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जानलेवा साबित होने लगा है शीतलहर का सितम
Updated Tue, 09 Jan 2018 06:45 PM IST
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जानलेवा साबित होने
लगा शीत लहर का सितम
मंगलवार को भी बर्फीली हवाओं से बेहाल रहे लोग
जनजीवन अस्तव्यस्त, बदल गई लोगों की दिनचर्या
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
भीषण शीत लहर अब जानलेवा साबित होने लगी है। मंगलवार को भी बर्फीली हवाओं से लोग बेहाल रहे। सुबह से कोहरा और बाद में धुंध के चलते करीब दो बजे कुछ समय के लिए हल्की सी धूप की चमक दिखाई दी। उसके बाद सूरज बादलों की ओट में छिप गया। सूरज निकलने से तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। ठंड से परेशान लोग अलाव तापते रहे या रजाई में दुबके रहे।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सोमवार के तापमान से कुछ ही अधिक है। मंगलवार को कोहरा अपेक्षाकृत कम रहा लेकिन दिन भर धुंध छाई रहीं। दिन में करीब दो बजे सूरज चमका जरूर लेकिन लोगों को गर्मी नहीं पहुंचा सका। सर्द हवाओं के चलने से पूरे दिन गलन बनी रही। गर्म कपड़ों में पूरी तरह लिपटे होने के बाद भी लोग बुरी तरह कांपते नजर आए।
पिछले नौ दिनों से जारी भीषण शीत लहर के कहर से अब लोगों की जान पर भी बन आई है। मौसम के जानकारों के मुताबिक सर्दी का यह सितम सप्ताह भर जारी रहने की आशंका है। पहाड़ों पर हो रही भीषण बर्फवारी का असर मैदानों पर पड़ रहा है। जिला खीरी समेत पूरे तराई में बर्फीली हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। देर से बिस्तर छोड़ना और शाम को जल्दी बिस्तर में दुबक जाना लोगों की मजबूरी बन गई है। बीमार और बुजुर्ग तो बिस्तर छोड़ ही नहीं पा रहे हैं।
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एक जनवरी से शुरू हुआ शीत लहर का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इससे दिल और रक्तचाप के मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की इधर-उधर आवाजाही पर विराम सा लग गया है। इससे रिक्शा चालकों का काम धंधा भी मंदा हो गया है। मजदूरों और पल्लेदारों को काम नहीं मिल पा रहा है।
गोला गोकर्णनाथ। एक सप्ताह से हो रही भीषण ठंड से जन जीवन प्रभावित हो गया है। सूर्य न निकलने और कोहरे के कारण मौसम में बढ़ी सर्दी से परेशान लोग घरों से गर्म कपड़ों में लिपटकर निकले। घने कोहरे के बीच सड़कों पर वाहन हेड लाइट जलाकर निकले।
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जानलेवा साबित होने
लगा शीत लहर का सितम
मंगलवार को भी बर्फीली हवाओं से बेहाल रहे लोग
जनजीवन अस्तव्यस्त, बदल गई लोगों की दिनचर्या
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
भीषण शीत लहर अब जानलेवा साबित होने लगी है। मंगलवार को भी बर्फीली हवाओं से लोग बेहाल रहे। सुबह से कोहरा और बाद में धुंध के चलते करीब दो बजे कुछ समय के लिए हल्की सी धूप की चमक दिखाई दी। उसके बाद सूरज बादलों की ओट में छिप गया। सूरज निकलने से तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। ठंड से परेशान लोग अलाव तापते रहे या रजाई में दुबके रहे।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सोमवार के तापमान से कुछ ही अधिक है। मंगलवार को कोहरा अपेक्षाकृत कम रहा लेकिन दिन भर धुंध छाई रहीं। दिन में करीब दो बजे सूरज चमका जरूर लेकिन लोगों को गर्मी नहीं पहुंचा सका। सर्द हवाओं के चलने से पूरे दिन गलन बनी रही। गर्म कपड़ों में पूरी तरह लिपटे होने के बाद भी लोग बुरी तरह कांपते नजर आए।
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पिछले नौ दिनों से जारी भीषण शीत लहर के कहर से अब लोगों की जान पर भी बन आई है। मौसम के जानकारों के मुताबिक सर्दी का यह सितम सप्ताह भर जारी रहने की आशंका है। पहाड़ों पर हो रही भीषण बर्फवारी का असर मैदानों पर पड़ रहा है। जिला खीरी समेत पूरे तराई में बर्फीली हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। देर से बिस्तर छोड़ना और शाम को जल्दी बिस्तर में दुबक जाना लोगों की मजबूरी बन गई है। बीमार और बुजुर्ग तो बिस्तर छोड़ ही नहीं पा रहे हैं।
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एक जनवरी से शुरू हुआ शीत लहर का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इससे दिल और रक्तचाप के मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की इधर-उधर आवाजाही पर विराम सा लग गया है। इससे रिक्शा चालकों का काम धंधा भी मंदा हो गया है। मजदूरों और पल्लेदारों को काम नहीं मिल पा रहा है।
गोला गोकर्णनाथ। एक सप्ताह से हो रही भीषण ठंड से जन जीवन प्रभावित हो गया है। सूर्य न निकलने और कोहरे के कारण मौसम में बढ़ी सर्दी से परेशान लोग घरों से गर्म कपड़ों में लिपटकर निकले। घने कोहरे के बीच सड़कों पर वाहन हेड लाइट जलाकर निकले।