{"_id":"59f5d4bb4f1c1b7a548b9be4","slug":"161509283003-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूर मिस्त्रियों का बीमा करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूर मिस्त्रियों का बीमा करे सरकार
Updated Sun, 29 Oct 2017 06:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ। मनरेगा मजदूर मिस्त्री महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने कहा है कि सबसे ज्यादा घटनाएं मजदूर और मिस्त्रियों के साथ होती हैं, सरकार अपने खर्च से मजदूर मिस्त्रियों का पांच लाख का बीमा कराए। साथ ही ठेकेदारी प्रथा में टेंडर डालने की व्यवस्था को जड़ से समाप्त किया जाए।
भारत भूषण कॉलोनी स्थित जसकरनलाल शर्मा के आवास पर हुई प्रेसवार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से वार्ता कर उनके संगठन ने भाजपा को समर्थन दिया था, तब उन्हें आश्वासन दिया गया कि मजदूर मिस्त्रियों की दशा को सुधारा जाएगा। चुनाव जीतने के बाद सरकार बनने पर जनप्रतिनिधि अपने वादे से मुकर रहे हैं।
उन्होंने मांग की है कि जब तक सरकार 40 करोड़ मजदूर मिस्त्रियों की पोस्टिंग नहीं कर पाती तब तक 2000 रुपया प्रतिमाह भत्ता दिया जाए। वादे के मुताबिक विश्वकर्मा सम्मान कोष की स्थापना भी नहीं की गई, जबकि विश्वकर्मा समाज पर कुठाराघात कर भगवान विश्वकर्मा की छुट्टी भी खत्म कर दी गई।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांग की है कि सीतापुर के नैमिषारण्य में विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण कराया जाए, पत्रकार की दुर्घटना से मृत्यु या हत्या होने पर 20 लाख मुआवजा, एक बच्चे को सरकारी नौकरी, पत्नी को पांच हजार रुपया आजीवन पेंशन दी जाए तभी निम्न तबके के लोगों का भला हो सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार में मजदूर मिस्त्रियों के एक नेता को भी मनोनीत कराने की मांग की है।
विज्ञापन
भारत भूषण कॉलोनी स्थित जसकरनलाल शर्मा के आवास पर हुई प्रेसवार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से वार्ता कर उनके संगठन ने भाजपा को समर्थन दिया था, तब उन्हें आश्वासन दिया गया कि मजदूर मिस्त्रियों की दशा को सुधारा जाएगा। चुनाव जीतने के बाद सरकार बनने पर जनप्रतिनिधि अपने वादे से मुकर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की है कि जब तक सरकार 40 करोड़ मजदूर मिस्त्रियों की पोस्टिंग नहीं कर पाती तब तक 2000 रुपया प्रतिमाह भत्ता दिया जाए। वादे के मुताबिक विश्वकर्मा सम्मान कोष की स्थापना भी नहीं की गई, जबकि विश्वकर्मा समाज पर कुठाराघात कर भगवान विश्वकर्मा की छुट्टी भी खत्म कर दी गई।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांग की है कि सीतापुर के नैमिषारण्य में विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण कराया जाए, पत्रकार की दुर्घटना से मृत्यु या हत्या होने पर 20 लाख मुआवजा, एक बच्चे को सरकारी नौकरी, पत्नी को पांच हजार रुपया आजीवन पेंशन दी जाए तभी निम्न तबके के लोगों का भला हो सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार में मजदूर मिस्त्रियों के एक नेता को भी मनोनीत कराने की मांग की है।