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लाखों रुपये की लागत से बने सचिवालय ने हुए गुलजार

Sat, 09 Jun 2018 05:03 PM IST
Updated Sat, 09 Jun 2018 05:03 PM IST
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लाखों रुपये की लागत से बने सचिवालय ने हुए गुलजार
पंचायतों के सचिवालय में बांधे जा रहे हैं पशु
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क्रासर......
लाखों रुपये की लागत से बने सचिवालय नहीं हुए गुलजार
ईंधन और चारा रखने के काम में आ रहे हैं भवन
29 ग्राम सभाओं में बने मिनी सचिवालय हैं खस्ताहाल
क्रासर........
कैसे साकार होगा ग्राम स्वराज का सपना, मिनी सचिवालयों में भरा है भूसा
09एलकेएच 351
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा खीरी। ग्रामपंचायतों का अपना सचिवालय हो, जहां पंचायत का सारा कामकाज सुचारु रूप से हो, दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं और वहां बैठकर सदस्य पंचायत की बैठकें कर अपनी बात इत्मीनान से रख सकें।। इस सोच के चलते सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके गांवों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण कराया गया। मिनी सचिवालय बन तो गए, लेकिन गुलजार नहीं हो सके। देखरेख के अभाव में यह मिनी सचिवालय जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। ग्रामीण उसमें ईंधन, चारा रखने और मवेशी बांधने के लिए कर रहे हैं।
धौरहरा ब्लाक की 29 ग्राम सभाओं में लाखों की लागत से पंचायत भवन बनवाकर अधिकारी भूल गए। मिनी सचिवालय बनने के बावजूद न तो यहां ग्राम पंचायत की खुली बैठकें हुई और न ही यहां ग्राम पंचायत अधिकारी, सफाई कर्मी और एएनएम दिखाई पड़ी। देख रेख के अभाव मे अधिकतर पंचायत भवन जर्जर हो गए हैं। गेट, खिड़की, पल्ले गायब हो गए हैं। अब यह पंचायत भवन आवारा जानवरों, अराजक तत्वों और कहीं कहीं किसानों के भूसा, पुआल रखने के काम आ रहे हैं।
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यह सचिवालय चिकनाजती, केशवापुर कलां, रामलोक, बबुरी, बेलवामोती, महराजनगर, मटेहनी, सिसैया कलां, देवीपुरवा, समरदाबदाल, डिहुआ कलां, चकलाखीपुर, गुरगुट्टा बुजुर्ग, कुम्हेना, नयागांव, अदलीसपुर, गुदरिहा, बम्हौरी, समरदहा सहित कुल 29 ग्राम सभाओं में पंचायत मिनी सचिवालय बने हैं।
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बाक्स.....
मिनी सचिवालयों में कर्मियों की ड्यूटी तय थी
ग्राम पंचायतों में बने सचिवालयों में दिन के हिसाब से कौन कर्मचारी रहेगा। इसका रोस्टर बना, लेकिन यह रोस्टर केवल कागजों पर ही चल रहा है। हकीकत में कोई कर्मचारी सचिवालय नहीं पहुंचता। ग्रामीण इन सचिवालयों का प्रयोग पशु बांधने में करते हैं। जानकारों की माने तो सोमवार को एएनएम और आशा बहू मंगलवार को पुरुष स्वास्थ्य कर्मी और ट्यूबवेल आपरेटर, बुधवार को किसान सहायक और पशुधन प्रसार कर्मी, बृहस्पतिवार को सींचपाल और बोरिंग मैकेनिक, शुक्रवार को रोजगार सेवक और आंगनबाड़ी वर्कर, शनिवार को ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल को बैठना था।
वर्जन....
मिनी सचिवालयों की जर्जर हालत के बारे में जानकारी मिली है। इनकी दशा सुधारने की योजना बनाई जाएगी। जल्दी ही इनकी स्थिति में सुधार होगा।
चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ लखीमपुर खीरी।
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