहित नौ महिला सदस्य हैं। किंतु चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर इन सदस्यों की जगह उनके पति बतौर प्रतिनिधि डटे रहते हैं।
मेला में आज
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 29 मार्च को भोजपुरी कार्यक्रम सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी द्वारा शाम आठ बजे से होगा।
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फोटो-28 एलकेएच 203, 204, 205, 206 और 207
देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम न आए...
सांस्कृतिक मंच पर गूंजे रफी, मुकेश, किशोर, लता के गीत
मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों ने दर्शकों को झूमने पर किया मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
छोटी काशी के ऐतिहासिक चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार की रात रफी, मुकेश, किशोर कुमार और लता के गीत गूंजे। मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों ने गीत संगीत की महफिल सजाकर दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया।
मेला के सांस्कृतिक मंच पर विज्ञान मुरारी गुप्ता की अध्यक्षता में हुए गीत संगीत के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सोहनलाल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि उपेंद्र कुमार सागर एडवोकेट, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, लक्ष्मीचंद गुप्ता और पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। कार्यक्रम का आगाज मुबारक अली ने देशभक्ति गीत ‘देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम न आए’ से किया और ये माना मेरी जां मोहब्बत सजा है गीत गाकर दर्शकों मन जीत लिया। इसरार ने मेरे शंकरा भोेलेनाथ, दगाबाज रे। फरहान ने शिरडी वाले सांई बाबा, परदा है परदा। गोंडा के शीतल साहनी ने मशहूर गायक मुकेश की आवाज में तौबा ये मतवाली चाल, एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिला। बहराइच के जावेद अली ने मुस्काराने की वजह तुम हो। बरेली की पूजा ने ये समा, समा है प्यार का, जब तक रहें तन में जिया। रामनरेश राठौर ने दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं। यही है तमन्ना तेरे दर के सामने। ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना। क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा। इमरान सिद्दीकी ने कोई जब राह न पाए। ये खिड़की जो बन्द रहती है। ओ मेरी महबूबा गीत गाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। संचालन मनोज श्रीवास्तव और राजेश दीक्षित ने किया।
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इस मौके पर मेला कोतवाली प्रभारी यदुवीर सिंह, पालिका सदस्य नानकचंद वर्मा, अनीश अहमद खां, संजय वर्मा, सौरभ तिवारी, अचल अवस्थी, पंकज गुप्ता, वीरेंद्र कुमार, कफील, अय्यूब खां, आशीष अवस्थी, जमाल अहमद राईन, सुरेश जायसवाल, काशी विश्वनाथ तिवारी, प्रेमा पांडेय, अंजुम वारसी, रामकृष्ण मिश्रा एडवोकेट, विनोद गौतम आदि मौजूद रहे।
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नहीं दिखतीं नगर पालिका की महिला सदस्य
कहने को तो महिला सशक्तिकरण के लिए राजनीति में काफी आरक्षण दिया गया है। नगर पालिका में मीरा उर्फ फातिमा, रेनू वर्मा, अन्नू शुक्ला, शशिप्रभा तिवारी, ममता कटियार, हुस्ना, रचना जायसवाल, गुड़िया, फरनाज कफील सहित नौ महिला सदस्य हैं। किंतु चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर इन सदस्यों की जगह उनके पति बतौर प्रतिनिधि डटे रहते हैं।
मेला में आज
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 29 मार्च को भोजपुरी कार्यक्रम सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी द्वारा शाम आठ बजे से होगा।