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...तो इस माह दुधवा में बस जाएगा गैंडों का नया घर
Updated Thu, 08 Mar 2018 06:44 PM IST
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...तो इस माह दुधवा में बस
जाएगा गैंडों का नया घर
पहले चरण में दो नर, तीन मादा गैंडों का होगा गृह प्रवेश
- दुधवा में गैंडा पुनर्वासन योजना का फेज-2 होगा शुरू
अशोक निगम
लखीमपुर खीरी।
दुधवा नेशनल पार्क के पांच गैंडों को इस माह के अंत तक एक नया घर मिलने वाला है। इस नए घर को बसने में आ रहीं बाधाएं दूर हो गई हैं। गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत दुधवा में पल रहे गैंडों के परिवार में से पांच सदस्यों को इस माह के अंत तक नए घर में गृह प्रवेश कराना तय हो गया है। इसके लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बेलरायां रेज के भादी ताल में बने इस नए घर में पहले चरण में प्रजनन के लिए पूरी तरह स्वस्थ और वयस्क दो नर और तीन मादा गैंडों को शिफ्ट करने की योजना है।
दुधवा नेशनल पार्क में वर्ष 1984 में शुरू की गई गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत दुधवा के सोनारीपुर रेंज स्थित बांकेताल क्षेत्र के 33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को गैंडों के घर के रूप में विकसित कर गया। मार्च 1984 में आसाम से लाए गए दो नर और तीन मादा गैंडों को इस घर में बसाया गया। इसके बाद वर्ष 1985 में नेपाल से लाकर चार मादा गैंडों को इस परिवार में शामिल किया गया। अब इस गैंडा परिवार की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
गैंडों को नए घर में शिफ्ट करने की तैयारियां पूरी
केंद्रीय कृषि मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया और नारकोटिक्स विभाग से अनुमति लेने की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद गैंडों को बेहोश करने वाली दवाएं एट्रोफिन और ईमाबायोलियोन दक्षिण अफ्रीका से आयात की जा चुकी हैं। गैंडों को बांके ताल से भादी ताल तक पहुंचाने के लिए वाहन, उतारने और चढ़ाने के लिए क्रेन और रैंप आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं।
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आसाम से आ रही
गैंडा विशेषज्ञों की टीम
दुधवा नेशनल पार्क में वन्यजीव अपराधों से संबंधित एक कार्यशाला का आयोजन नौ और 10 मार्च को हो रही है। इसमें हिस्सा लेने के लिए आसाम से गैंडा विशेषज्ञ अमित शर्मा अपनी टीम के साथ आ रहे हैं। दुधवा पार्क के अधिकारी इस टीम के साथ गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 पर विस्तार से चर्चा कर रणनीति बनाएंगे।
दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 के तहत बेलरायां रेंज में 14.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को ऊर्जा चालित बाड़ से घेरकर बनाए गए गैंडों के नए घर में दो नर और तीन मादा गैंडों को शिफ्ट किया जा रहा है। इससे गैंडों को अंत: प्रजनन से पैदा होने वाले आनुवंशिक दोषों से बचाया जा सकेगा। 25 से 30 मार्च के बीच पांच गैंडों को नए घर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
सुनील चौधरी, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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...तो इस माह दुधवा में बस
जाएगा गैंडों का नया घर
पहले चरण में दो नर, तीन मादा गैंडों का होगा गृह प्रवेश
- दुधवा में गैंडा पुनर्वासन योजना का फेज-2 होगा शुरू
अशोक निगम
लखीमपुर खीरी।
दुधवा नेशनल पार्क के पांच गैंडों को इस माह के अंत तक एक नया घर मिलने वाला है। इस नए घर को बसने में आ रहीं बाधाएं दूर हो गई हैं। गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत दुधवा में पल रहे गैंडों के परिवार में से पांच सदस्यों को इस माह के अंत तक नए घर में गृह प्रवेश कराना तय हो गया है। इसके लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बेलरायां रेज के भादी ताल में बने इस नए घर में पहले चरण में प्रजनन के लिए पूरी तरह स्वस्थ और वयस्क दो नर और तीन मादा गैंडों को शिफ्ट करने की योजना है।
दुधवा नेशनल पार्क में वर्ष 1984 में शुरू की गई गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत दुधवा के सोनारीपुर रेंज स्थित बांकेताल क्षेत्र के 33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को गैंडों के घर के रूप में विकसित कर गया। मार्च 1984 में आसाम से लाए गए दो नर और तीन मादा गैंडों को इस घर में बसाया गया। इसके बाद वर्ष 1985 में नेपाल से लाकर चार मादा गैंडों को इस परिवार में शामिल किया गया। अब इस गैंडा परिवार की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
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गैंडों को नए घर में शिफ्ट करने की तैयारियां पूरी
केंद्रीय कृषि मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया और नारकोटिक्स विभाग से अनुमति लेने की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद गैंडों को बेहोश करने वाली दवाएं एट्रोफिन और ईमाबायोलियोन दक्षिण अफ्रीका से आयात की जा चुकी हैं। गैंडों को बांके ताल से भादी ताल तक पहुंचाने के लिए वाहन, उतारने और चढ़ाने के लिए क्रेन और रैंप आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं।
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आसाम से आ रही
गैंडा विशेषज्ञों की टीम
दुधवा नेशनल पार्क में वन्यजीव अपराधों से संबंधित एक कार्यशाला का आयोजन नौ और 10 मार्च को हो रही है। इसमें हिस्सा लेने के लिए आसाम से गैंडा विशेषज्ञ अमित शर्मा अपनी टीम के साथ आ रहे हैं। दुधवा पार्क के अधिकारी इस टीम के साथ गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 पर विस्तार से चर्चा कर रणनीति बनाएंगे।
दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 के तहत बेलरायां रेंज में 14.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को ऊर्जा चालित बाड़ से घेरकर बनाए गए गैंडों के नए घर में दो नर और तीन मादा गैंडों को शिफ्ट किया जा रहा है। इससे गैंडों को अंत: प्रजनन से पैदा होने वाले आनुवंशिक दोषों से बचाया जा सकेगा। 25 से 30 मार्च के बीच पांच गैंडों को नए घर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
सुनील चौधरी, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व