{"_id":"5ac6379a4f1c1bcf618b5963","slug":"171522939802-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस्कृतिक मंच पर हुआ निरंकारी सत्संग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस्कृतिक मंच पर हुआ निरंकारी सत्संग
Updated Thu, 05 Apr 2018 08:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लीड
फोटो-05एलकेएच 203 और 204
ऐतिहासिक चैती मेला
ब्रह्म की प्राप्ति से ही
भ्रम का खात्मा संभव
- सांस्कृतिक मंच पर निरंकारी सत्संग में श्रोता हुए निहाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर हुए संत निरंकारी सत्संग में मुखी महात्माओं ने प्रवचन सुनाकर श्रोताओं, अनुयायियों को निहाल कर दिया। निरंकारी मंडल के जोनल इंचार्ज प्रवेश साहनी की अध्यक्षता में हुए सत्संग का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत कर्नल जसविंदर सिंह, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संचालक सेवादल के रंजीत सिंह, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया।
सत्संग की शुरुआत पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल द्वारा अंदर के पट खोल बाबरे, जै सतगुरु की बोल बाबरे गुरु वंदना से हुई। सत्संग में सद्गुरु माता सविंदर, हरदेव जी महाराज, मुखी कश्मीर सिंह खुराना, मुख्य अतिथि लखनऊ से आए कर्नल जसविंदर सिंह ने आध्यात्म का महत्व बताते हुए कहा कि सत्संग के माध्यम से मानव को सद्मार्ग की प्राप्ति होती है। शिवम ने सुनाया- सत्गुरु मां के प्यार में झुकना सिखा दिया, जातपात का झगड़ा था सब तुमने मिटा दिया।
मोहम्मदी के महात्मा प्रेमचंद ने सुनाया-
बढ़ते रहेंगे प्यार में हर राह गुजर से हम। रुकने न पाएंगे कभी दुनियां के डर से हम।
निभा ने सुनाया-
प्यार की गंगा बहाते जाइए, ये जीम, जन्नत बनाते जाइए।
ज्योति ने-प्रभु प्रेम की डगर पे पग ऐ धर पाऊं, प्रेम के लिए ही सदा प्रेम मैं कर पाऊं
संदीप ने-
प्रेम मेरी पूजा हो, प्रेम मेरा चिंतन,
प्रेम मेरी आरती हो, प्रेम मेरा वंदन।
शांती और माधुरी ने युगल स्वर में सुनाया-
मिला सतगुरु तो खुदा मिल गया है, कि दुखों से अब छुटकारा मिला है।
लखीमपुर के हरीशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि भक्ति शरीर के अहंकार से ऊपर उठकर शुरू होती है। सीतापुर के डॉ. आरके बंगाली ने बताया- सद्गुरू द्वारा ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने से मोक्ष संभव है। मैगलगंज के नीशू ने कहा कि सद्गुरु की कृपा से ईश्वर जाना जाता है। कस्ता के रहमत अली ने बताया कि हम सब हिंदू या मुसलमान से ऊपर इंशानाथ हैं। डॉ. लतीफ अहमद ने कहा- नवाज व गायत्री मंत्र एक ही ईश्वर की इवादत है।
विज्ञापन
कैलाश नाथ तिवारी ने कहा-खुदा हमारे चारों ओर है पर बिना गुरु के दिखता नहीं। जोनल इंचार्ज प्रवेश साहनी ने कहा- ब्रह्म की प्राप्ति से ही भ्रम की समाप्ति होती है। क्षेत्रीय संचालक रंजीत सिंह ने कहा- धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं। रजनी पांडे ने ब्रह्मज्ञान से ही समाज में एकता संभव है। संचालन मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट और रामकरन राठौर ने किया।
इस मौके पर कोतवाल संजय कुमार त्यागी, मेला प्रभारी यदुवीर सिंह, पालिका सदस्य नानकचंद वर्मा, अनीस अहमद खां, आनंद सोनी आदि मौजूद रहे।
