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जिला अस्पताल में बढे फंगल इंफेक्शन के मरीज
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:16 PM IST
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जिला अस्पताल में बढे़ फंगल इंफेक्शन के मरीज
क्रासर.....
बारिश का पानी और उमस भरी गर्मी दे रही त्वचा संबंधी बीमारियां
रोजाना दो सौ से अधिक देखे जा रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
12 एलकेएच 12
लखीमपुर खीरी। भले ही बारिश ठंडक पहुंचाकर शरीर को सुकून पहुंचाती हो, लेकिन ऐसे में जरा सी भी बरती गई असावधानी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। बारिश में भीगने और फिर धूप निकलने से होने वाली उमस से खुजली और फंगस इंफेक्शन रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में तीन दिन में त्वचा रोग के करीब सात सौ मरीज देखे गए।
जिला अस्पताल में खुजली और फंगल इंफेक्शन के मरीज बढ़ने लगे हैं। पिछले तीन दिन में त्वचा रोग से पीड़ित सात सौ से अधिक मरीज देखे गए। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र चौधरी का कहना है कि त्वचा संबंधी बीमारियों से बचने के लिए शारीरिक स्वच्छता रखने के साथ ही कपड़े भी साफ सुथरे पहनें।
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बाक्स=
बीमारी का मुख्य कारण है गंदगी
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र चौधरी का कहना है बरसात का मौसम बीमारियों का मौसम है। ऐसे में जरा सी भी असावधानी किसी को भी बीमार कर सकती है। इस मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी है, क्योंकि बारिश में होने वाले जलभराव से मच्छरों की भरमार हो जाती है। वहीं अशुद्ध पानी, वातावरण में नमी, बारिश में भीगने के बाद देर तक गीले कपड़े पहने रहना त्वचा संबधी बीमारियों का प्रमुख कारण है। इससे डायरिया, बुखार एवं खुजली, फंगल इंफेक्शन भी हो जाता है। हालांकि शारीरिक साफ-सफाई रखकर और साफ सूती कपड़े पहनने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
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ये बरतें सावधानी
हो सके तो दिन में दो बार नहाएं
जूस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन कर
पानी खूब पिए
ढ़ीले सूती कपड़े पहने
धूप और बारिश में भीगने से बचे।
.......
स्वयं दवाएं न लेकर बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके वर्मा का कहना है कि बारिश में सर्दी जुकाम और वायरल इंफेक्शन होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इनसे बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करनी चाहिए। इसके लिए जूस, ताजे फल और हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें। वायरल हो या फिर त्वचा संबंधी रोग अपने आप दवाएं न लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
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क्रासर.....
बारिश का पानी और उमस भरी गर्मी दे रही त्वचा संबंधी बीमारियां
रोजाना दो सौ से अधिक देखे जा रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
12 एलकेएच 12
लखीमपुर खीरी। भले ही बारिश ठंडक पहुंचाकर शरीर को सुकून पहुंचाती हो, लेकिन ऐसे में जरा सी भी बरती गई असावधानी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। बारिश में भीगने और फिर धूप निकलने से होने वाली उमस से खुजली और फंगस इंफेक्शन रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में तीन दिन में त्वचा रोग के करीब सात सौ मरीज देखे गए।
जिला अस्पताल में खुजली और फंगल इंफेक्शन के मरीज बढ़ने लगे हैं। पिछले तीन दिन में त्वचा रोग से पीड़ित सात सौ से अधिक मरीज देखे गए। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र चौधरी का कहना है कि त्वचा संबंधी बीमारियों से बचने के लिए शारीरिक स्वच्छता रखने के साथ ही कपड़े भी साफ सुथरे पहनें।
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बीमारी का मुख्य कारण है गंदगी
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र चौधरी का कहना है बरसात का मौसम बीमारियों का मौसम है। ऐसे में जरा सी भी असावधानी किसी को भी बीमार कर सकती है। इस मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी है, क्योंकि बारिश में होने वाले जलभराव से मच्छरों की भरमार हो जाती है। वहीं अशुद्ध पानी, वातावरण में नमी, बारिश में भीगने के बाद देर तक गीले कपड़े पहने रहना त्वचा संबधी बीमारियों का प्रमुख कारण है। इससे डायरिया, बुखार एवं खुजली, फंगल इंफेक्शन भी हो जाता है। हालांकि शारीरिक साफ-सफाई रखकर और साफ सूती कपड़े पहनने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
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ये बरतें सावधानी
हो सके तो दिन में दो बार नहाएं
जूस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन कर
पानी खूब पिए
ढ़ीले सूती कपड़े पहने
धूप और बारिश में भीगने से बचे।
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स्वयं दवाएं न लेकर बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके वर्मा का कहना है कि बारिश में सर्दी जुकाम और वायरल इंफेक्शन होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इनसे बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करनी चाहिए। इसके लिए जूस, ताजे फल और हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें। वायरल हो या फिर त्वचा संबंधी रोग अपने आप दवाएं न लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।