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बैंक से पैसा निकालने गए बुजुर्ग की मौत
Updated Tue, 17 Apr 2018 10:04 AM IST
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बैंक से रुपये निकालने गए बुजुर्ग की मौत
बैंक कर्मियों पर लगाया रुपये देने में हीलाहवाली का आरोप
फरधान। रुकुंदीपुर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक लकेसर से रुपये निकालने गए एक खाताधारक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक के दामाद ने बैंक मैनेजर पर रुपये निकालने में हीलाहवाली का आरोप लगाया है। मैनेजर ने इन आरोपों को गलत बताया है। जानकारी पर यूपी 100 पुलिस और फरधान एसओ भी मौके पर पहुंच गए।
लकेसर निवासी बुजुर्ग आमीन काफी समय से बीमार थे। अपने इलाज के लिए सोमवार को वह मितौली थाना क्षेत्र के खज्जननगर निवासी दामाद पप्पू और बेटी के साथ गोला.लखीमपुर रोड पर रुकुंदीपुर कस्बे में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में रुपये निकलवाने गए थे। आमीन काफी समय से पैरालिसिस से पीड़ित थे। बैंक पहले तल पर स्थित होने के कारण दामाद पप्पू ने उन्हें बैंक के सामने एक दुकान पर बैठा दिया और ऊपर विड्राल लेने चला गया। वहां उसने बैंक कर्मियों को खाताधारक आमीन की स्थित से अवगत कराते हुए विड्राल लिया और 1300 रुपये भरकर नीचे बैठे आमीन से अंगूठा लगवा लाने की बात कही। इस पर बैंक कर्मियों ने सामने ही अंगूठा लगवाने की बात कहकर थोड़ा रुकने को कहा। आरोप है कि काफी समय गुजरने के बाद भी बैंक कर्मियों ने ध्यान नहीं दिया और अंगूठा लगवाने नीचे नहीं गए। कई बार कहने के बाद मैनेजर ने विड्राल पर अंगूठा लेने एक कर्मचारी को नीचे भेजा। कर्मचारी ने देखा कि आमीन कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। ऊठ बैठ भी नहीं रहे हैं। इस पर संदेह होने पर उसने आमीन का अंगूठा नहीं लिया और वापस आकर मैनेजर सुनील कुमार को उसकी हालत के बताई। इस हालत में उन्होंने पैसा निकालने को मनाकर दिया। करीब डेढ़ बजे आमीन ने दम तोड़ दिया। मृतक के दामाद पप्पू और बेटी का आरोप है कि वह करीब साढ़े दस बजे बैंक आ गए थे करीब तीन घंटे गुजरने के बाद भी पैसा नहीं मिला। समय रहते पैसा मिल जाता तो शायद कुछ इलाज हो पाता, लेकिन बैंक वालों ने उसकी एक न सुनी।
वर्जन...
यह लोग बैंक करीब साढ़े ग्यारह बजे आए थे। पैसा निकालने में लेटलतीफी का आरोप गलत है। जब मैंने अपने मेसेंजर को अंगूठा लेने नीचे भेजा, तब वह मरणासन्न हालत में थे। विधिक कारणों को ध्यान में रखते हुए मैंने पैसा नहीं निकाला। खाते में कुल 1320 रुपये थे।
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- सुनील कुमार, शाखा प्रबंधक
मौके पर गया था मृतक काफी समय से पैरालिसिस से पीड़ित था। उसके दामाद की बस एक ही शिकायत थी कि बैंक वालों ने उसकी सुनी नहीं। मामले में परिवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
- संजय सिंह, एसओ-फरधान
बैंक कर्मियों पर लगाया रुपये देने में हीलाहवाली का आरोप
फरधान। रुकुंदीपुर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक लकेसर से रुपये निकालने गए एक खाताधारक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक के दामाद ने बैंक मैनेजर पर रुपये निकालने में हीलाहवाली का आरोप लगाया है। मैनेजर ने इन आरोपों को गलत बताया है। जानकारी पर यूपी 100 पुलिस और फरधान एसओ भी मौके पर पहुंच गए।
लकेसर निवासी बुजुर्ग आमीन काफी समय से बीमार थे। अपने इलाज के लिए सोमवार को वह मितौली थाना क्षेत्र के खज्जननगर निवासी दामाद पप्पू और बेटी के साथ गोला.लखीमपुर रोड पर रुकुंदीपुर कस्बे में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में रुपये निकलवाने गए थे। आमीन काफी समय से पैरालिसिस से पीड़ित थे। बैंक पहले तल पर स्थित होने के कारण दामाद पप्पू ने उन्हें बैंक के सामने एक दुकान पर बैठा दिया और ऊपर विड्राल लेने चला गया। वहां उसने बैंक कर्मियों को खाताधारक आमीन की स्थित से अवगत कराते हुए विड्राल लिया और 1300 रुपये भरकर नीचे बैठे आमीन से अंगूठा लगवा लाने की बात कही। इस पर बैंक कर्मियों ने सामने ही अंगूठा लगवाने की बात कहकर थोड़ा रुकने को कहा। आरोप है कि काफी समय गुजरने के बाद भी बैंक कर्मियों ने ध्यान नहीं दिया और अंगूठा लगवाने नीचे नहीं गए। कई बार कहने के बाद मैनेजर ने विड्राल पर अंगूठा लेने एक कर्मचारी को नीचे भेजा। कर्मचारी ने देखा कि आमीन कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। ऊठ बैठ भी नहीं रहे हैं। इस पर संदेह होने पर उसने आमीन का अंगूठा नहीं लिया और वापस आकर मैनेजर सुनील कुमार को उसकी हालत के बताई। इस हालत में उन्होंने पैसा निकालने को मनाकर दिया। करीब डेढ़ बजे आमीन ने दम तोड़ दिया। मृतक के दामाद पप्पू और बेटी का आरोप है कि वह करीब साढ़े दस बजे बैंक आ गए थे करीब तीन घंटे गुजरने के बाद भी पैसा नहीं मिला। समय रहते पैसा मिल जाता तो शायद कुछ इलाज हो पाता, लेकिन बैंक वालों ने उसकी एक न सुनी।
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वर्जन...
यह लोग बैंक करीब साढ़े ग्यारह बजे आए थे। पैसा निकालने में लेटलतीफी का आरोप गलत है। जब मैंने अपने मेसेंजर को अंगूठा लेने नीचे भेजा, तब वह मरणासन्न हालत में थे। विधिक कारणों को ध्यान में रखते हुए मैंने पैसा नहीं निकाला। खाते में कुल 1320 रुपये थे।
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- सुनील कुमार, शाखा प्रबंधक
मौके पर गया था मृतक काफी समय से पैरालिसिस से पीड़ित था। उसके दामाद की बस एक ही शिकायत थी कि बैंक वालों ने उसकी सुनी नहीं। मामले में परिवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
- संजय सिंह, एसओ-फरधान