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Lakhimpur Kheri News: छह माह में पिंजरों में 18 तेंदुए कैद, फिर भी दहशत से आजाद नहीं हुए गांव

Thu, 15 Oct 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Thu, 15 Oct 2026 11:48 PM IST
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18 leopards caged in six months, yet villages remain free from terror
तेंदुए के हमले में मृत मनजोत सिंह के अंतिम संस्कार में मौजूद परिजन रिश्तेदार और ग्रामीण।संवाद
निघासन। जंगलों से सटे गांवों में वन्यजीवों का खतरा कम नहीं हो रहा है। छह माह में लुधौरी और बेलरायां वन रेंज में 18 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों में दहशत बरकरार है।
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एक जनवरी से 14 अक्तूबर तक बाघ और तेंदुओं के हमलों में सात लोगों की जान गई। मरने वालों में चार बच्चे शामिल हैं। बच्चे घर के बाहर खेलते समय तो ग्रामीण खेतों में चारा लेने और फसल काटने के दौरान हमलों का शिकार बने।
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25 मार्च को फुटहा फार्म में घर पर रोटी खा रही सात वर्षीय सिमरन को तेंदुआ गर्दन से दबोचकर करीब 200 मीटर दूर खेत में ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया, लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी। 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के पास गेहूं की कटाई के दौरान चार वर्षीय दिलशाद को तेंदुआ करीब एक किलोमीटर दूर घसीट ले गया। करीब साढ़े पांच घंटे की तलाश के बाद उसका अधखाया शव झाड़ियों में मिला।
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25 अप्रैल को सहिजना गांव में घर के बाहर सो रहीं संध्यावती (32) को तेंदुआ करीब 50 मीटर दूर खेत में खींच ले गया। 23 जुलाई को बाबागंज निवासी बुद्धा के दस वर्षीय बेटे गोलू पर बकरियां चराने जाते समय तेंदुए ने हमला कर दिया। बाद में उसका शव गन्ने के खेत में मिला।
12 अक्तूबर को बोझिया गांव में संपत गिरि की सात वर्षीय बेटी सान्या को तेंदुआ घर से उठा ले गया। अगले दिन उसका शव घर से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला। 14 अक्तूबर को उत्तर निघासन वन रेंज के टॉपर फार्म में घर के बाहर खेल रहे छह वर्षीय मनजोत सिंह को तेंदुआ उठा ले गया। करीब 500 मीटर दूर जंगल में उसका अधखाया शव मिला।
इससे पहले एक जनवरी को भिड़ौरी ग्राम पंचायत के महाराज नगर के पास गन्ने के खेत में चारा लेने गईं ऊषा देवी (35) पर बाघ ने हमला कर दिया था। रात में उनका अधखाया शव मिला।
छह माह में पकड़े गए 18 तेंदुए
वन विभाग के अनुसार, पिछले छह माह में लुधौरी और बेलरायां रेंज में 18 तेंदुए पकड़े गए। इनमें लुधौरी रेंज के हीरालाल पुरवा में एक और बेलरायां रेंज के रननगर, सिंगहा, भिड़ौरी, मूर्तिहा, इंदरनगर और बैरिया-नौबना समेत विभिन्न स्थानों पर 17 तेंदुए पकड़े गए। इसके बावजूद हमलों में लोगों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं।
डीएफओ कीर्ति चौधरी ने बताया कि निघासन का इलाका तीन ओर से जंगलों से घिरा है। एक ओर नेपाल के जंगल, दूसरी ओर दुधवा और तीसरी तरफ बहराइच के कतर्निया घाट के जंगल हैं। इनसे सटे ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की चहलकदमी रहती है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और पिंजरे लगाकर तेंदुए पकड़े जा रहे हैं।
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मासूम की मौत पर आक्रोश, आश्वासन के बाद पोस्टमाॅर्टम
निघासन। छह वर्षीय मनजोत सिंह की तेंदुए के हमले में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बुधवार शाम हुई घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच मांगें रखीं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। रात करीब 12 बजे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बृहस्पतिवार को गमगीन माहौल में मासूम का अंतिम संस्कार किया गया।
नौरंगाबाद के टापरपुरवा फार्म निवासी जोगा सिंह का बेटा मनजोत बुधवार शाम चाचा के घर से खेलने के बाद अपने बड़े भाइयों अंग्रेज सिंह और अनमोल सिंह के साथ घर लौट रहा था। घर से करीब 50 मीटर पहले गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने हमला कर उसे जबड़े में दबोच लिया और खेत में खींच ले गया। पिता और भाइयों के सामने हुई घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई। करीब ढाई घंटे की तलाश के बाद घर से लगभग एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मनजोत का क्षत-विक्षत शव मिला।
परिजनों और ग्रामीणों ने 48 घंटे में पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घर की बाउंड्रीवॉल बनवाने, दो सोलर लाइटें लगवाने और हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर पिंजरा लगाया गया।

ड्रोन से भी तेंदुए की तलाश
बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में दो सोलर लाइटें लगवा दी गई हैं और तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं। डीएफओ कीर्ति चौधरी ने बताया कि चार कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन से भी तेंदुए की तलाश जारी है। जंगल के किनारे खाई खोदने का काम कराया जा रहा है। वन विभाग की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
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