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बाघ के हमले में मौत से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

Sat, 21 Oct 2017 09:45 PM IST
Updated Sat, 21 Oct 2017 09:45 PM IST
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बाघ के हमले में मौत से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
व‌िरोध-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
ममरी। महेशपुर-मोहम्मदी रेंज में बाघ हमले की बढ़ती घटनाओं से लोग गुस्से में हैं। यह गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। गांव अशर्फीगंज निवासी 20 वर्षीय युवक लालाराम की बाघ के हमले में मौत के बाद ग्रामीणों ने रेंज कोठी के सामने जाम लगा दिया। गांव वाले मृतक के परिवारीजनों को तत्काल मुआवजा दिए जाने और बाघ के हमलों की समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग कर रहे थे। सूचना के बाद भी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के न पहुंचने को लेकर खासी नाराजगी थी। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
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मोहम्मदी रेंज में सात माह के अंदर तीन लोग बाघ के हमले का शिकार हो चुके हैं। कठिना नदी के आसपास और गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद भी वन विभाग ने बाघ को जंगल के अंदर खदेड़ने का कोई इंतजाम नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ हमले के बाद ही वनकर्मी कुछ दिनों तक सक्रियता दिखाते हैं। इसके बाद शांत होकर बैठ जाते हैं। इससे भी ग्रामीणों में नाराजगी है।
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विधायक और अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने खोला जाम
हालात बेकाबू होते देख विधायक अरविंद गिरि, सीओ मोहम्मदी विजय आनंद, सीओ गोला अभिषेक प्रताप, एसडीएम योगानंद पांडे, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए और उत्तेजित भीड़ को समझाने का प्रयास करने लगे फिर भी रेंजर एसएन यादव वहां नहीं पहुंचे। फोरेस्टर ओपी वर्मा, रामनरेश वर्मा, कृष्ण कुमार, रमेश मिश्रा आदि वन कर्मी जब मौके पर पहुंचे और अधिकारियों ने उनसे वार्ता कर पीड़ित परिवार को विभाग से पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तब कहीं विधायक के समझाने पर भीड़ ने बांस बल्ली हटाकर जाम खोला। इस बीच रोड का यातायात चार घंटे ठप रहा। पुलिस ने तब कहीं जाकर मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विधायक ने डीएफओ को मौके पर बुलाकर घटना का निरीक्षण कराने और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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पहले भी हो चुके हैं बाघ के हमले बाघ के हमले की यह पहली घटना नहीं है बल्कि इससे पूर्व बाघ ने देवीपुर निवासी शर्मादीन को 12 अप्रैल की रात, 18 अप्रैल को घमहाघाट निवासी बलिहार सिंह की एक भैंस, 27 अगस्त को पसियापुर के नारायण लाल को अपना निवाला बना लिया था। तभी से बाघ सुंदरपुर गांव के इर्द गिर्द गन्ने के खेतों में देखा जा रहा था।

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बाघ की कराई जाएगी निगरानी
विधायक अरविंद गिरि के बुलाने पर महेशपुर धरनास्थल पर पहुंचे डीएफओ समीर वर्मा ने जब टीमें गठित कर बाघ की निगरानी कराए जाने और कागजी कार्रवाई पूरी कर पीड़ित परिवार को विभाग से पांच लाख रुपया मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तब जाकर उत्तेजित भीड़ ने मृतक के शव को उठाने दिया।
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