{"_id":"668463e2cb29dce3b707b1d4","slug":"1794-daughters-will-be-married-under-mass-marriage-scheme-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-123693-2024-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: सामूहिक विवाह योजना से 1794 बेटियों की होगी शादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: सामूहिक विवाह योजना से 1794 बेटियों की होगी शादी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। गरीब बेटियों के विवाह के लिए एक बार फिर से शासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का लक्ष्य जिले को भेजा है। इस वर्ष 1794 बेटियों का विवाह कराया जाएगा। लक्ष्य के साथ ही शासन ने 9.14 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। लक्ष्य मिलने के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीद है बारिश के बाद नवंबर में सामूहिक विवाह कराए जाएंगे।
हर पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करे, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से काफी लोगों की इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरूआत की। योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर सरकार 51 हजार रुपये का बजट देती है। विवाह के बाद 35 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये का घरेलू सामान और छह हजार रुपये व्यवस्था में खर्च होते हैं।
योजना के तहत भव्य पंडाल के नीचे विवाह कराए जाते हैं। विवाह के दौरान दंपति व उनके परिजनों के भोजन आदि की व्यवस्था रहती है। इस योजना में सभी धर्मों के जोड़ों का उनके ही रीति रिवाज से विवाह कराए जाते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि सामूहिक विवाह का लक्ष्य और बजट मिल चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करे, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से काफी लोगों की इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरूआत की। योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर सरकार 51 हजार रुपये का बजट देती है। विवाह के बाद 35 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये का घरेलू सामान और छह हजार रुपये व्यवस्था में खर्च होते हैं।
विज्ञापन
योजना के तहत भव्य पंडाल के नीचे विवाह कराए जाते हैं। विवाह के दौरान दंपति व उनके परिजनों के भोजन आदि की व्यवस्था रहती है। इस योजना में सभी धर्मों के जोड़ों का उनके ही रीति रिवाज से विवाह कराए जाते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि सामूहिक विवाह का लक्ष्य और बजट मिल चुका है।
विज्ञापन