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आडिट में अभिलेख न दिखाए तो सचिवों पर होगी एफआईआर
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लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग और 14वें वित्त आयोग की धनराशि से कराए जाने वाले काम-काज का ब्योरा (अभिलेख) उपलब्ध न कराने वाले ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डीपीआरओ और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने एडीओ पंचायत के साथ संयुक्त बैठक करके लेखा आडिट की समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि ग्राम पंचायतों के अभिलेख आडिट टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं। 1167 ग्राम पंचायतों में से 395 ग्राम पंचायतों का लेखा आडिट हुआ, जिसमें 144 ग्राम पंचायतों ने अभिलेख उपलब्ध कराए। जबकि 251 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने अभिलेख ही प्रस्तुत नहीं किए।
जनपद की 1167 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 का लेखा आडिट होना है, जो सहकारी समितियां एवं पंचायतें द्वारा किया जा रहा है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी दयानंद के मुताबिक ग्राम पंचायतों के सचिव आडिट के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे आडिट का कार्य बाधित हो गया है। कुल 15 ब्लाकों में से बेहजम, फूलबेहड़, नकहा, बांकेगंज, बिजुआ, मितौली ब्लाक में आडिट के दौरान एक भी ग्राम पंचायत के अभिलेख टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे इन ब्लाकों में आडिट नहीं हो पा रहा है। तो वहीं अन्य ब्लाकों में भी सिर्फ 144 ग्राम पंचायतों के अभिलेख प्रस्तुत किए गए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में डेढ़ माह का समय शेष है, जिस कारण लेखा परीक्षा अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। सचिवों द्वारा आडिट के साथ सहयोग न किए जाने को लेकर डीपीआरओ कार्यालय में सभी ब्लाकों के एडीओ पंचायत की बैठक बुलाई गई, लेकिन इसमें भी मोहम्मदी, पसगवां, निघासन और रमियाबेहड़ के एडीओ उपस्थित नहीं हुए। इससे इन ब्लाकों की समीक्षा नहीं हो पाई। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने उपस्थित एडीओ (पंचायत) को प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों के अभिलेख 10 दिन में आडिट टीम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले सचिवों के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम की धारा 14क के तहत एफआईआर दर्ज कराने के आदेश एडीओ को दिए हैं। बैठक में लेखा परीक्षा अधिकारी अंजनी कुमार, समर बहादुर सिंह, अवन्तिका त्रिवेदी, बृजेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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जनपद की 1167 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 का लेखा आडिट होना है, जो सहकारी समितियां एवं पंचायतें द्वारा किया जा रहा है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी दयानंद के मुताबिक ग्राम पंचायतों के सचिव आडिट के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे आडिट का कार्य बाधित हो गया है। कुल 15 ब्लाकों में से बेहजम, फूलबेहड़, नकहा, बांकेगंज, बिजुआ, मितौली ब्लाक में आडिट के दौरान एक भी ग्राम पंचायत के अभिलेख टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे इन ब्लाकों में आडिट नहीं हो पा रहा है। तो वहीं अन्य ब्लाकों में भी सिर्फ 144 ग्राम पंचायतों के अभिलेख प्रस्तुत किए गए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में डेढ़ माह का समय शेष है, जिस कारण लेखा परीक्षा अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। सचिवों द्वारा आडिट के साथ सहयोग न किए जाने को लेकर डीपीआरओ कार्यालय में सभी ब्लाकों के एडीओ पंचायत की बैठक बुलाई गई, लेकिन इसमें भी मोहम्मदी, पसगवां, निघासन और रमियाबेहड़ के एडीओ उपस्थित नहीं हुए। इससे इन ब्लाकों की समीक्षा नहीं हो पाई। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने उपस्थित एडीओ (पंचायत) को प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों के अभिलेख 10 दिन में आडिट टीम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले सचिवों के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम की धारा 14क के तहत एफआईआर दर्ज कराने के आदेश एडीओ को दिए हैं। बैठक में लेखा परीक्षा अधिकारी अंजनी कुमार, समर बहादुर सिंह, अवन्तिका त्रिवेदी, बृजेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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