मेले में आज
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर छह अप्रैल को जूनियर वर्ग की गायन प्रतियोगिता शाम आठ बजे से।
विज्ञापन
फोटो-05एलकेएच 203 और 204
ऐतिहासिक चैती मेला
ब्रह्म की प्राप्ति से ही
भ्रम का खात्मा संभव
- सांस्कृतिक मंच पर निरंकारी सत्संग में श्रोता हुए निहाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर हुए संत निरंकारी सत्संग में मुखी महात्माओं ने प्रवचन सुनाकर श्रोताओं, अनुयायियों को निहाल कर दिया। निरंकारी मंडल के जोनल इंचार्ज प्रवेश साहनी की अध्यक्षता में हुए सत्संग का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत कर्नल जसविंदर सिंह, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संचालक सेवादल के रंजीत सिंह, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया।
सत्संग की शुरुआत पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल द्वारा अंदर के पट खोल बाबरे, जै सतगुरु की बोल बाबरे गुरु वंदना से हुई। सत्संग में सद्गुरु माता सविंदर, हरदेव जी महाराज, मुखी कश्मीर सिंह खुराना, मुख्य अतिथि लखनऊ से आए कर्नल जसविंदर सिंह ने आध्यात्म का महत्व बताते हुए कहा कि सत्संग के माध्यम से मानव को सद्मार्ग की प्राप्ति होती है। शिवम ने सुनाया- सत्गुरु मां के प्यार में झुकना सिखा दिया, जातपात का झगड़ा था सब तुमने मिटा दिया।
विज्ञापन
मोहम्मदी के महात्मा प्रेमचंद ने सुनाया-
बढ़ते रहेंगे प्यार में हर राह गुजर से हम। रुकने न पाएंगे कभी दुनियां के डर से हम।
निभा ने सुनाया-
प्यार की गंगा बहाते जाइए, ये जीम, जन्नत बनाते जाइए।
ज्योति ने-प्रभु प्रेम की डगर पे पग ऐ धर पाऊं, प्रेम के लिए ही सदा प्रेम मैं कर पाऊं
संदीप ने-
प्रेम मेरी पूजा हो, प्रेम मेरा चिंतन,
प्रेम मेरी आरती हो, प्रेम मेरा वंदन।
शांती और माधुरी ने युगल स्वर में सुनाया-
मिला सतगुरु तो खुदा मिल गया है, कि दुखों से अब छुटकारा मिला है।
लखीमपुर के हरीशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि भक्ति शरीर के अहंकार से ऊपर उठकर शुरू होती है। सीतापुर के डॉ. आरके बंगाली ने बताया- सद्गुरू द्वारा ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने से मोक्ष संभव है। मैगलगंज के नीशू ने कहा कि सद्गुरु की कृपा से ईश्वर जाना जाता है। कस्ता के रहमत अली ने बताया कि हम सब हिंदू या मुसलमान से ऊपर इंशानाथ हैं। डॉ. लतीफ अहमद ने कहा- नवाज व गायत्री मंत्र एक ही ईश्वर की इवादत है।
विज्ञापन
कैलाश नाथ तिवारी ने कहा-खुदा हमारे चारों ओर है पर बिना गुरु के दिखता नहीं। जोनल इंचार्ज प्रवेश साहनी ने कहा- ब्रह्म की प्राप्ति से ही भ्रम की समाप्ति होती है। क्षेत्रीय संचालक रंजीत सिंह ने कहा- धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं। रजनी पांडे ने ब्रह्मज्ञान से ही समाज में एकता संभव है। संचालन मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट और रामकरन राठौर ने किया।
इस मौके पर कोतवाल संजय कुमार त्यागी, मेला प्रभारी यदुवीर सिंह, पालिका सदस्य नानकचंद वर्मा, अनीस अहमद खां, आनंद सोनी आदि मौजूद रहे।
मेले में आज
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर छह अप्रैल को जूनियर वर्ग की गायन प्रतियोगिता शाम आठ बजे से।