{"_id":"5abfbe4a4f1c1bca618b4bbf","slug":"171522515530-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अली जितने हमारे हैं, अली उतने तुम्हारे हैं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अली जितने हमारे हैं, अली उतने तुम्हारे हैं’
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहम्मदी।
पैगम्बरे इस्लाम के दामाद हजरत अली की यौमे पैदाइश पर शनिवार को मोहल्ला स्थित शुक्लापुर में हुसैनिया इमामबाड़े में तकरीर और महफिल सजी। हजरत अली के जीवन और उनकी हुकूमत के बारे में रोशनी डाली गई। सभी ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मुबारकबाद दी।
मौलाना सलमान अली ने कहा कि हजरत अली को जमाना शेरे खुदा, मौला अली और मुश्किल कुशा के नाम से भी पुकारते हैं। उसके बाद महफिल का आयोजन किया गया जिसमें अंजुमन हुसैनिया के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास नकवी ने कुछ यू कहा जो अहमद से वफादारी करेगा, अली की वो तरफदारी करेगा। शुमार उसका भी होगा जालिमों में, जो जालिम की तरफदारी करेगा। अफजल जैदी ने कहा सहारा वे सहारों के नबी के जो दुलारे हैं, अली जितने हमारे हैं, अली उतने तुम्हारे हैं। जमीर हसन रिजवी ने कहा- शेरे खुदा ने शेर को सांचे में ढाल के, अपने ही जैसा कर दिया गाजी को पाल के योमे पैदाइश के इस मौके पर प्रमुख रूप से आलिम रजा, भोला जैदी, अकरम रिजवी सवी हसन, मंजूर कासिम जैदी, बचछन जैदी, नजफ अली, जमन अली मौजूद रहे।
विज्ञापन
पैगम्बरे इस्लाम के दामाद हजरत अली की यौमे पैदाइश पर शनिवार को मोहल्ला स्थित शुक्लापुर में हुसैनिया इमामबाड़े में तकरीर और महफिल सजी। हजरत अली के जीवन और उनकी हुकूमत के बारे में रोशनी डाली गई। सभी ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मुबारकबाद दी।
मौलाना सलमान अली ने कहा कि हजरत अली को जमाना शेरे खुदा, मौला अली और मुश्किल कुशा के नाम से भी पुकारते हैं। उसके बाद महफिल का आयोजन किया गया जिसमें अंजुमन हुसैनिया के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास नकवी ने कुछ यू कहा जो अहमद से वफादारी करेगा, अली की वो तरफदारी करेगा। शुमार उसका भी होगा जालिमों में, जो जालिम की तरफदारी करेगा। अफजल जैदी ने कहा सहारा वे सहारों के नबी के जो दुलारे हैं, अली जितने हमारे हैं, अली उतने तुम्हारे हैं। जमीर हसन रिजवी ने कहा- शेरे खुदा ने शेर को सांचे में ढाल के, अपने ही जैसा कर दिया गाजी को पाल के योमे पैदाइश के इस मौके पर प्रमुख रूप से आलिम रजा, भोला जैदी, अकरम रिजवी सवी हसन, मंजूर कासिम जैदी, बचछन जैदी, नजफ अली, जमन अली मौजूद रहे।
विज्ञापन