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मेड़ पर मगरमच्छ देखे जाने से मची खलबली, ग्रामीणों ने घेरा तालाब
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जंगबहादुरगंज। पसगवां कोतवाली क्षेत्र के गांव सिसौरा नासिर में खेत पर गए ग्रामीणों को मेड़ पर मगरमच्छ दिखाई दिया। जिससे खलबली मच गई। ग्रामीणों को देख मगरमच्छ पास स्थित सुलतना झाबर (तालाब) में छलांग लगा गया। ग्रामीणों ने तालाब को घेर कर वनविभाग को सूचना दे दी है।
गांव सिसौरा नासिर निवासी शाहबान, सफाकत, इब्राहिम आदि ग्रामीण मंगलवार की दोपहर झाबर निकट अपने खेतों पर गए थे। सुलतना झाबर के निकट मेड़ पर मगरमच्छ पड़ा देखा। इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई। भयभीत ग्रामीणों ने शोर शराबा किया तो वह तालाब में डुबकी लगा गया। एक दो बार मगरमच्छ पानी के ऊपर आया, लेकिन ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ के कारण वह बाहर नहीं निकला। प्रधान बब्बन खां ने वन विभाग को सूचना दी, जिस पर वन कर्मी रामनरेश और अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। दो घंटे झाबर के पास रुककर वापस लौट गए। उनका कहना है कि वातावरण शांत होने पर ही मगरमच्छ पानी के बाहर निकलेगा। तभी पकड़ा जा सकता है। फिलहाल भयभीत ग्रामीण शाम तक झाबर को घेरे हुए थे। संभावना जताई जा रही है कि मगरमच्छ शारदा नहर प्रखंड हरदोई से झाबर में आ गया है। नहर झाबर से आधा किमी दूर दक्षिण में है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मदी मोवीन आरिफ का कहना है कि गांव में वन कर्मी को भेजा गया है। तालाब की निगरानी कराई जा रही है।
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गांव सिसौरा नासिर निवासी शाहबान, सफाकत, इब्राहिम आदि ग्रामीण मंगलवार की दोपहर झाबर निकट अपने खेतों पर गए थे। सुलतना झाबर के निकट मेड़ पर मगरमच्छ पड़ा देखा। इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई। भयभीत ग्रामीणों ने शोर शराबा किया तो वह तालाब में डुबकी लगा गया। एक दो बार मगरमच्छ पानी के ऊपर आया, लेकिन ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ के कारण वह बाहर नहीं निकला। प्रधान बब्बन खां ने वन विभाग को सूचना दी, जिस पर वन कर्मी रामनरेश और अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। दो घंटे झाबर के पास रुककर वापस लौट गए। उनका कहना है कि वातावरण शांत होने पर ही मगरमच्छ पानी के बाहर निकलेगा। तभी पकड़ा जा सकता है। फिलहाल भयभीत ग्रामीण शाम तक झाबर को घेरे हुए थे। संभावना जताई जा रही है कि मगरमच्छ शारदा नहर प्रखंड हरदोई से झाबर में आ गया है। नहर झाबर से आधा किमी दूर दक्षिण में है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मदी मोवीन आरिफ का कहना है कि गांव में वन कर्मी को भेजा गया है। तालाब की निगरानी कराई जा रही है।
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